नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। आज के समय में मोबाइल फोन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक लोग स्क्रॉलिंग, चैटिंग, वीडियो देखने और काम करने के लिए घंटों फोन का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन लंबे समय तक गर्दन झुकाकर स्क्रीन देखने की आदत शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है।
लंबे समय तक स्क्रीन देखने के बाद कई लोगों को गर्दन में अकड़न, कंधों में खिंचाव और ऊपरी पीठ में असहजता महसूस हो सकती है। लगातार एक ही मुद्रा में बैठे रहने से गर्दन और कंधों की मांसपेशियों पर तनाव बढ़ सकता है। इसे आमतौर पर ‘टेक नेक’ या ‘मोबाइल नेक’ कहा जाता है।
हालांकि, गर्दन में दर्द के कई कारण हो सकते हैं और हर तरह के दर्द को केवल मोबाइल के इस्तेमाल से जोड़ना सही नहीं है। अगर लंबे समय तक फोन या डेस्क पर काम करने के बाद सामान्य जकड़न महसूस होती है, तो पोस्चर सुधारने, बीच-बीच में ब्रेक लेने और हल्की स्ट्रेचिंग से मदद मिल सकती है। यहां ऐसे 5 आसान योगासन और स्ट्रेच दिए गए हैं, जिन्हें सामान्य तौर पर घर पर किया जा सकता है।
1. नेक साइड स्ट्रेच
सीधे बैठें या खड़े हो जाएं और कंधों को ढीला रखें। अब धीरे-धीरे सिर को दाईं ओर झुकाएं, जैसे दाहिने कान को कंधे की तरफ ले जा रहे हों। कुछ सेकंड इसी स्थिति में आराम से रुकें और फिर सिर को वापस सामान्य स्थिति में लाएं। इसके बाद दूसरी तरफ भी यही प्रक्रिया दोहराएं।
ध्यान रखें: गर्दन को ज्यादा खींचने या हाथ से जोर लगाने की कोशिश न करें। स्ट्रेच हल्का होना चाहिए और इससे दर्द नहीं होना चाहिए।
2. चिन टक
चिन टक एक आसान पोस्चर एक्सरसाइज है, जो गर्दन को आगे की ओर झुकाने की आदत को सुधारने में मदद कर सकती है। सीधे बैठकर सामने देखें। अब ठुड्डी को हल्के से पीछे की ओर ले जाएं, जैसे आप गर्दन को लंबा करने की कोशिश कर रहे हों। कुछ सेकंड इसी स्थिति में रहने के बाद सामान्य स्थिति में लौट आएं। इसे धीरे-धीरे कई बार दोहराया जा सकता है। इस दौरान गर्दन पर जोर न डालें और सिर को ऊपर या नीचे न झुकाएं।
3. कैट-काउ स्ट्रेच
यह स्ट्रेच गर्दन के साथ-साथ पीठ और कंधों को भी हल्का मूवमेंट देने में मदद कर सकता है। हाथों और घुटनों के सहारे आ जाएं। सांस लेते हुए पीठ को धीरे-धीरे नीचे की ओर ले जाएं और छाती को थोड़ा आगे उठाएं।
इसके बाद सांस छोड़ते हुए पीठ को ऊपर की ओर गोल करें और सिर को आराम से नीचे की तरफ आने दें। पूरी प्रक्रिया को धीरे-धीरे दोहराएं और किसी भी तरह की असहजता या दर्द होने पर रुक जाएं।
4. बालासन
घुटनों के बल बैठें और शरीर को धीरे-धीरे आगे की ओर झुकाएं। माथे को जमीन या किसी आरामदायक सपोर्ट पर टिकाएं। हाथों को आगे की ओर फैला सकते हैं या शरीर के पास रख सकते हैं।
इस स्थिति में आराम से सांस लें और शरीर को रिलैक्स करने की कोशिश करें। अगर घुटनों या गर्दन से जुड़ी कोई समस्या है, तो इसे करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
5. शोल्डर रोल्स
लंबे समय तक मोबाइल या डेस्क पर काम करने से केवल गर्दन ही नहीं, बल्कि कंधों में भी तनाव महसूस हो सकता है। इसे हल्का करने के लिए सीधे बैठें और दोनों कंधों को धीरे-धीरे ऊपर, पीछे और फिर नीचे की ओर गोल घुमाएं।
कुछ बार ऐसा करने के बाद दिशा बदलें और कंधों को आगे की ओर रोल करें। यह आसान मूवमेंट लंबे समय तक बैठने के दौरान छोटे ब्रेक में किया जा सकता है।
कब डॉक्टर से सलाह लें?
अगर गर्दन का दर्द तेज है, किसी चोट के बाद शुरू हुआ है, हाथ में सुन्नपन या कमजोरी महसूस होती है, चक्कर आते हैं या दर्द लगातार बना रहता है, तो खुद से योग या स्ट्रेचिंग करने के बजाय डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें।
साथ ही, मोबाइल इस्तेमाल करते समय स्क्रीन को बहुत नीचे रखने के बजाय उसे आंखों के करीब ऊंचाई पर रखने, लंबे समय तक एक ही मुद्रा में न बैठने और बीच-बीच में छोटे ब्रेक लेने की आदत गर्दन पर पड़ने वाले तनाव को कम करने में मदद कर सकती है।

