- दलित युवक की हत्या का पर्दाफाश न होने पर भड़के, कहा-पुलिस हत्या को बता रही हादसा
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: लित युवक की मौत मामले का दो महीने बाद भी पर्दाफाश नहीं हो पाया है। परिजनों के अनुसार युवक की हत्या हुई थी। पुलिस इसे हादसा बता रही है। मामले का खुलासा न होने पर गुरुवार को भीम आर्मी भारत एकता मिशन से जुड़े लोगों ने डीएम कार्यालय पर धरना दिया। धरने के दौरान प्रदर्शन करते हुए पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया कि दलित समाज के लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है। युवक की हत्या कर दी गई लेकिन पुलिस उसे दुर्घटना बता रही है।
भीम आर्मी जिलाध्यक्ष रजत निठारिया के नेतृत्व में पुरुष और महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। डीएम को दिये गए ज्ञापन में बताया कि 28 नवंबर की रात 10:00 बजे चरथावल ब्लॉक के गांव लकड़संदा निवासी दलित युवक मनोज को गांव के ही एक व्यक्ति ने फोन कर बुलाया था। बताया कि कुछ घंटे बाद ही सड़क पर मनोज का शव बरामद हुआ। सूचना गांव के प्रधान राहुल के भाई सोनू ने दी।
आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस ने आरोपियों से साठगांठ कर कार्रवाई नहीं की। मामला हत्या का होने के बावजूद उसे दुर्घटना बता दिया गया। हत्या का कारण मारपीट था। पुलिस ने इस मामले को रफा-दफा करते हुए मनोज की मौत नीलगाय की टक्कर से बता दी। रजत निठारिया ने कहा कि मौजूदा सरकार में दलित वर्ग का उत्पीड़न बढ़ता जा रहा है। पुलिस आरोपियों को संरक्षण दे रही है। चेतावनी दी गई कि यदि पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर हुए भीम आर्मी के धरना प्रदर्शन में राजदीप, मोनिस बौद्ध, आज़ाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष जगदीश पाल, शिवम कुमार, रोहित कुमार, बॉबी, रणजीत मोहित आदि शामिल रहे।

