- जिले में सैकड़ों किसानों के खातों में नहीं पहुंची पीएम सम्मान निधि की पिछली तीन किस्त
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जिले में जिन किसानों को पीएम सम्मान निधि की किस्त लगातार प्राप्त हो रही है अब उन्हें भी ई-केवाईसी करानी होगी। नहीं तो उन्हें पीएम सम्मान निधि की 15वीं किस्त के लिए तरसना पड़ेगा। इस बाबत कृषि विभाग के कर्मचारी, पंचायत सहायक और जनसेवा केन्द्र के माध्यम से केवाइसी कराई जा सकती है। उधर ई-केवाइसी कराने के बाद भी जिले में सैकड़ों किसानों के खातों में पिछली तीन किस्त नहीं पहुंची। जिसके चलते किसान काफी मायूस हैं।
जिला कृषि अधिकारी कार्यालय से मिले आंकड़ों के अनुसार जनपद में 164617 किसानों की ई-केवाईसी किए जाने का लक्ष्य कृषि विभाग को प्राप्त हुआ है। जिसमें अभी तक कुल 115676 किसानों की ई-केवाईसी हो चुकी है। जबकि 48941 किसानों की ई-केवाईसी होनी अभी बाकी है। कृषि अधिकारियों का कहना है कि यदि किसानों द्वारा ई-केवाईसी नहीं कराई जाती है
तो उनको प्रधानमंत्री किसान सम्मन निधि योजना की 15वीं किस्त नहीं भेजी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि किसान अपनी ई-केवाईसी कृषि विभाग के कर्मचारी, पंचायत सहायक और जन सेवा केंद्र के माध्यम से करा सकते हैं। इस बाबत कृषि विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर किसानों की ई-केवाईसी करने का कार्य कर रहे हैं।
सैकड़ों किसानों को नहीं मिली पिछली तीन किस्त
जहां एक ओर पीएम सम्मान निधि की 15वीं किस्त लेने के लिए जिले में सभी किसानों को ई-केवाइसी करानी जरुरी हो गई है। वहीं, दूसरी ओर ई-केवाइसी होने के बावजूद जिले के सैकड़ों किसानों के खातों में सम्मान निधि की पिछली तीन किस्त नहीं पहुंची है। किसानों का कहना है कि उन्हें पीएम सम्मान निधि के शुरुआती दौर से किस्त समय पर मिल रही थी, लेकिन पिछली तीन किस्त उनके खातों में नहीं पहुंची।

किसानों का कहना है कि उन्होंने जनसेवा केन्द्र के माध्यम से ई-केवाइसी भी करा ली और बैंक में पैन कार्ड और आधार कार्ड अपडेट कराकर बैंक की केवाईसी भी करा ली, लेकिन इसके उनके खातों में पिछली तीन किस्त नहीं पहुंची। किसानों ने समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
वहीं इस बारे में जिला कृषि अधिकारी राजीव सिंह का कहना है कि पीएम सम्मान निधि की 15वीं किस्त प्राप्त करने के लिए किसानों की ई-केवाइसी कराई जानी जरूरी है। जिले में 164617 किसानों की ई-केवाईसी कराने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जिसमें से 115676 किसानों की ई-केवाईसी कराई जा चुकी है। बाकी किसानों की ई-केवाइसी कराने का कार्य जारी है।

