- 22 में से 15 पदक बेटियों के नाम, पदक पाने वाले बच्चों से ज्यादा उनके परिवार वाले नजर आए गदगद, बोले-सपना पूरा होने जैसा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 16वें दीक्षा समारोह का बुधवार को आयोजन किया गया। अध्यक्षता राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की। उन्होंने 22 छोत्रों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पदक दिए। 22 में से 15 पदक बेटियों ने अपने नाम कर काबलियत व कौशल का परिचय दिया

इसके अलावा विभिन्न विषयां में स्नातक के लिए 370, स्नातकोत्तर, जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, उद्यान महाविद्यालय, खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, कृषि अभियंत्री महाविद्यालय, एवं पशु चिकित्सा महाविद्यालय के 18 छात्र-छात्राओं को कुलपति स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदकों से सम्मानित किया गया।
प्रगति के पथ पर तेजी से अग्रसर
इस मौके पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर हो रहा है। यह पश्चिम उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में सकारात्मक ऊर्जा के साथ सतत प्रगति कर रहा है। खाद्यान्न सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के शोध करने चाहिए जो कि समय व मांग के अनुसार हों। उनका अपनाकर किसानों की आय में वृद्धि हो सके। आज के युग में नई मशीनों जैसे ड्रोन आदि से कृषि संबंधित तकनीको को किसानों तक पहुंचाना होगा। इससे जहां लागत में कमी आएगी। वहीं, दूसरी ओर किसान का श्रम व समय भी बच सकेगा।
महिला सशक्तिकरण पर बल
राज्यपाल ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए महिला केंद्रों की स्थापना जरूरी है। महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वाभिमान और आर्थिक स्वाबलंबन के लिए प्रेरित करने के लिए इनकी बहुत जरूरत है। उन्होंने कहा कि यहां के कृषि वैज्ञानिक भविष्य की जरूरतों व चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अपने शोध कार्य को करें।

पर्यावरण संरक्षण जरूरी
ऐसी योजनाएं बनायी जानी चाहिए जिनसे पर्यावरण को संरक्षित किया जा सके। पर्यावरण के लिए अनुकूल, टिकाऊ व कम लागत में उत्पादन देने वाले हों। प्राकृतिक संसाधनों का कम से कम दोहन हो, पर्यावरण पर कोई विपरीत प्रभाव न डालने वाली योजना बनाया जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि कृषि पद्धति महंगी होगी तो कृषि उत्पादन भी महंगा होगा। फलस्वरूप प्रत्येक उपभोक्ताओं को खाने पीने के सामान के लिए तुलनात्मक रूप से अधिक मूल्य चुकाना होगा। इससे उपभोक्ता वस्तुओं के दाम भी काफी बढ़ जाएंगे।
शोध पर ध्यान दिया जाए
सबसे ज्यादा शोध पर दिया जाना चाहिए। कृषि विविधकरण के साथ साथ जरूरी है कि कृषक व कृषि व्यवसाय में लगे हुए उद्यमियों के स्रोत भी विविधकृत हों ताकि हर हालात में एक समुचित आय सुनिश्चित की जा सके। यह बताने में खुशी हो रही है कि कृषि विश्वविद्यालय में एग्री इन्क्ययूवेशन सेंटर की स्थापना कर दी गयी है। विवि के कुछ छात्र जैव नियंत्रण उत्पादन के क्षेत्र में स्टार्टअप की परिकल्पना लेकर आगे आ रहे हैं।
मुझे पूरा विश्वास है कि ऐसे बच्चे जरूर सफल होंगे। इनके स्टार्टअप का लाभ किसानों को जरूर मिलेगा। हमारा इन्क्यूवेशन सेंटर अपने उद्देश्यों की पूर्ति में सक्षम होगा। इसी प्रकार एग्रोटूरिज्म, वैल्यू एडेड फूड प्रोसेसिंग, गुणवत्त युक्त बीज, नर्सरी उत्पादन तथा आर्गेनिक खेती जैसे सर्वोच्च स्टार्टअप के क्षेत्र में भी छात्रों को अपने पविचारों के साथ आगे आने चाहिए। सभी क्षेत्रों में उद्यमिता विकास की अपार संभावना है।
सरदार वल्लभभाई पटेल का करें अनुसरण
मुख्य अतिथि व आईटीआई खड़कपुर के निदशेक प्रो. वीरेन्द्र तिवारी ने उपाधि पाने वालों सभी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल से प्रेरणा लेकर उनके बताए रास्ते पर चले। उनके चरित्र का अनुसरण करें। कृषि शिक्षा में उत्कृष्ट शोध कर भारतीय किसानों को सशक्त करें।

उन्होंने उन्नत कृषि तकनीक जैसे प्रसीजन, फार्मिंग, स्मार्ट मशीनें, सस्टेनेबल कृषि, सूक्ष्म सिंचाई व्यवस्था से किसानों को परिचित कराने पर जोर देते हुए विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों व शोध छात्रों को इस परिवर्तनकारी युग के मौसम के अनुसार फसल संबंधित सलाह किसानों तक पहुंचाने की विधियों को विकसित करने पर बल दिया।
कुलपति ने दी कार्यक्रमों की जानकारी
कुलपति प्रो. केके सिंह ने दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों तथा भविष्य में चलाए जाने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंनें कहा कि शिक्षा, शोध व प्रसार को लेकर लगातार काम चल रहा है। शिक्षा का उद्देश्य ऐसे छात्रों को तैयार और प्रशिक्षित करना होता है। जिससे वे सत्यनिष्ठा, ईमानदारी व दृढ़ता के साथ जीवन में आगे बढ़ सकें। उन्हें यह जानने में मदद करें कि जीवन में क्या सत्य है और क्या असत्य है।

जीवन में हमेशा कुछ न कुछ करते रहने व सीखने की ललक बनी रहनी चाहिए। ज्ञान का कोई अंत नहीं। विवि के छात्रों में रोजगार प्रदाता की भावना विकसित करने के लिए एक एग्री इन्क्यूवेशन सेंटर की स्थापना कर दी गयी है। विश्वविद्यालय के छात्र जैव नियंत्रण उत्पादन के क्षेत्र में स्टार्टअप की परिकल्पना लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
मेडल मिले तो चेहरे खिले
साक्षी यादव बीएससी कृषी आॅनर्स को कुलपति स्वर्ण पदक, शैलेश कुमार बीएससी आॅनर्स कृषि को कुलपति रजत पदक, ज्योति सिंह बीएससी आॅनर्स कृषि को कुलपति कांस्य पदक, अंकुर सिंह बीटेक को कुलपति स्वर्ण पदक, केशव तिवारी बीटेक को कुलपति रजत पदक, अवनीश चौहान बीटेक को कुलपति कांस्य पदक, उत्तम पटेल बीटेक बायोटेक्नोलॉजी को कुलपति स्वर्ण पदक, प्रांजलि कौर सिद्धु बीटेक कुलपति रजत पदक, श्रद्धा बीटेक को कुलपति कांस्य पदक, अर्पणा यादव बीटेक फूड टेक्नोलाजी को कुलपति स्वर्ग पदक,
गौरी अग्रवाल बीटेक फूड टेक्नोलाजी कुलपति रजत पदक व इसी वर्ग में अंजली चौधरी को कुलपति कांस्य पदक, रिद्धि बिष्ट बीएससी आॅनर्स कुलपति स्वर्ण पदक व इसी वर्ग की दिव्या अग्निहोत्री को रजत व अभिषक वर्मा को क्रमश कांस्य पदक मिला। रुचिका शर्मा बीएससी एंड एएच को कुलपति स्वर्ण पदक, सूरज धनकड़ बीएससी एंड एएच को कुलपति रजत पदक व स्वपनल यादव को बीएससी एंड एएच को कुलपति प्रदान किया गया।
कुलाधिपति स्वर्ण पदक
विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह में सबसे सम्मानित व गौरवपूर्ण पदक कुलाधिपति स्वर्ण पदक होता है। सरदार पटेल कृषि विश्विवद्यालय के सूरज धनकड़ को यह पदक हासिल करने का सौभाग्य मिला। जैसे ही स्टेज पर वह कुलाधिपति के हाथों यह पदक लेने पहुंचे पूरा हाल देर तक तालियों से गूजता रहा। सभी ने सूरज धनकड़ को बधाई दी।

