Wednesday, December 1, 2021
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HomeUttar Pradesh NewsSaharanpurसहारनपुर के 2.99 लाख किसानों के खाते में पहुंचे 59.8 करोड़

सहारनपुर के 2.99 लाख किसानों के खाते में पहुंचे 59.8 करोड़

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  • पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का
  • जन्म दिवस सुशासन दिवस के रूप में मानाया गया

वरिष्ठ संवाददाता |

सहारनपुर: प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा, कृषि अनुसंधान मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पूर्व सरकारों की किसान विरोधी नीतियों के चलते किसानों को उनकी पैदावार का उचित मूल्य न मिलने से किसान आर्थिक रूप से कमजोर हुआ है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार में किसी भी किसान को अपना गन्ना खेत में जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत आज जनपद सहारनपुर के 2.99 लाख किसानों के खातों में 59.8 करोड़ रूपए की धनराशि सीधे किसानों के बैंक खाते में स्थानांतरित हुई है। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार पूरी तरह से किसानों की हितैषी है।

सूर्य प्रताप शाही आज यहां मण्डी परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन को सुशासन दिवस के रूप में आयोजित किसान सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी तरह से सजग है।

उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद प्रदेश के 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रूपए का बैंक कर्ज माफ किया। उन्होंने कहा कि किसानों का वह कर्ज पिछली सरकारों की देन था। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारों ने किसानों को खुशहाल करने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को संरक्षण देते हुए जहां वर्ष 2013-14 में प्रदेश में गन्ना की पैदावार 60 लाख मीट्रिक टन 20 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में होती थी। वहीं इस बार सरकार की नीतियों के चलते प्रदेश में 25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों ने गन्ने की बुवाई की है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछली सरकारों सहित गन्ना किसानों का 36 हजार करोड़ रूपए का भुगतान गत वित्तीय वर्ष में किया है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में जब तक खेत में गन्ना रहा तब तक चीनी मिलें चलाई गई। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की किसी भी चीनी मिल को न तो बंद होने दिया और न ही बिकने दिया।

कृषि, कृषि शिक्षा, कृषि अनुसंधान मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने रिकॉर्ड धान और खाद्यान्न की पैदावार के साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की है। उन्होंने कहा कि गेहूं की फसल भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जायेंगी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने किसानों का शोषण करते हुए उन्हें 20 प्रतिशत चक्रवृद्धि की दर से कर्ज उपलब्ध कराया जाता था।

उन्होंने कहा कि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की केन्द्र सरकार ने किसानों को क्रेडिट कार्ड जारी कर चार प्रतिशत पर कर्ज उपलब्ध करा कर किसानों को आगे बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रधानमत्री तथा मुख्मंत्री के नेतृत्व में सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानूनो को किसानों के हित में लागू किया गया है।

इनका विरोध किया जाना अनुचित है। किसान सम्मेलन में जिलाधिकारी अखिलेश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 एस. चनप्पा, मुख्य विकास अधिकारी प्रणय सिंह, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ. महेन्द्र सिंह सैनी, महानगर अध्यक्ष राकेश जैन, पूर्व विधायक राव गुम्बर, रविन्द्र मौल्हू, अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) विनोद कुमार, संयुक्त कृषि निदेशक डी.एस.राजपूर, उप निदेशक कृषि राम जतन मिश्र सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।

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