जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: देश की सिलीकॉन वैली कहलाने वाले बेंगलुरु में हालिया बाढ़ व जलजमाव का नगर निगम ने हल खोज लिया है। यूपी, असम के बाद अब बेंगलुरु में अलग समस्या से निपटने के लिए बुलडोजर दौड़ेगा। शहर के सीवेज व जल निकासी सिस्टम के 700 स्थानों पर अतिक्रमण के कारण बाढ़ के हालात बने थे। अब इन पर जल्द बुलडोजर चलेगा।
पिछले सप्ताह बेंगलुरु ने दशकों बाद जबर्दस्त बारिश व बाढ़ झेली थी। शहर के तमाम इलाकों में जलजमाव के चलते आईटी कंपनियों के स्टाफ को ट्रेक्टरों में बैठ कर दफ्तर जाना पड़ा था। इसे लेकर बेंगलुरु नगर निगम लोगों की आलोचना की शिकार हुई थी। अब बेंगलुरु नगर निगम ने स्टॉर्म वाटर लाइन पर बीते वर्षों में हुए अतिक्रमणों को चिन्हित कर उन्हें बाढ़ के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
बेंगलुरु की बाढ़ को लेकर पहले ही राजनीति भी गर्मा चुकी है। सीएम बसवराज बोम्मई ने जहां इसके लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया था, वहीं पूर्वी मंत्री व कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने उन्हें चुनौती दी थी कि वे पद छोड़ दें, हम इसका हल निकाल देंगे।
बुलडोजर से किसी को नहीं बख्शा जाएगा
बृहद बेंगलुरु महानगर पालिका के सहायक इंजीनियर श्रीनिवास के अनुसार अतिक्रमण के खिलाफ शुरू होने वाली बड़ी कार्रवाई से किसी को नहीं बख्शा जाएगा। भले अतिक्रमणकारी अमीर हो या गरीब। जल्द ही बुलडोजर चलेगा।
स्कूल ने ड्रेनेज लाइन पर बना लिया था मैदान
बेंगलुरु में एक स्कूल द्वारा अतिक्रमण का बड़ा व अनोखा मामला सामने आया है, शहर के महादेवपुरा जोन में गोपालन इंटरनेशनल स्कूल ने ड्रेनेज लाइन पर कब्जा कर क्रिकेट मैदान बना लिया था। सोमवार को उस पर बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटा दिया गया।

