- सरूरपुर और रोहटा क्षेत्र में रात दिन हो जमकर अवैध खनन
जनवाणी संवाददाता |
सरूरपुर: सरूरपुर व रोहटा क्षेत्र में इस समय अवैध खनन का कारोबार जमकर चल रहा है। खनन माफिया के पीले पंजे धरती का रात दिन सीना चीर कर जमकर अवैध खनन कर रहे हैं। पुलिस चौकी के खिवाई क्षेत्र के कस्बा खिवाई, कलीना व नारंगपुर आदि के जंगलों में रात दिन खनन माफिया की जेसीबी मशीन और डंपर खेतों में खनन करके गहरी खाई पैदा कर रहे हैं। दिन के उजाले से एक लेकर रात के स्याह अंधेरे तक में अवैध खनन माफिया जमकर करा रहा है।
मिट्टी से भरे डंपर रास्तों पर खासी मिट्टी और धूल उड़ाते हुए बेखौफ पुलिस चौकी और थानों के सामने से गुजर कर खनन में लगे हुए हैं। क्षेत्र से अवैध खनन करके मिट्टी को बागपत जिले की ओर ले जाया जा रहा है। कस्बा खिवाई की पुलिस चौकी हर्रा पुलिस चेक पोस्ट के सामने बेखौफ होकर खनन माफिया के वाहन गुजर रहे हैं। जिससे पुलिसिया कार्रवाई पर को जहां सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
वहीं खनन माफिया खुली चुनौती देकर पीले पंजे से कानून को कुचल रहा है। इसे लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन माफिया ने खेत में 20-20 फिट तक की गहरी खाई खड़ी कर दिया है। जिससे पड़ोसी खेत के मालिकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, तो वहीं रास्तों से गुजरने वाले अवैध डंपर में रास्ते तबाह और बर्बाद करके रख दी है। रास्तों पर बेइंतहा धूल उड़ रही है। जिससे लोगों को राहगीरों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं ओवरलोड मिट्टी से भरे डंपर ने रास्ते भी और सड़क भी तोड़ कर रख दिए हैं। अवैध खनन माफिया मोटी कमाई करके खनन कर रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से खनन माफिया पीले पंजे से धरती का सीना चीर कर तमाम नियम कायदे ताक पर रखकर खनन कर रहा है। दूसरी ओर इस संबंध में सरूरपुर प्रभारी निरीक्षक अरुण मिश्रा से बात की गई तो उनका कहना था कि खनन का मामला उनकी जानकारी में नहीं है। यदि ऐसा हो रहा है तो दिखा कर कार्रवाई कराएंगे।
आचार संहिता लगते ही तालाब की भूमि पर कब्जा
फलावदा: योगी सरकार द्वारा अवैध कब्जे के खिलाफ अभियान चलाए जाने के निदेर्शों का सख्ती से पालन कराने की हिदायत के बाबजूद सरकारी नुमाइंदे ही सरकार की मंशा पर पानी फेरने में लगे हुए है।आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने पर निरंकुश हुए कारिंदे सरकारी जमीन पर कब्जा करा रहे है। पैमाइश में खेल करके तालाब की भूमि पर तेजी के साथ निर्माण कार्य कराया जा रहा है। एसडीएम मवाना ने मामले की जांच कराने की बात कही है।

नगर में सरकारी भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जे किए जाने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। रसूखदार लोग कब्जे करने में लगे हुए है। फिलहाल तालाब की भूमि पर कब्जा किए जाने का मामला चर्चाओं में है। बताया गया है कि नगर पंचायत द्वारा थाने के सामने नगर का कूड़ा पिछले 10 वर्षों से डलवाया जा रहा था। यह भूमि राजस्व अभिलेखों में भी तालाब दर्ज है।
निकाय चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होते ही उक्त कूड़े के ढेर वाली जमीन पर कब्जा कर लिया गया है। मलिकाना हक बताकर कुछ लोग दिन रात निर्माण करा रहे हैं। राजस्व विभाग की मिलीभगत से पैमाइश में खेल किया गया है। कूड़ा कचरा हटाकर निर्माण कराए जाने से नागरिक हतप्रभ है। लोगों ने बताया कि आचार संहिता लागू होने तथा नगर पंचायत में चेयरमैन व ईओ के पद पर प्रशासक नियुक्त होने का फायदा उठाते हुए खुला खेल खेला जा रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने नगर पंचायत में शिकायत भी की,

लेकिन राजस्व विभाग की मिलीभगत होने के कारण कोई कर्मचारी सुनवाई के लिए तैयार नहीं है। पूर्व में तैनात ईओ नीतू सिंह के कार्यकाल में भी खेवट बताकर सरकारी भूमि कब्जाने के असफल प्रयास हो चुके हैं। एसडीएम मवाना अखिलेश यादव ने कहा है कि मामले की जांच कराई जाएगी।

