Thursday, January 27, 2022
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डबल डोज वालों को खतरनाक नहीं ओमिक्रॉन

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  • तेजी से फैल रहा ओमिक्रॉन वायरस

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: ओमिक्रॉन के चलते लोगों के मन में दहशत बनी हुई है। वहीं, कोरोना महामारी की शुरुआत से ही हर्ड इम्यूनिटी शब्द काफी चर्चा में रहा है। इसे तब हासिल किया जा सकता है, जब आबादी का बड़ा हिस्सा वायरस से संक्रमित होकर एंटीबॉडी विकसित कर लें।

लेकिन, विशेषज्ञ मानते हैं कि कोविड-19 बीमारी के केसक में हर्ड इम्यूनिटी को हासिल करना सरल नहीं है। इसके लगातार म्यूटेट होने, जल्दी फैलने और हर वर्ग के लोगों को संक्रमित करने की क्षमता के कारण ये वायरस कॉम्प्लेक्स हो चुका है। कनाडा की रिपोर्ट एक्सपर्ट कैरोलिन कोलीजिन के मुताबिक यदि वायरस से बचना है तो उसके साथ अभी से जीना सीख लें।

…तो खतरनाक हुआ वायरस

महामारी के इन दोनों सालों में कोरोना वायरस के मूलरूप सॉर्स-कोव-2 में काफी बदलाव हो चुके हैं। म्यूटेट होने के कारण वायरस और भी खतरनाक हुआ है और इस पर पुरानी वैक्सीन शत-प्रतिशत कारगर नहीं है। गौरतलब है कि डेल्टा वैरिएंट जो वुहान में जन्मे वायरस से दोगुना तेजी से फैलता है।

साथ ही 36 म्यूटेशन वाले ओमिक्रॉन के कम्यूनिटी ट्रांसमिशन के होने से इसके केस 1.5 से तीन दिनों में दोगुने हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भले ही वैक्सीन लेने वालों में कोरोना के गंभीर लक्षण या मौत का खतरा होने की संभावनाएं कम हैं, लेकिन फिर भी लोग वायरस की चपेट में आ रहे हैं।

क्या होती है हर्ड इम्यूनिटी ?

मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलॉजिस्ट लैब के विभागाध्यक्ष डा. अमित गर्ग ने बताया कि जब आबादी का बड़ा हिस्सा किसी बीमारी से संक्रमित होकर उसके खिलाफ एंटीबॉडी विकसित कर लेता है, तब असंक्रमित लोग भी बीमारी से सुरक्षित हो जाते हैं। इसके अलावा, ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीनेट करके भी हर्ड इम्यूनिटी हासिल की जा सकती है। इस प्रकार संक्रमण अपने आप ही कंट्रोल में आ जाता है।

कोरोना के चार सक्रिय मरीज मिले

सुभारती कैंपस में कोरोना संक्रमण की दस्तक से जिले में स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। एक डाक्टर समेत परिवार के तीन लोगों में वायरस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अब तक करीब 250 लोगों की आरटीपीसीआर जांच कर चुका है। मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डा. अशोक तालियान ने बताया कि संक्रमितों के संपर्क में आए अन्य लोगों का भी सैंपल लिया गया है। जिले में शुक्रवार को कोई नया कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है। अब जिले में पांच मरीज होम आइसोलेशन में हैं। वहीं, कोरोना के चार सक्रिय केस हैं।

बिना अनुमति कार्यक्रम किये तो होगी सख्त कार्रवाई

अब जिला प्रशासन की अनुमति के बिना होटलों और मंडपों में कार्यक्रम आयोजित नहीं किये जायेंगे। इस संबंध में जिला प्रशासन की ओर से सभी मंडप और होटल संचालकों को दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। जो भी कार्यक्रम वह नववर्ष, क्रिसमस, रंगारंग कार्यक्रम आदि वह आयोजित करेंगे उस संबंध में उन्हें जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।

बता दे कि पिछले दो साल से होटल और मंडप व्यवसाय कोरोना की मार झेलता आ रहा है। अभी कुछ हालात सुधरे ही थे कि एक बार फिर से कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का साया मंडराने लगा रहा है। देश में ओमिक्रॉन के केस बढ़ने शुरू हो गये हैं। दिल्ली में इनकी संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिसके चलते अब मेरठ में भी इसका खौफ साफ दिखाई देने लगा है। शासन के निर्देश है कि अब यहां रात्रि कर्फ्यू भी लगाया जायेगा।

अब यहां रात्रि 11 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू रहेगा। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश प्राप्त हो गये हैं। इसके अलावा जिला प्रशासन ने भी निर्देश जारी कर मंडप व होटल संचालकों को नोटिस जारी करने शुरू कर दिये गये हैं। मिले निर्देशों में किसी भी मनोरंजन, जिस पर कर उदग्रहणीय हो व कर भुगतान करने के दायित्व से मुक्त हो यहां न हो जिला मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति लिये बिना कार्यक्रम आयोजित नहीं होगे। नववर्ष की पूर्व संध्या, क्रिसमस इवेंट, मेले तथा किसी भी प्रकार के रंगारंग कार्यक्रम आदि के लिये अनुमति लेनी होगी उसके बाद ही कार्यक्रम आयोजित होंगे।

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