- अपराधी साबिर के साथ पुलिस मुठभेड़ में हुआ था शहीद
जनवाणी संवाददाता |
कैराना: तीन साल पहले मुकीम काला गैंग के दुर्दांत अपराधी साबिर जंधेडी के साथ पुलिस मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए कांस्टेबल अंकित तोमर को उसकी पुण्यतिथि पर पुलिसकर्मियों ने अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी।
वर्ष 2018 में दो जनवरी की रात में कैराना कोतवाली क्षेत्र के गांव जंधेडी में कुख्यात बदमाश मुकीम काला गैंग के शार्प शूटर दुर्दांत अपराधी साबिर के घर आने की सूचना मिलने पर तत्कालीन एसपी डा. अजय पाल शर्मा ने पुलिस टीम के साथ बदमाश साबिर के मकान की घेराबंदी की थी।
मुठभेड़ के दौरान साबिर की गोली कांस्टेबल अंकित तोमर तथा कोतवाल भगवत सिंह को लग गई थी। घायल कांस्टेबल अंकित तोमर को नोएडा के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
दो दिन तक कांस्टेबल अंकित तोमर जिंदगी मौत के बीच लड़ता रहा लेकिन 4 जनवरी 2018 को अंकित तोमर इलाज के दौरान जिंदगी से जंग हार गया था। सोमवार को शहीद अंकित तोमर की तीसरी पुण्यतिथि पर कोतवाली प्रभारी प्रेमवीर राणा व समस्त उपनिरीक्षको व पुलिसकर्मियों द्वारा शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
दरअसल, हरियाणा की जेल में बंद कुख्यात बदमाश मुकीम काला गैंग के शार्प शूटर रहें साबिर जंधेडी के नाम के से हर कोई सहम जाता था। मुकीम काला गैंग ने साबिर जैसे दुर्दांत अपराधी के बलबूते ही अपराध का एक साम्राज्य खड़ा किया था।
यह गैंग दिनदहाड़े खादर क्षेत्र सहित नगर के व्यापारियों को अपने टारगेट पर रखते थे तथा रंगदारी मांगने व रंगदारी न देने पर मजलूमों की हत्या की जाती थी। जिसके चलते कैराना में रंगदारी प्रकरण भी चर्चित रहा था। व्यापारी अपना व्यापार बंद कर दूसरे प्रदेशों में पलायन करने को मजबूर हो गए थे।
उस दौरान दुर्दांत अपराधी साबिर को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान मार गिराया था। जिसके बाद मुकीम काला गैंग पूरी तरह टूट गया था। बदमाश साबिर के मारे जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी।

