Wednesday, April 29, 2026
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कालेजों को नोटिस से विश्वविद्यालय में मचा हड़कंप

  • पूर्व कुलपति के करीबी रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की पूछताछ के लिए लिस्ट तैयार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के शिकंजे में फंसे सीसीएसयू के पूर्व कुलपति डा. रामपाल सिंह के साथ-साथ उनके करीबियों पर भी शिकंजे की आहट सुनाई दे रही है। सुनने में आया है कि ईडी ने डा. रामपाल के करीबियों की भी लिस्ट तैयार कर ली है, जिनसे पूछताछ की जा सकती है। इस बात को लेकर सीसीएसयू के स्टॉफ में खासी घबराहट देखी जा रही है। दरअसल, जिन कालेजों की मान्यता डा. रामपाल के कार्यकाल में रिलीज की गई उन सभी को ईडी के नोटिस के बाद आशंका जतायी जा रही है कि इस मामले में कृपा पात्र रहे कर्मचारियों से भी पूछताछ संभव है।

ऐसा साक्ष्य जुटाने व केस को मजबूत करने के लिए किया जा सकता है। हालांकि इसको लेकर अभी अधिकृत रूप से कोई बात ईडी की ओर से नहीं कहीं गयी है, लेकिन सीसीएसयू का स्टॉफ खासतौर से वो कर्मचारी जिनकी डा. रामपाल के कार्यकाल में तूती बोलती थी उनकी पेशानी पर परेशानी साफ देखी व समझी जा सकती है।

जब्त की आरपी सिंह की संपत्ति

ईडी ने इसी महीने आरपी सिंह की 3.21 करोड़ की संपत्ति मनी लांडरिंग मामले में जब्त की थी। यह मामला गत 21 सितंबर 2020 को उत्तर प्रदेश विजिलेंस पुलिस ने दर्ज किया था। जिसमें विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा. रामपाल के अलावा पूर्व वित्त नियंत्रक चंद्र किरण सिंह और सीपीएमटी परीक्षा 2004 के पूर्व समन्वयक प्रो. हरेंद्र सिंह बालियान को आरोपी बनाया गया है। डा. रामपाल सीसीएसयू में दो मार्च 2003 से 27 मई 2005 तक कुलपति रहे थे। उनके पद पर रहने के दौरान हुई शिकायतों पर विजिलेंस ने मनी लांडरिंग का मामला दर्ज किया जिसकी जांच अब ईडी भी कर रही है।

सीसीएसयू से तलब की जा चुकी है जानकारी

ईडी ने जांच के दौरान विश्वविद्यालय ने तीनों आरोपियों के आधार कार्ड व पैन कार्ड की छाया प्रति, सेलरी एकाउंट के विवरणों में खाता संख्या, बैंक का नाम व शाखा, जनवरी 2003 से अप्रैल 2024 तक उन्हें दिए गए वेतन का महीने वार विवरण, उक्त समय के दौरान ही तीनों के द्वारा इम्मोवेबल प्रॉपर्टी रिटर्न में घोषित विवरण, विश्वविद्यालय में व्याप्त तीनों के किसी भी अन्य ऐसेट व लायबिलिटी के विवरण, तीनों की वर्तमान पोस्टिंग का विवरण, विश्वविद्यालय की ओर से की गई जांच की प्रतियां व रिपोर्ट भी और तीनों की ओर से धनराशि को लेकर की गई अनियमितताओं का विवरण भी मांगा लिया था।

कालेजों को नोटिस से अफरा-तफरी

ईडी ने उन कालेजों को नोटिस जारी किया है जिनकी मान्यता डा. रामपाल के कार्यकाल में दी गयी थी। ऐसे तमाम कालेजों को नोटिस को ईडी का शिकंजा माना जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय यानि ईडी की इस कार्रवाई से तमाम कालेज संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। नोटिस उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के मेरठ क्षेत्र कार्यालय से भेजा गया है। संशोधित भ्रष्टाचार निवारण-संशोधित अधिनियम 2018 के अंतर्गत की जा रही जांच के मामले में पूर्व कुलपति के कार्यकाल के दौरान संस्थानों को दी गई मान्यता में बरती गई

अनियमितताओं के संबंध में नोटिस जारी कर कालेजों से जवाब मांगा गया है। कालेजों से मान्यता संबंधी पत्रावली के आरंभ से दिसंबर-2005 तक के सभी अभिलेखों की प्रमाणित प्रतिलिपि साकेत स्थित विजिलेंस कार्यालय में जमा कराना है। इसके साथ ही कालेज प्रबंधन को अपना पक्ष रखने के लिए कार्य दिवसों में सुबह 10 बजे उपस्थित होने का समय दिया गया है।

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