Wednesday, December 1, 2021
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संयुक्त गन्ना आयुक्त ने गन्ना क्रय केंद्रों पर मारा छापा, हड़कंप 

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  • क्रय केंद्रों पर खामियां मिलने पर तौल लिपिक को लगाई फटकार
  • बकाया गन्ना भुगतान को लेकर किसानों को दिलाया भरोसा

जनवाणी ब्यूरो |

रोहटा: रविवार को सयुंक्त गन्ना आयुक्त लखनऊ डॉक्टर वीबी सिंह ने गन्ना विभाग की टीम के साथ मेरठ-बड़ौत मुख्य मार्ग पर स्थित किनौनी व नंगला मल चीनी मिल के संचालित गन्ना क्रय केन्द्रों पर औचक छापा मारा। हालांकि घटतोली तो नहीं मिली लेकिन कुछ खामियां मिलने पर मिल कर्मियों को तत्काल सुधार करने की सख्त हिदायत दी। वहीं किसानों ने ईआरपी प्रणाली द्वारा जारी की जा रही गन्ने की पर्चियां की व्यवस्था की सराहना की,तो वही गन्ना भुगतान में हो रही देरी पर रोष व्यक्त किया।

संयुक्त गन्ना आयुक्त डॉक्टर वीबी सिंह ने किसानों को आश्वस्त किया की गन्ने का भुगतान दिलाने के लिए चीनी मिलों पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। संयुक्त गन्ना आयुक्त लखनऊ डॉक्टर वीबी सिंह व जिला गन्ना अधिकारी बागपत अनिल भारती ने रविवार को सबसे पहले मेरठ-बड़ौत मुख्य मार्ग पर दिलावरा गांव में संचालित किनौनी चीनी मिल के गन्ना क्रय केंद्र पर छापा मारा।

छापे के दौरान किसान की गन्ने से भरी बुग्गी की तोल करने के बाद उस पर 5 कुंतल के अतिरिक्त बाट रख कर कांटा चेक किया गया जिसमें तोल में कोई अंतर हालांकि नहीं मिला कुछ अनियमितता मिली जिसमे सुधार करने की हिदायत तोल लिपिक को दी। उसके बाद गन्ना विभाग की टीम पूठखास गांव में स्थित नंगला मिल चीनी मिल के गन्ना क्रय केंद्र पर पहुंची वहां पर किसान की गन्ने से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली की तौल कराई। उसके बाद 5 कुंतल के बाट रखकर कांटा चेक किया जिसमें मात्र दो किलो का अंतर मिला, तो लिपिक जसवीर सिंह के पास लाइसेंस तो मिला लेकिन मिल की ओर से जारी परिचय पत्र नहीं मिलने पर उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी।

इस पर मिल अधिकारियों ने टीम को खामियां दूर करने का आश्वासन दिया। वही दूसरी और केंद्र पर तोल करने आये किसानों ने कहा कि जो गन्ना विभाग ने ईआरपी प्रणाली के द्वारा गन्ने की पर्ची मोबाइल पर मैसेज भेज कर व ई गन्ना एप के द्वारा जो व्यवस्था दी है यह सराहनीय रही है,जो प्रदेश का किसान दशकों से अपनी पर्चियों को लेकर सीजन में परेशान रहता था।

इस ईआरपी प्रणाली के चलने से अब किसानों को पर्चियों को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं रही है, जैसे ही कंप्यूटर से पर्ची जारी होती है तत्काल किसान के मोबाइल पर तोल तिथि के साथ पर्ची का क्रमांक लिखा एक मैसेज जारी हो जाता है और किसान उसके अनुसार ही अपनी गन्ने की छिलाई समय पर कर ताजा गन्ना मिल को आपूर्ति कर लेता है। किसानों ने विभाग द्वारा चलाई गई ईआरपी प्रणाली की व्यवस्था की जमकर सराहना की।

किसानों ने यह भी कहा कि पहले किसान की पर्ची जब गुम हो जाती थी। तो किसान उस पर्ची को पुनः जारी करवाने के लिए मिल व समितियों के धक्के खाता रहता था और बमुश्किल किसान को डुप्लीकेट पर्ची जारी होती थी। लेकिन ईआरपी प्रणाली में इस साल से ऐसी व्यवस्था की गई की जो किसी कारण जारी पर्ची पर तोल नहीं किया गया है वह पर्ची पुनः एक सप्ताह बाद कंप्यूटर से किसान को जारी कर दी जाती है। इससे किसान को अपनी गुम हुई पर्ची के लिए समिति मिल में धक्के नहीं खाने पड़ते हैं।

रोहटा : किसानों ने संयुक्त गन्ना आयुक्त की टीम को गन्ना भुगतान के मुद्दे को लेकर घेरा। ओर कहा कि चीनी मिल किसानों का गत वर्ष का भी अरबों रुपया दबाए बैठे हैं और चालू सत्र को भी चले 2 माह बीतने को है लेकिन गन्ना भुगतान देने के लिए चीनी मिल तत्पर पर नहीं है।

गन्ना भुगतान के मुद्दे को लेकर किसानों का गत वर्ष का भी अरब रुपया दबाए बैठे और चालू सत्र को भी चले दो माह बीतने को हैं। लेकिन गन्ना भुगतान देने के लिए चीनी मील तत्पर नहीं है यह समस्या किसानों के लिए जटिल हो रही है। लेकिन किसानों की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

किसानों ने संयुक्त आयुक्त गन्ना डॉक्टर वीबी सिंह से मांग की कि मिलों पर भी गन्ने का भुगतान दिलाने के लिए दबाव बनाया जाय। किसान अपने घरेलू खर्चा शादी-ब्याह बच्चों की पढ़ाई आदि खर्चे चलाने के लिए परेशान हैं। संयुक्त गन्ना आयुक्त डॉक्टर वीबी सिंह ने किसानों को आश्वस्त करते हुए समझाया कि गन्ने का भुगतान दिलाने के लिए चीनी मिलों के खिलाफ शीघ्र ही वैधानिक कार्रवाई विभाग करेगा।

इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार कर लखनऊ गन्ना आयक्त को दी जाएगी। शासन स्तर से अवश्य चीनी मिलों पर गन्ना भुगतान दिलाने के लिए शिकंजा कसा जाएगा। टीम में जिला गन्ना अधिकारी बागपत अनिल भारती, किनौनी चीनी मिल के यूनिट हेड केपी सिंह, दौराला गन्ना समिति के सचिव प्रदीप कुमार, डिप्टी अमरेंद्र प्रताप सिंह, किनौनी चीनी मिल गन्ना प्रबंधक अनिल सिंह, डिप्टी मैनेजर विनोद नरेश दुष्यंत त्यागी, सचिन सांगवान आदि शामिल रहे उसके बाद टीम बागपत के लिए रवाना हो गई।

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