- किसानों के उत्पीड़न के खिलाफ 11 सितंबर को होगा जंग का ऐलान
जनवाणी संवाददाता |
मंसूरपुर: रेलवे के माल कोरोडोर के लिए जनपद में किसानों की भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की दरों को लेकर किसान अब आरपार की लडाई लडने के मूड में हैं। इसी के चलते मंसूरपुर में एक पंचायत की गई।
इसमें रालोद जिलाध्यक्ष अजित राठी तथा जिला पंचायत सदस्य एवं किसान नेता संजीव राठी ने घोषणा की है कि किसानों का उत्पीडन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अगर प्रशासन कोई समाधान नहीं करता है तो 11 सितंबर को किसानों द्वारा एक महापंचायत का आयोजन किया जाएगा और फिर प्रशासन के खिलाफ आर पार की लड़ाई लड़ी जाएगी जिसका प्रशासन खुद जिम्मेदार होगा।
रेलवे विभाग द्वारा किसानों की भूमि के अधिग्रहण के मामले में प्रशासन द्वारा किसानों की समस्याओं का कोई समाधान ना किए जाने पर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा।
सोमवार मंसूरपुर में अंगद राठी के आवास पर एक पंचायत का आयोजन किया गया।जिसमें किसानों ने कहा कि जब तक रेलवे द्वारा उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक वह जमीन को खाली नहीं करेंगे।
यह सरकार किसान विरोधी है हर मामले में किसान की अनदेखी की जा रही है।इस मौके पर पहुंचे रालोद जिलाध्यक्ष अजित राठी ने कहा कि रेलवे विभाग किसानों की भूमि का अधिग्रहण करने में भेदभाव कर रहा है।
थोड़ी-थोड़ी दूरी के खेतों पर ही मुआवजा कम किया जा रहा है। अब इस बात का पैमाना रेलवे वि•ााग के पास ही है क्या। वह ही बताएगा क्या कि इस जमीन की कीमत अधिक है तथा इस जमीन की कम।
जब जिला एनसीआर में है तो यहां एनसीआर के आधार पर मुआवजा क्यों नहीं दिया जाता।उन्होंने कहा कि किसान मुआवजे को लेकर भेदभाव सहन नहीं करेंगे।
कई बार वार्ता के बावजूद इस समस्या का समाधान प्रशासन नहीं कर पाया है।इस मुआवजे को लेकर जनपद के किसान संतुष्ट नहीं हैं।इतने कम मुआवजे पर कोई किसान रेलवे विभाग को जमीन नहीं देगा।
उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर किसान डीएम सेल्वा कुमारी जे से वार्ता करेंगे और इसका कोई समधान ना होने पर 11 सितंबर को आरपार की लडाई के लिए मैदान में उतरा जायेगा।जिसका प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय लोकदल अजीत राठी, वरिष्ठ किसान नेता संजय राठी, अंगद राठी, विकास राठी, चांदवीर बालियान, विकास बालियान, संजीव राठी, जगपाल सिंह डायरेक्टर, आनंद डायरेक्टर, विशाल अहलावत, रविंदर फौजी तथा अजीत आदि काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।

