Friday, May 1, 2026
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जमीन नहीं पास, जगह-जगह कर दिए खड़े कूड़े के पहाड़

  • निकाय चुनाव नजदीक, किसी भी संभावित प्रत्याशी के एजेंडे में नहीं कूड़ा निस्तारण का मुद्दा
  • गंदगी से कस्बे वासियों का जीना हुआ मुहाल, कस्बे के चारों ओर लगे कूड़े के ढेर

जनवाणी संवाददाता |

लावड़: स्थायी जमीन न मिलने के कारण कस्बे के चारों ओर कूड़े के पहाड़ खड़े है। चिंदौड़ी मार्ग हो या समसपुर मार्ग सभी जगह कूड़े के ढेर कस्बे की पहचान बने हुए है। गंदगी से उठती बदबू ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। निकाय चुनाव नजदीक है और संभावित प्रत्याशी अपने एजेंडे में तमाम विकास कार्य कराने की बात कह रहे हैं, लेकिन कूड़ा निस्तारण को लेकर किसी के पास कोई एजेंडा नहीं है।

सरकार स्वच्छता अभियान मिशन के तहत गांव से लेकर कस्बों को स्वच्छ बनाने के लएि लाखों-करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है। गांवों में भी कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाने के लिए हरी झंडी दे दी गई है। परंतु, लावड़ कस्बे में हरी झंडी मिलने के बाद भी कूड़े का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। पिछले दो-तीन साल से नगर पंचायत लावड़ कूड़ा निस्तारण को लेकर जमीन की तलाश कर रही है। जगह उपलब्ध न होने के कारण कस्बे के चारों ओर कूड़ा डाला जा रहा है। जिस कारण कूड़े के पहाड़ खड़े हो गए है।

चिंदौड़ी मार्ग, डूडा कॉलोनी, समसपुर मार्ग, लावड़-मसूरी मार्ग पर कूड़ा डाला जा रहा है। चिंदौड़ी मार्ग पर जहां, कूड़ा डाला जा रहा है। वहां से चंद कदमों की दूरी पर स्कूल है। कूड़े के पहाड़ के बराबर से बच्चे होकर गुजरते है। बदबू से बच्चों को नाक तक बंद करनी पड़ती है। बरसात के समय में यहां स्थिति ओर भी ज्यादा खराब हो जाती है। कई बार शिकायत हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं मिल सका।

नहीं मिल पा रही जमीन

नगर पंचायत लावड़ के पास पुरानी ईदगाह के पीछे व समसपुर मार्ग पर बूचड़खाने के पास कुछ जमीन है। जिस पर कूड़ा डाला जा रहा था, लेकिन दोनों स्थान भरने के बाद नगर पंचायत के कर्मचारियों ने चिंदौड़ी मार्ग पर सड़क किनारे कूड़ा डालकर कूड़े का पहाड़ खड़ा कर दिया। जमीन खरीदने को लेकर नगर पंचायत कई बार टेंडर प्रकाशित करा चुका है। इसके बाद भी जमीन उपलब्ध नहीं हो पा रही है। नगर पंचायत की आय बढ़ाने व कूड़ा निस्तारण को लेकर सरकार की अनुमति से नगर पंचायत जमीन खरीद रही है।

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नगर पंचायत के अधिकारियों की माने तो जमीन मिलने के बाद प्लास्टिक रीसाइकलिंग मशीन यहां लगाई जायेगी। कूड़े को एक स्थान पर एकत्रित करने के बाद प्लास्टिक व कांच को अलग किया जायेगा। बाकी कूड़े को गड्ढा खोदकर जैविक खाद बनाई जायेगी। जैविक खाद को बेचकर नगर पंचायत की आय बढ़ेगी। परंतु, पिछले तीन साल से जमीन न मिलने के कारण नगर पंचायत के लिए यह सब कार्य सपने की तरह बने हुए है।

तमाम दावे, पर निस्तारण का एजेंडा नहीं

नगर निकाय चुनाव का बिगुल कभी भी बज सकता है। कस्बे से लगभग एक दर्जन प्रत्याशी अभी तक अध्यक्ष पद के लिए ताल ठोक चुके हैं। आरक्षण के बाद कितने प्रत्याशी मैदान में होंगे यह तो वक्त बतायेगा। परंतु, अभी तक संभावित प्रत्याशी सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाकर विकास कार्यो के तमाम दावे कर रहे हैं, लेकिन कस्बे की प्रमुख समस्या कूड़ा निस्तारण को लेकर कोई भी प्रत्याशी बात नहीं कर रहा है। नगर पंचायत की ओर से घर-घर डस्टबिन तो वितरित कर दिए गए और यूजर चार्ज भी लिए जाने की बात सामने आ रही है। लेकिन, इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

कूड़ा निस्तारण के लिए लगातार जमीन की तलाश जारी है। कई लोगों से इस संबंध में बातचीत भी हुई है। कहीं दाम अत्यधिक मांगे जाने के कारण तो कहीं जगह उचित न होने की वजह से अभी तक भूमि नहीं मिल सकी है। प्रयास जारी है, जल्द ही समस्या का समाधान होने की उम्मीद है। -सुधीर सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत लावड़

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