Friday, May 1, 2026
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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की सुरक्षा में हुई भारी चूक

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की सुरक्षा में भारी चूक का मामला सामने आया है। जो बाइडन के डेलावेयर में रेहोबोथ बीच स्थित घर के निकट एक छोटा विमान निषिद्ध हवाई क्षेत्र (नो फ्लाई जोन) में घुस गया। जिसके बाद सुरक्षा में लगी सीक्रेट सर्विस ने एहतियातन अमेरिकी राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को सेफ हाउस पहुंचा दिया। व्हाइट हाउस और खुफिया सेवा ने यह जानकारी दी।

व्हाइट हाउस ने कहा कि बाइडन और उनके परिवार को कोई खतरा नहीं है और एहतियाती कदम उठाए गए हैं। बयान में बताया गया है कि एक विमान ने वेकेशन होम के ऊपर हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया।

सीक्रेट सर्विस ने खाली कराया इलाका

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति बाइडन सहित उनके काफिले को उनके घर से दूर एक फायर स्टेशन की ओर ले जाया गया। यहां राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को लेकर एक एसयूवी इमारत के अंदर चली गई और सीक्रेट सर्विस ने इलाके को खाली कराना शुरू कर दिया। इस दौरान रेहोबोथ बीच पर 20 मिनट से अधिक समय तक यातायात बंद रहा। स्थिति के आकलन के बाद बाइडन और उनकी पत्नी जिल को रेहोबोथ बीच पर स्थित घर में वापस भेज दिया गया। खुफिया सेवा ने एक बयान में कहा कि विमान को तुरंत प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र से बाहर निकाल दिया गया।

बताया जा रहा है कि बाइडन के घर के ऊपर से एक छोटे से सफेद विमान को उड़ते हुए देखा गया। इस विमान ने हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करते हुए उड़ान भरी। इसके बाद दो लड़ाकू विमानों ने शहर के ऊपर से उड़ान भरी। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति का घर हमेशा ही उड़ान निषिद्ध क्षेत्र होता है। अमेरिका की फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन अमेरिकी राष्ट्रपति की हवाई सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालती है।

यूनाइटेड स्टेट्स सीक्रेट सर्विस (यूएसएसएस) के संचार प्रमुख एंथनी गुग्लिल्मी ने कहा कि “आज दोपहर एक बजे से कुछ समय पहले, एक निजी विमान गलती से सुरक्षित क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद रेहोबोथ डेलावेयर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गया। लेकिन विमान को तुरंत प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र से बाहर निकाल लिया गया।

पायलट से पूछताछ कर रही एजेंसियां

एंथनी गुग्लिल्मी ने कहा कि “पायलट से शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि वह उचित रेडियो चैनल का इस्तेमाल नहीं कर रहा था। उसने (नोटिस टू एयरमेन) और फ्लाइट गाइडेंस के लिए जारी दिशा-निर्देश का पालन नहीं किया।

वाशिंगटन से बाहर जब भी राष्ट्रपति छुट्टी पर जाते हैं तो फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन एक हफ्ते पहले ही उड़ानों के लिए प्रतिबंध लागू कर देता है। इस बार भी ऐसा ही किया गया। इसके तहत 10 मील के घेरे और 30 मील इलाके को उड़ान प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया था। इस क्षेत्र में घुसने की कोशिश करने वाले हेलिकॉप्टरों और विमानों को रोकने के लिए अमेरिकी सेना के विमानों और नौसेना के हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जाता है।

बता दें कि इससे पहले अगस्त 2017 में एक रूसी वायुसेना के जेट ने कम ऊंचाई पर यूएस कैपिटल, पेंटागन, सीआईए मुख्यालय और ज्वाइंट बेस एंड्रयूज के ऊपर से उड़ान भरी थी। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, यह उड़ान खुले आसमान में उड़ान को लेकर की गई एक संधि का हिस्सा थी, जो अमेरिका, रूस और अन्य 34 हस्ताक्षरकर्ता देशों के सैन्य विमानों को सैन्य स्थलों का निरीक्षण करने के लिए हवाई उड़ानों की अनुमति देती है।

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