Saturday, December 4, 2021
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शिक्षक एमएलसी के बाद स्नातक सीट पर कांग्रेस ने नहीं दिखाई हिम्मत, नेता भी कम दिखे

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जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शिक्षक एमएलसी में करारी शिकस्त खाने के बाद कांग्रेस के हाथ से स्नातक सीट भी निकलने जा रही है। जिस तरह से मतगणना का रुझान सामने आ रहा है उससे साफ जाहिर है कि कांग्रेस के पास एमएलसी चुनाव में खोने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। यही कारण है कि मतगणना के दूसरे दिन एक दो नेताओं को छोड़कर कोई भी प्रभावशाली नेता परतापुर कताई मिल में नहीं दिखाई दिया।

शिक्षक एमएलसी चुनाव में भाजपा ने अन्य पार्टियों को दिखा दिया कि 48 साल पुराने किले को ध्वस्त करने के लिये तीन साल से तैयारियां चल रही थी। कांग्रेस ने इससे सबक नहीं लिया और एमएलसी चुनाव में गंभीरता नहीं दिखाई। भाजपा ने स्नातक सीट को लेने के लिये जिस तरह से सालों पहले से वोट बनवाने शुरु किये थे उसका परिणाम देखने को मिल रहा है कि कांग्रेस 10 राउंड की गिनती के बाद भी मुकाबले में नहीं दिख रही है।

भाजपा प्रत्याशी दिनेश कुमार गोयल और निर्दलीय हेम सिंह पुंडीर के बीच मुकाबला चल रहा है हालांकि पुंडीर भी कोई खतरा नहीं बन रहे है लेकिन चार बार के एमएलसी रह चुके पुंडीर को भी झटका लगना तय हो गया है। दरअसल, किसी को उम्मीद नहीं थी कि शिक्षक सीट पर भाजपा ओम प्रकाश शर्मा के वर्चस्व को एकबारगी खत्म कर देगी।

शुक्रवार को परतापुर कताई मिल में मौजूद कुछ कांग्रेसियों ने कहा भी कि जब पार्टी के जिला और शहर स्तर के नेताओं ने वोट बनवाना जब प्रमुखता से नहीं लिया फिर जीत की उम्मीद करना बेमानी ही कहा जाएगा। इन नेताओं ने अपने स्थानीय संगठन को दोषी ठहराते हुए कहा कि कांग्रेस को एक प्रभावी उम्मीदवार तक नहीं मिला जो भाजपा को टक्कर दे सके। जब मतगणना शुरु हुई और शुक्रवार की सुबह तीन चार राउंडों की गिनती पूरी होने के बाद परिणाम घोषित हुए तो कांग्रेसी नेता एक एक करके कताई मिल से खिसक लिये।

कताई मिल के बाहर भी लगे कांग्रेसी पंडाल में उत्साह देखने को नहीं मिला वहीं सपा के पंडाल में जरूर सुबह से लेकर दोपहर बाद तक रौनक दिखाई दी। हालांकि उनको प्रत्याशी जीत की दौड में भी नहीं दिखा एक भी राउंड की गिनती में। कुल मिलाकर कहा जाए तो एमएलसी चुनाव में विपक्षी दलों ने एक तरह से भाजपा के सामने वॉक ओवर ही दे दिया, क्योंकि जिस तरह से यह मुकाबले काफी कठिन माने जा रहे थे वो उतने संघर्षपूर्ण साबित नहीं हुए।

सुस्ती दिखा रही पुलिस को आईजी के निरीक्षण ने दी ताकत

एमएलसी चुनाव के बाद हो रही मतगणना के दूसरे दिन पुलिसकर्मियों में थकान और सुस्ती साफ दिख रही थी। इस कारण पुलिसकर्मी भी अधिकारियों से बेपरवाह होकर इधर-उधर घूमने लगे थे। इस हालात को देखते हुए पहले एसपी ट्रैफिक ने ऐसे पुलिसकर्मियों को आड़े हाथों लिया और बाद में आईजी के आने से पुलिसकर्मियों में फुर्ती आ गई।

परतापुर कताई मिल में चल रही मतगणना के दूसरे दिन सुबह से ही पुलिसकर्मियों में अनुशासनहीनता दिखने लगी थी। हर कोई अपने डयूटी प्वाइंट से इधर-उधर घूमता दिख रहा था। वहां मौजूद एस पी ट्रैफिक जितेन्द्र श्रीवास्तव को नागवार गुजरा और उन्होंने माइक उठाकर ड्यूटी छोड़कर इधर-उधर घूम रहे पुलिसकर्मियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी और हड़काया। इसके बाद पुलिसकर्मी तो वापस आ गए लेकिन इनके अंदर डयूटी के प्रति रुचि नहीं दिख रही थी।

उन्होंने कहा कि ड्यूटी छोड़कर घूम रहे हैं। पुलिसकर्मी यदि चेकिंग के दौरान पकड़े गए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा अधिकारी के एनाउंस करने के बाद पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। थोड़ी देर बाद आईजी प्रवीण कुमार आ गए और उनको देखकर पुलिसकर्मियों में मानो जोश आ गया और आनन फानन में लोग अपने प्वाइंटस पर तैनात हो गए। गौरतलब है कि मतगणना की सुरक्षा के लिये तीन एडिशनल एसपी, 7 सीओ, 7 थाना प्रभारी, 24 दारोगा, 250 सिपाही समेत महिला पुलिसकर्मियों के साथ खुफिया विभाग लगाया गया है।

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