Wednesday, April 22, 2026
- Advertisement -

शादी के बाद शगुन किट अपनाएं, परिवार खुशहाल बनाएं

  • पति-पत्नी पहले एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझें फिर बच्चे की योजना बनायें

जनवाणी संवाददाता |

सहारनपुर: शादी के मौके पर मिलने वाले तमाम तोहफों में से उसी दरम्यान मिलने वाला एक खास तोहफा आपके पूरे जीवन को खुशहाल बना सकता है। बस जरूरत है उसकी खासियत को समझते हुए सही मायने में जीवन में अपनाने की । वह है क्षेत्रीय आशा कार्यकर्ता के माध्यम से शादी के तुरंत बाद शगुन के रूप में भेंट की जाने वाली नई पहल किट। इस किट में कई जरूरी सामग्री के साथ ही परिवार नियोजन के अस्थायी साधन कंडोम व गर्भ निरोधक गोलियों को भी शामिल किया गया है।

परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. सत्यप्रकाश का कहना है कि विवाह के बाद बहू के ससुराल में कदम रखते ही आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुभ शगुन के रूप में नई पहल किट का तोहफा देती हैं। इसका उद्देश्य नवविवाहित दम्पति को पारिवारिक और वैवाहिक जीवन के दायित्वों के लिए तैयार करना है ताकि वह अपना आगे का जीवन बिना संकोच और झिझक के खुशहाल, सुरक्षित और सुंदर बना सकें। सेहत के साथ ही आर्थिक बेहतरी के लिए जरूरी है कि बच्चे की योजना शादी के दो साल बाद ही बनाएं और दो बच्चों के जन्म में कम से कम तीन साल का अंतर जरूर रखें।

लाभार्थी सीमा सचदेवा का कहना है कि उनकी शादी पिछले साल को उनकी शादी हुई थी । जब वह ससुराल पहुंचीं तो आशा कार्यकर्ता ने शगुन के रूप में नई पहल किट भेंट की और परिवार को आगे बढ़ाने का निर्णय उचित समय पर ही लेने के बारे में विस्तार से समझाया। उस वक्त तो यह भी नहीं पता था कि इस किट में क्या है। परिवार नियोजन के नोडल अफसर सत्यप्रकाश का का कहना है कि जनपद में पिछले वित्तीय वर्ष में .छह हजार से ज्यादा शगुन किट ( नई पहल ) का वितरण किया जा चुका है। इसके साथ ही इस वित्तीय वर्ष में चल रहे सास-बहू-बेटा सम्मेलन के दौरान नई पहल किट का वितरण किये जाने की योजना है ।

शगुन किट की खासियत :

शगुन किट 12 से 13 इंच के चौकोर लाल रंग के साथ प्राकृतिक जूट के रंग में बना एक बॉक्स है, इसे स्वास्थ्य विभाग की ओर से नवदंपति को भेंट किया जाता है। बॉक्स में ह्लनया उपहार शगुन बेमिसाल, नई जोड़ी परिवार खुशहालह्ल का स्लोगन भी लिखा होता है।

शगुन किट में क्या है –

यूपी टीएसयू के जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ ने बताया – शगुन के इस किट में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक पत्र भी होता है, जिसमें परिवार नियोजन के फायदों के बारे में लिखा होता है। इस पत्र का उद्देश्य नवविवाहित दम्पति को जनसंख्या नियंत्रण के लिए सचेत करने के साथ दो बच्चों तक ही परिवार को सीमित रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

Delhi News: दिल्ली के नरेला में जूता फैक्टरी में भीषण आग, लाखों का नुकसान

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के नरेला इलाके...

अगली पीढ़ी के एआई का खाका

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) ने उल्लेखनीय प्रगति की है। ध्वनि...

12वीं के बाद खुलेंगे कॅरियर के द्वार

डॉ विजय गर्ग भारत में छात्र अक्सर 12वीं कक्षा पूरी...

विपक्ष से ज्यादा सत्ता पक्ष खुश क्यों है?

पहले भक्त अपने दिमाग का इस्तेमाल करते थे लेकिन...
spot_imgspot_img