Monday, May 17, 2021
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माननीय भी लाचार, नहीं सुनते अस्पताल संचालक

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  • सीएम से की जा रही शिकायत, सांसदों-विधायकों ने कहा-नहीं होने दी जाएगी आक्सीजन की कमी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: महामारी के इस दौर में हालात इतने बदतर होते जा रहे हैं कि आम आदमी को सही इलाज मिल पाना मुश्किल साबित हो रहा है। अस्पताल संचालकों की मनमानी, अस्पतालों में बेड की कमी, आॅक्सीजन की किल्लत बहुत सी दिक्कतें हैं जो लोगों के सामने आ रही हैं।

हालांकि कुछ दिक्कतें कम हुर्इं तो कुछ बढ़ भी रही हैं। जहां आॅक्सीजन की कमी कुछ हद तक पूरी हुई तो अस्पतालों की मनमानी दिन-पर-दिन बढ़ती जा रही है। अस्पताल संचालकों ने जनप्रतिनिधियों के फोन तक उठाने बंद कर दिये हैं। ऐसे हालातों में आप खुद सोच सकते हैं कि आम आदमी को किस कदर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा होगा।

मेरठ शहर की बता करें तो यहां सात विधायक, एक लोकसभा सांसद और दो राज्यसभा सांसद है, लेकिन वर्तमान हालातों पर गौर करें तो जमीनी स्तर पर बस कुछ ही लोग कार्य कर रहे हैं। कुछ ने आगे आकर लोगों का साथ दिया तो कुछ फोन ही उठाने को तैयार नहीं है। बता दें कि कोरोना को लेकर प्रदेश भर के हालात किसी से छिपे नहीं है। यहां मेरठ में प्रतिदिन 40 से 50 लोगों की मौत हो रही है, लेकिन प्रशासन आंकड़े छुपाने में लगा है। उधर, जनता बेहाल है उसे इलाज के नाम पर लूटा जा रह है।

कहीं आॅक्सीजन के नाम पर तो कहीं इंजेक्शन के नाम पर। निजी अस्पतालों में बेड नहीं हैं तो सरकारी अस्पतालों की स्थिति और भी बदतर है। यहां लोगों को फर्श पर ही लिटाकर इलाज किया जा रहा है। शहर के इन हालातों को लेकर जब जनप्रतिनिधियों से बात की गई तो उन्होंने भी अस्पताल संचालकों की मनमानी पर नाराजगी जताई। हालांकि उन्होंने कहा कि उनके स्तर से लगातार हालातों का सुधारने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं। आॅक्सीजन की पूर्ति कराई जा रही है। जल्द ही सभी व्यवस्था सुधारने की बात कही है।

अन्य राज्यों से भी मंगाई जा रही आॅक्सीजन : राजेन्द्र अग्रवाल

शहर के हालातों पर बात करते हुए जब सांसद राजेन्द्र अग्रवाल से आॅक्सीजन की किल्लत को लेकर बात की गई तो उन्होंने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लगातार इस विषय पर वार्ता की जा रही है। आॅक्सीजन की कमी काफी हद तक पूरी की गई है। आने वाले समय में आॅक्सीजन की और कमी न हो इसके लिये मोदीनगर, हरिद्वार, राउरकेला समेत अन्य राज्यों से भी आॅक्सीजन मंगाने की बात की जा रही है। उन्होंने कहा कि संक्रमण की गति तेज होने के कारण इसे संभालने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चुनाव संमाप्त हो चुके हैं अब शासन तक इस संबंध में वार्ता की जा चुकि है। सरकारी अस्पतालों में आ ही परेशानियों को भी दूर कराया जा रहा है। हर संभव मदद लोगों की की जा रही है। मेडिकल कालेज के डॉक्टर भी दिन रात कार्य कर रहे हैं। निजी अस्पतालों को लेकर उन्होंने कहा कि इस समय सभी परेशान हैं जो भी परेशानी हैं उन्हें जल्द से जल्द समाप्त किया जाएगा।

अस्पतालों की मनमानी पर लगाया जायेगा अंकुश : कांता कर्दम

राज्यसभा सांसद कांता कर्दम ने कहा कि उनकी ओर से लोगों की संभव मदद की जा रही है। किसी भी जिले के व्यक्ति को जो उनके पास आ रहा है, यहां फोन करता है तो उसकी समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे समय में सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। अस्पतालों की मनमानी पर भी अंकुश लगाया जाएगा। इस संबंध में अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।

मनमानी पर उतारू निजी अस्पताल संचालक: सत्यप्रकाश अग्रवाल

कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने भी महामारी के इस रूप को लेकर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से प्रतिदिन लोगों को आॅक्सीजन, इंजेक्शन आदि सुविधाएं जो हो सकती हैं उपलब्ध करार्इं जा रही है। मंगलवार को भी नौ लोगों को इंजेक्शन उपलब्ध करवाये। उन्होंने कहा कि आॅक्सीजन कमी भी काफी हद तक दूर की गई है। इसके लिये अस्पताल संचालकों और लोगों को समझाना होगा कि आॅक्सीजन को स्टॉक न करें। इससे आॅक्सीजन की कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इस समय में निजी अस्पताल विधायकों की भी नहीं सुन रहे हैं। उनकी मनमानी के कारण मरीजों को लूटा जा रहा है। इसकी शिकायत उन्होंने मुख्यमंत्री तक से की है। उनकी ओर से जो प्रयास किया जा रहा है।

60 बेड अपनी ओर से देने का रखा प्रस्ताव : डा. सोमेन्द्र तोमर

दक्षिण विधायक डा. सोमेन्द्र तोमर ने भी निजी अस्पतालों की मनमानी पर नाराजगी जताई। उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने वर्तमान समय में कोरोना महामारी के प्रकोप को लेकर दुख जताया और कहा कि इसके लिये उनकी ओर से 25 लाख रुपये विधायक निधि से प्रशासन को दिये गये हैं जिससे आॅक्सीजन कंसंट्रेटर हो सके। आॅक्सीजन की कमी न हो इसके लिये लगातार प्रशासिन अधिकारियों से वार्ता की जा रही है। जो भी लोग मदद के लिये फोन कर रहे हैं उनकी भी बात सुनी जा रही है साथ ही प्रशासन को प्रस्ताव दिया गया है कि वह मोहिउद्दीनपुर स्थित उनके कालेज में 60 बेड का आसोलेशन सेंटर बनाये इसके लिये उनकी ओर से ही बेड की व्यवस्था कराई जाएगी।

फोन नहीं उठाते निजी अस्पताल संचालक : सत्यवीर त्यागी

किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी ने कहा कि उनकी ओर से जो भी लोग उनके पास आते हैं उनकी मदद की जा रही है। कई लोगों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। निजी अस्पतालों की हालत पर उन्होंने कहा कि निजी अस्पताल लोगों को लूट रहे हैं। उनके पास कोई व्यवस्था नहीं है। अगर किसी के लिये निजी अस्पताल फोन भी करें तो उनके फोन तक नहीं उठाये जा रहे। अस्पतालों की मनमानी के आगे सब परेशान हैं। शासन तक इसकी शिकायत की गई है। जल्द ही इनके खिलाफ सख्ती से कदम उठाये जाएंगे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि उनकी ओर से लोगों को आॅक्सीजन भी दिलवाई जा रही है। हालांकि कुछ लोग निजी फायदे के लिये गैस लेकर रख रहे हैं। जिससे उन लोगों को आॅक्सीजन समय पर नहीं मिल पा रही है जो लोग इसके सही हकदार हैं।

हस्तिनापुर में भी खुले आइसोलेशन सेंटर : दिनेश खटीक

हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक ने बताया कि उनकी ओर से हस्तिनापुर स्थित एक धर्मशाला में 300 बेड का आइसोलेशन सेंटर बनाने के लिये अपनी निधि से प्रशासन को 50 लाख रुपये दिये हैं। इसके अलावा प्रशासन से मांग की गई है कि जल्द से जल्द यह व्यवस्था की जाए। जिससे लोगों को सही इलाज मिल सके। इसके अलावा उनकी ओर से लोगों की संभव मदद की जा रही है। लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है।

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