Thursday, May 13, 2021
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राजनीत में दूरगामी परिणाम वाली अंजलि की जीत

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  • सपा प्रत्याशी ने विपरीत परिस्थितियों में हासिल की जीत
  • पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह की पुत्रवधू शैफाली दूसरी बार जीतीं
  • आधा दर्जन से अधिक सीटों पर जीते सपा-रालोद प्रत्याशी

जनवाणी ब्यूरो |

शामली: जिला पंचायत अध्यक्ष का पद अबकी बार अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है। अध्यक्ष का पद किसके सिर सजेगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन जिस तरह से विपरित परिस्थितियों में बडेÞ अंतर से समाजवादी पार्टी समर्थित प्रत्याशी अंजलि ने जीत हासिल की है।

राजनीतिक गलियारों में दूरगामी परिणाम देने वाली माना जा रहा है। दूसरी ओर, पूर्व कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र सिंह की पुत्रवधू शैफाली चौहान ने जहां जीत हासिल की है, वहीं उनके पुत्र मनीष चौहान की सीट से मधु गुर्जर ने भी जीत गई हैं।

शामली जनपद में जिला पंचायत के 19 वार्ड हैं। शाम पांच बजे तक आए रूझान के मुताबिक 5 वार्डों में राष्ट्रीय लोकदल तथा 3 में भाजपा समर्थित प्रत्याशी निर्णायक बढ़ हासिल कर चुके थे जबकि समाजवादी पार्टी के प्रतिष्ठा का प्रश्न बना वार्ड-1 में उसका असली इम्तिहान हुआ।

यहां से सपा के निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य ठा. शेरसिंह राणा ने अपने करीबी की पत्नी अंजलि को चुनाव मैदान में उतारा था। अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित वार्ड में अंजलि ने बड़े अंतर से जीत हासिल की। इस जीत को अंजलि की कम बल्कि ठा. शेरसिंह राणा की जीत अधिक माना जा रहा है।

दरअसल, अंजलि को जीत की मंजिल तक पहुंचाने के लिए शेरसिंह राणा को काफी झंझावतों से होकर गुजरना पड़ा। वोटिंग वाले दिन पुलिस ने थाने बैठा लिया तो मतगणना केंद्र से उनको बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। एससी महिला के लिए आरक्षित वार्ड-8 से रालोद प्रत्याशी सुनीता देवी चुनाव हार गई। वा

र्ड-1 व 8 से भाजपा प्रत्याशी क्रमश: सीमा देवी तथा सविता भी चुनाव हार गईं। वार्ड-8 से निर्दलीय बबली ने जीत हासिल की है। ऐसे में अब विपक्ष की निगाहें अंजलि पर टिक गई है। जिला पंचायत में अगर सपा-रालोद के निर्णयक सदस्य जीत कर आए तो फिर रालोद-सपा गठबंधन अध्यक्ष पद के लिए अंजलि पर दांव खेल सकता है। अगर जिला अध्यक्ष पद पर सपा-रालोद गठबंधन कामयाब हो गया तो फिर उसके दूरगामी परिणाम आएंगे। प्रमुख: अगले साल विधानसभा चुनाव में कुछ नया होना तय है।

दूसरी ओर, भाजपा खेमे के लिए खुशी की बात है कि वार्ड-14 से विजयी मधु अनुसूचित जाति से हैं। मधु पूर्व कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र सिंह गुर्जर की करीबी मानी जा रही हैं। मधु महिला वार्ड से जीतकर आर्इं इसलिए भाजपा उन पर अध्यक्ष पद के लिए दवा लगा सकती है लेकिन देखना होगा कि भगवा खेमे में इस पर सहमति बन पाएगी या नहीं। क्योंकि भाजपा के एक खेमे की नजरें वार्ड-8 से चुनाव जीती निर्दलीय बबली देवी पर भी टिक गई हैं।

हालांकि मधु के अलावा पूर्व कैबिनेट मंत्री की पुत्रवधू शैफाली ने वार्ड-16 से बड़े अंतर से जीत हासिल की है। अगर मधु अध्यक्ष पद की दावेदार बनती हैं तो फिर गुर्जर क्षत्रप के पुराने साथी ठा. शेरसिंह राणा और अनिल टीनू बाबरी उनसे दूरी बना लें, इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं।

इसलिए जिला पंचायत अध्यक्ष का मुकाबला अबकी बार रोचक होने के आसार बन गए हैं। इस पर भाजपा के कद्दावर नेताओं की जहां प्रतिष्ठा जुड़ी होगी, वहीं रालोद तथा सपा के लिए खोने जैसा कुछ नहीं होगा, उसको जो मिलेगा वह प्लस ही होगा।

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