Thursday, April 30, 2026
- Advertisement -

सहायक अध्यापक बदलेंगे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालय की दशा

  • शासन द्वारा नवनियुक्त शिक्षकों को सौंपी ग्रामीण क्षेत्रों की जिम्मेदारी
  • जनपद में 110 एवं प्रदेश में 31277 सहायक अध्यापक करेंगे पदभार ग्रहण

जनवाणी ब्यूरो |

मेरठ: ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य को सुधारने की जिम्मेदारी अब नवनियुक्त सहायक अध्यापकों के हाथ में होगी। जिससे वह अपने अनुभव के आधार पर बच्चों को शिक्षा के नए-नए अध्याय सिखाएंगे।

क्योंकि शासन द्वारा जनपद में 110 एवं प्रदेश में 31277 सहायक अध्यापक नवनियुक्त शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी सौंपी है। जिससे वह ग्रामीण परिदृश्य में पढ़ने वाले बच्चों को भी उच्च स्तर के शिक्षा ग्रहण करा सकें और प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों के अनुपात में सुधार करते हुए बच्चों के अनुरुप व्यवस्था की जा सकें।

ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित बेसिक शिक्षा से संबंधित क्पोजिट विद्यालय एवं अन्य प्राथमिक विद्यालय में एक शिक्षक पर 40 से ज्यादा बच्चों का पढ़ाने का भार है। इस तरह के उद्हारण कई जगह देखने को मिल जाएगें। ऐसे में शासन के निर्देश के अनुसार सहायक अध्यापकों को ऐसी ही जगह पर कमान सौंपी जा रही हैं।

जिससे वहां पर बच्चों के अनुपात के अनुसार शिक्षकों की व्यवस्था हो सकें। वहीं, पूर्व में भी नए शिक्षकों की तैनाती के बाद प्राथमिक विद्यालय की तस्वीर में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां पहले माता-पिता अपने बच्चों को प्राथमिक विद्यालय भेजना नहीं चाहते थे। वहीं, दूसरी ओर नए शिक्षकों के आने के बाद उन्होंने नए-नए आइडिया का उपयोग करते हुए काफी बदलाव किया है। जिससे माता-पिता भी अपने बच्चों को प्राथमिक विद्यालय भेजने लगे है। वहीं, व्यवस्था नए सहायक अध्यापकों की नियुक्त करने के बाद और बदलाव देखने को मिलेगा।

आज से तीन नबंवर तक शिक्षक करेंगे कार्यभार ग्रहण

विद्यालय आवंटित होने के पश्चात सभी सहायक अध्यापक 31 अक्टूबर से तीन नवंबर तक विद्यालय में कार्यभार ग्रहण कर सकते हैं। उसके पश्चात सभी शिक्षक अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए शिक्षा व्यवस्था में बदलाव ला सकते है। वहीं, काफी सहायक अध्यापक ऐसे भी है जो पहले शिक्षामित्र के रूप में कार्य कर चुके हैं। ऐसे में वह शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने में अहम् योगदान निभा सकते हैं।

बता दें कि प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा के स्तर को सुधारने एवं पर्याप्त मात्रा में विद्यालय में शिक्षकों की तैनाती के लिए तीव्रता से कार्य कर रही हैं। जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 अक्टूबर को कि 69000 सहायक शिक्षकों में से 31277 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र देकर शिक्षकों को दीवाली का उपहार दिया था। इसमें मेरठ के भी 128 सहायक अध्यापक शामिल थे, लेकिन 112 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र वितिरत हो सकें।

अन्य 16 में से कुछ काउंसिलिंग में उपस्थित नहीं हुए थे। इस संबंध में एबीसए चरण सिंह ने कहा कि बेसिक शिक्षा से संबंधित प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को काफी अच्छी शिक्षा दी जा रही है। साथ ही सहायक अध्यापकों की तैनाती भी ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही है।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

किसानों के लिए वरदान हैं बैंगन की टॉप 5 किस्में

किसानों के लिए बैंगन की खेती में बेहतर उत्पादन...

धान उगाने की एरोबिक विधि

डॉ.शालिनी गुप्ता, डॉ.आर.एस.सेंगर एरोबिक धान उगाने की एक पद्धति है,...

बढ़ती मांग से चीकू की खेती बनी फायदेमंद

चीकू एक ऐसा फल है जो स्वाद के साथ-साथ...

झालमुड़ी कथा की व्यथा और जनता

झालमुड़ी और जनता का नाता पुराना है। एक तरफ...

तस्वीरों में दुनिया देखने वाले रघु रॉय

भारतीय फोटो पत्रकारिता के इतिहास में कुछ नाम ऐसे...
spot_imgspot_img