- शहीद मदनपाल चौहान की प्रतिमा पर माल्यार्पण
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: विजय दिवस के अवसर पर कांग्रेसियों ने भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए सैनिकों का भावपूर्ण स्मरण किया। साथ ही, युद्ध में दुश्मनों के दांत खट्टे करने वाले मदनपाल चौहान की प्रतिमा पर उनके पैतृक गांव जसाला में जाकर माल्यार्पण किया।
बुधवार को विजय दिवस के उपलक्ष्यमें जिला एवं शहर कमेटी के अलावा सभी विभागों के नेतृत्व में राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गई। साथ ही, 16 दिसंबर 1971 के दिन युद्ध में भारत की पाक पर जीत को विजय दिवस के रूप में मनाया गया। इस युद्ध में शामली जनपद के जांबाजों ने वीरता और शौर्य से दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए थे। गांव जसाला निवासी कैप्टन मदनपाल चौहान ने दुश्मनों के 40 टैंकों को ताबूत में बदल दिया था।
उनको मरणोपरांत वीर चक्र से नवाजा गया था। भारत ने पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों को बंदी बना लिया था। कैप्टन मदनपाल चौहान के अलावा गांव डांगरौल के हरपला सिंह, नाला के चरण सिंह, बुटराडी के जगदीश प्रसाद, कुरमाली के जयपाल सिंह नायक युद्ध में शहीद हुए थे। कांग्रेसी गांव जसाला में पहुंचें और कैप्टन मदनपाल चौहान की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। साथ ही, उनके भतीजे मधुसूधन को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
इस अवसर कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपक सैनी, प्रवीण तरार, अनुज गौतम, वैभव गर्ग, धर्मेंद्र काम्बोज, श्यामलाल शर्मा, प्रदीप राठी, वीरपाल, धीरज उपाध्याय, लोकेश कटारिया, जुबैद खान, नरेंद्र मलिक, रामशरण नामदेव, हितेंद्र खैवाल, सोएब काजी, फैजान, हारुन अंसारी, निन्ना अंसारी, प्रदीप कश्यप, राहुल शर्मा, विनोद अत्री, महाबीर, श्याम सैनी आदि मौजूद रहे।
दूसरी ओर, शहर के बलभद्र मन्दिर स्थित पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा के आवास पर कांग्रेसियों की बैठक में विजय दिवस मनाते हुए भारतीय शहीदों को याद किया गया। इस अवसर ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि आज ही के दिन कांग्रेसनीत सरकार की मुखिया पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा अपनी कूटनीति और भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य के बल पर पाकिस्तान को दो टुकड़ों में विभाजित करके बंगलादेश नाम के नए देश को अस्तिव प्रदान किया गया था। 13 दिन के युद्ध मे ही पाकिस्तान के दांत खट्टे कर दिए थे।
इस अवसर पर बाबू खान, योगेश भारद्वाज, पुनीत शर्मा, रविन्द्र आर्य, अशोक जैन, ज्योति प्रशाद शर्मा, ठाकुर लाखन सिंह, प्रधुम्न चौधरी, अविनाश शर्मा आदि उपस्थित रहे।

