- प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने किया था जोन-बी का औचक निरीक्षण, मिले थे अवैध निर्माण
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर में चल रहे अवैध निर्माणों को लेकर एमडीए उपाध्यक्ष मृदुल चौधरी ने सख्त तेवर अपना लिये हैं। प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने जोन-बी का औचक निरीक्षण किया था, जिसमें अवैध निर्माण की बाढ़ आई हुई थी। अवैध निर्माण कराने के लिए मेट व अनुचरों को प्राधिकरण वीसी ने प्रथम दृष्टया जिम्मेदार मानते हुए आठ प्राधिकरण कर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया हैं। वीसी की इस कार्रवाई से प्राधिकरण में हड़कंप मच गया है। अवैध निर्माण रोकने के लिए यह बड़ी कार्रवाई है।
मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) उपाध्यक्ष मृदुल चौधरी ने पांच दिन पहले जोन-बी रोहटा रोड व अन्य स्थानों का प्राधिकरण की टीम साथ में लेकर निरीक्षण किया था। जगह-जगह पर अवैध निर्माण होता पाया गया, जिसको लेकर प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने जोनल अधिकारी, एई व जेई को कड़ी फटकार लगाई थी। जोन-बी में उन्हें व्यापक स्तर पर अवैध निर्माण मिले थे, जिनकी पूरी सूची तैयार की गई।
कौन-कौन एई व जेई का कार्यक्षेत्र था तथा कौन अनुचर व मेट की ड्यूटी अवैध निर्माण रोकने के लिए लगाई गयी थी। इसकी बारीकी से जांच पड़ताल की गई, जिसके बाद प्रथमदृष्टया अनुचार व मेट को अवैध निर्माण के लिए प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने जिम्मेदार माना हैं,जिसके बाद ही आठ कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया हैं। इतनी बड़ी तादाद में पहली बार एमडीए कर्मियों का निलंबन हुआ हैं।
जिन कर्मचारियों को निलंबित किया गया हैं,उनमें जोन-बी-2 में पवेन्द्र सिंह अनुचर, पुपेन्द्र अनुचर, करेशपाल मेट, जोन-बी3 में योगेन्द्र कुमार मेट, मुकेश पाल सिंह मेट, धर्मपाल अनुचर, बी-4 में जगनारायण सिंह मेट, योगेन्द्र कुमार मेट शामिल है। यह पूरी कार्रवाई जोन-बी में की गई है। जोन-बी में ही वीसी ने औचक निरीक्षण किया था, जहां पर अवैध निर्माण की भरमार मिली है।
यह पूरा ऐरिया रोहटा रोड क्षेत्र व अन्य शामिल है। फिलहाल जोन-बी का प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने निरीक्षण किया हैं, बाकी जोन अभी बचे हुए हैं। उनका भी कभी भी निरीक्षण किया जा सकता हैं, जिसमें अवैध निर्माण के सवाल पर और भी प्राधिकरण कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
एई और जेई पर भी गिरेगी गाज
मेट और अनुचर को अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए निलंबन की गाज गिराई गयी हैं, लेकिन एई व जेई पर भी कार्रवाई संभव हो सकती है। संबंधित एई व जेई से भी लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है, जिसके बाद इंजीनियरों पर निलंबन की कार्रवाई के लिए शासन को चिठ्ठी लिखी जाएगी। यही नहीं, जोनल प्रभारी से भी अवैध निर्माण को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। क्योंकि इंजीनियरों से लेकर तमाम संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

