- दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अडिग है आंदोलित कर्मचारी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम कर्मचारी संगठन के लोग पिछले पांच माह से क्रमिक अनशन पर बैठे हैं, लेकिन उनकी आवाज नहीं सुनी जा रही हैं। दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलित कर्मचारी अडिग हैं, लेकिन प्रशासन है कि इनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं। आंदोलित कर्मचारी भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। आरोप है कि भ्रष्टाचारियों को किसी स्तर पर संरक्षण दिया जा रहा हैं, ऐसा क्यों?
क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम कर्मचारी संगठन 9 अक्टूबर 2023 से क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम मेरठ की प्रबंध समिति के सभी दोषी पदधिकारियो और सदस्यों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की मांग को लेकर क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। आरोप है कि संस्था के फंड के दुरुपयोग हुआ, जिसकी वसूली होनी चाहिए। आश्रम परिसर में क्रमिक अनशन भी इसी मांग को लेकर चल रहा हैं, जिसके शनिवार को पांच माह पूरे कर लिये हैं। दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई वर्तमान में भी लंबित है, जिससे दोषियों के हौसले बढ़े हुये है।

झूठे शपथ पत्र व तथ्यों को पेश कर शासन व प्रशासन को गुमराह व भ्रमित करने का भी आरोप लगाया। संस्था बंदी के कगार पर है, कामगार कतीन बुनकरों व कार्यकर्ताओं की जीविका खतरे में है। इस धरना स्थल पर शनिवार को गांधी आश्रम के पूर्व वरिष्ठ कार्यकता व सदस्यों के परिवार के साथ धरना स्थल पर आये और उन्होंने संस्था की गिरती स्तिथि व समस्याओं की जानकारी साझा की।
ऐलान किया कि ये आंदोलन तब तक चलेगा जब तक कर्मचारियों को न्याय नहीं मिल जाता हैं। दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक क्रमिक अनशन चलता रहेगा। इस मौके पर अशोक त्रिपाठी, पारितोश सिंह, उषा सिंह, रीना सिंह, मोना त्रिवेदी आदि ने आंदोलन को पूरा समर्थन दिया। संगठन के महेश पंत, योगेश, जुगनु, अनंत देव आदि मौजूद रहे।

