- भीषण आग से लाखों रुपये कीमत के प्रोटीन के कार्टून जलकर राख
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: देहलीगेट थानांतर्गत फिल्मिस्तान सिनेमा के बराबर वाली गली में स्थित फिल्म अभिनेता सुनील शेट्टी के ब्रांड प्रोटीन बॉडी फर्स्ट के गोदाम में लगी आग से लाखों रुपये कीमत के प्रोटीन के कार्टून जलकर राख हो गए। फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों को आग को बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
फिल्मिस्तान सिनेमा के बराबर वाली गली में हारिश खान पुत्र बाबर खान ने जिम प्रोटीन का गोदाम मकान में पहली मंजिल पर बनाया हुआ है। गोदाम में बॉडी सप्लीमेंट न्यूटोसिकल, बॉडी फर्स्ट, का स्टॉक रखा हुआ था। गोदाम मालिक ने बताया कि वह नमाज पढ़ने गए हुए थे।
दोपहर ढाई बजे करीब गली के बाहर चमन पेंट हाउस वालों ने सूचना दी की गोदाम में धुआं निकल रहा है जिसके बाद वह मौके पर पहुंचे आसपास के व्यापारी इकट्ठा हो गए थे। आग की सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई। आधा घंटे बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंचीं।

तब तक आग ने विकराल रुप धारण कर लिया था और गोदाम में रखा लगभग 15 लाख रुपये का सप्लीमेंट राख हो गया था। फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने से पहले आसपास के व्यापारियों ने पानी और फायर सिलेंडर से आग पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन केमिकल होने के कारण आग बुझाने के बजाय बढ़ रही थी। आग के कारण गोदाम के शीशे टूटकर रोड पर गिरने लगे तो अफरातफरी मच गई थी।
वहीं आग के कारण बगल के मकान के शीशे भी टूट गए थे। सूचना पर कोतवाली, देहलीगेट, यूपी 112 की पुलिस मौके पर पहुंच गई। सीएफओ संतोष कुमार भी मौके पर पहुंच गए और फायर ब्रिगेड की 6 गाडियां मौके पर बुला ली गई जिसके बाद फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। फिलहाल यह पता नही चल पाया कि आग किन कारणों से लगी हैं।
सीएफओ का कहना है कि आग के कारणों की। अभी कुछ स्पष्ट नही हो पाया है फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है। इंस्पेक्टर हरेंद्र श्योराण का कहना है ये जांच का विषय है की इतनी भारी मात्रा में बॉडी सप्लीमेंट रखा हुआ था जिसमें आग लगी है। आग के कारण काला धुंआ चारों तरफ छा गया और आसपास के लोगो को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। अगल बगल के लोग घर छोड़कर बाहर निकल गए थे।
गोदाम के बाहर ही मालिक हारिश के पिता बाबर खान की टायर की दुकान है। गनीमत रही की आग नीचे तक नही आई वरना बड़ा हादसा हो सकता था। यही नहीं गोदाम के नीचे कार गैराज भी है जिसमें कई गाड़ियां ठीक होने के लिए खड़ी थी। आग इनको भी अपने चपेट में ले सकती थी।

