- सेंटर पर किया जा रहा था लिंग परीक्षण
- हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मारा छापा, आधा दर्जन लोग गिरफ्तार
जनवाणी संवाददाता |
नहटौर: हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लिंग परीक्षण करने वाले एक फर्जी डायग्नोस्टिक सेंटर पर छापा मारकर आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लिंग परीक्षण करने के दौरान रंगे हाथों पकड़े गए हैं। उनके पास से 15 हजार रूपए की रकम भी बरामद कर ली गई। एसीएमओ ने मौके पर पहुंचकर अपनी मौजूदगी में सेंटर पर सील लगा दी गई है।
हरियाणा के अंबाला स्वास्थय विभाग की डिप्टी सिविल सर्जन बलविंदर कौर के नेतृत्व में गुरुवार को एक टीम नहटौर पहुंची। टीम जीपीएस सिस्टम के तहत हरियाणा से ही गर्भवती महिला की कार का पीछा कर नहटौर पहुंची। वह पीर की चुंगी के निकट फर्जी तरीके से चल रहे एक डायग्नोस्टिक सेंटर पर अपने साथ हरियाणा से लाई गई स्त्री को लिंग परीक्षण के लिए डायग्नोस्टिक सेंटर में भेज दिया।
इसके बाद सेंटर संचालक ने 30 हाजर रुपये में लिंग परीक्षण करने की बात कही। बात तय होने पर अंबाला से आई टीम ने सेंटर पर छापा मार दिया छापामार कार्रवाई से डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक व कर्मचारियों में हडकम्प मच गया। टीम ने लैब संचालक सहित आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
इनमें दो आरोपी हरियाणा के कुरुक्षेत्र के रहने वाले हैं। मौके से कई सबूत भी पाए गए हैं। उनके पास से 15 हजार रूपए की नकदी बरामद कर ली गई। सभी आरोपियों को पुलिस के हवाले कर मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। पकड़े आरोपियों ने अपना नाम लेब संचालक मनोज पुत्र राजपाल धामपुर, पंकज पुत्र योगेंद्र नवादा चौहान नहटौर, देशराज पुत्र रामकिशन गांव दबतला, शशि पुत्र बाबूराम नगीना, मनोज पुत्र जगदीश व कुल्वेंद्र पुत्र रामपाल निवासी कुरुक्षेत्र हरियाणा बताया। वहीं एसीएमओ बिजनौर ने लैब को सील कर दिया और पुलिस ने मामले में अग्रिम कार्यवाही शुरु कर दी।
जीपीएस सिस्टम से चला सेंटर का पता: बलविंदर कौर
नहटौर: हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम की अधिकारी बलविंदर कौर ने बताया कि वह पिछले चार महीने से कई बार नहटौर आई, मगर अभी तक भी आरोपी सेंटर वाले का पता नहीं चल रहा था। लेकिन अब जीपीएस सिस्टम के द्वारा लिंग परीक्षण करने वाले डायग्नोस्टिक सेंटर का पता चला।
जिसके बाद उसे रंगे हाथों पकड़ लिया गया उन्होंने इस मामले में जिलाधिकारी रमाकांत पांडे व एसडीएम धामपुर धीरेंद्र सिंह से बात करके ही यहां सेंटर पर छापेमारी की। जिस पर अधिकारियों ने उनका पूर्ण सहयोग किया।
बता दें कि लगभग एक वर्ष पूर्व यह प्रिंस डायग्नोस्टिक सेंटर पर नोडल अधिकारी ने छापामार कार्रवाई के दौरान सील कर दिया था, लेकिन फर्जी तरीके से चल रहा यह सेंटर पर जब हरियाणा जांच टीम ने छापामार कार्रवाई की तो उस पर कोई भी सील नहीं पाई गई।
इस सेंटर के अलावा भी नगर में कई और जगह फर्जी तरीके से आपरेशन सेंटर व अल्ट्रासाउंड सेंटर चल रहे हैं। जिस कारण इसकी भनक बिजनौर स्वास्थ्य विभाग को न लगना स्वास्थ्य विभाग पर सवालिया निशान लगा रहा है।

