Friday, July 26, 2024
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लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे राहगीर

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  • पीडब्ल्यूडी द्वारा पुलिया निर्माण को खोदा गया गहरा गड्ढा बना यमराज, अधिकारी बेखबर
  • पीडब्ल्यूडी ने बैरिकेडिंग कर झाड़ा पल्ला, वाहनों के आवागमन से बन जाता है धुल का गुब्बार
  • जनप्रतिनिधि और आलाधिकारी नहीं ले रहे सुध

जनवाणी संवाददाता |

परीक्षितगढ़: पीडब्ल्यूडी की लापरवाही तो देखिए साहब! एक माह से परीक्षितगढ़-मेरठ मार्ग स्थित गांव खानपुर बांगर के समीप पुलिया के लिए निर्माण कार्य चल रहा है। मेरठ-परीक्षितगढ़ के बीच संभलकर चले जगह-जगह गहरे मौत के गड्ढे भी है। विभाग आंखें मंूदकर बैठा है। पुलिया निर्माण के दौरान बनाया गया गहरा गड्ढा जनता और राहगीरों के लिए मौत का सबब बना हुआ है। संबंधित विभाग की घोर लापरवाही से एक युवक अकाल मृत्यु के मुंह में समा चुका है।

जबकि घायलों की गिनती करना तो बेइमानी होगा, लेकिन विभाग अपनी मनमानी कर रहा है। जबकि इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। आखिर विभाग और कितनी मौतों के इंतजार में है? यह एक बड़ा सवाल है। जबकि पीडब्ल्यूडी ने मात्र बैरिकेडिंग कर अपनी लापरवाही से पल्ला झाड़ लिया है। उधर, पुलिया निर्माण की लागत लगभग 49 लाख रुपये बताई जा रही है।

थाना क्षेत्र के गांव खानपुर मार्ग के समीप पीडब्ल्यूडी ने पुलिया को पहले से बड़ा बनाया जा रहा है। इसके लिए कई फीट गहरा और चौड़ाई का गड्ढा खोदकर मिट्टी सड़क किनारे पर फैला रखी है। पीडब्ल्यूडी की लापरवाही का खामियाजा जनता, वाहन चालकों और राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है तथा ही यह जानलेवा गड्ढा न जाने कितने लोगों की जीवन को अपने अंदर समेट सकता है।

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यह मेरठ जाने का मुख्य मार्ग है तथा यह अनेक गांवों को भी जोड़ता है। एक माह पहले पुलिया निर्माण कार्य के लिए बनाया जा रहा गड्ढा आजतक संबंधित विभाग पूरी तरह से तैयार नहीं कर सका है। पीडब्ल्यूडी ने पुलिया निर्माण कराने के बजाय युवक की मौत के बाद मात्र खानापूर्ति कर बैरिकेडिंग कर अपने कार्य की इतिश्री कर ली। इसे पीडब्ल्यूडी की तानाशाही कह सकते हैं कि मौत का गड्ढा ऐसा ही छोड़कर जनता को मरने के छोड़ दिया गया है। शायद संबंधित विभाग और भी बडेÞ हादसे के इंतजार में है।

वाहनों के आवागमन से धूल के गुब्बारों में बन जाता है। जिससे वायु प्रदूषण भी लोगों की जान पर आफत बन जाती है, लेकिन पीडब्ल्यूडी के खिलाफ अधिकारी भी चुप्पी सादे हुए हैं। यह गड्ढा अब यमराज का रूप लेने लगा है। चार दिन पूर्व क्षेत्र के गांव अमरसिंहपुर निवासी शिवम की मौत इसी गहरे गड्ढे में गिरकर हुई थी। जबकि उसका साथी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहा है।

डीएम से की पुलिया को बनवाने की मांग

पुलिया निर्माण कार्य के लिए बनाए गए गड्ढा लोगों की जीवन लीला समाप्त कर रहा है। आए दिन हो रहे हादसों से पीडब्ल्यूडी के खिलाफ लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है, लेकिन विभाग को जनता की कोई परवाह नहीं है। क्षेत्रिय लोगों ने डीएम दीपक मीणा से पीडब्ल्यूडी से पुलिया को शीघ्र ही बनवाने की मांग करते हुए विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस के लिए सिरदर्द बना गहरा गड्ढा

शादी समोराह के चलते मार्ग पर वाहनों की तादात बढ़ी है। जिसके चलते बना गहरा गड्ढा होने के कारण वाहन चालकों को आने जाने में पेरशानी हो रही है। यह गड्ढा आए दिन हादसों को दावत दे रहा है। जिससे पुलिस आनन-फानन में पहुंचकर घायलों को उपचार के लिए भेजते हैं तथा जाम की विकराल स्थिति पैदा हो जाती है। पुलिस के लिए यह गड्ढा सिरदर्द बना हुआ है।

जनप्रतिनिधि भी मुंदे हुए हैं आंखे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों को गड्ढा मुक्त व नई सड़क बनाने की योजना चला रखी है। मेरठ मार्ग स्थित गांव खानपुर बांगर के समीप पुलिया के चौड़ीकरण के लिए खोदा गए गहरे गड्ढे में गिरकर लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं और असमय ही मौत के काल में समा रहे हैं तथा दर्जनों घायल हो गए हैं, लेकिन क्षेत्र के जनप्रतिनिधि व शासन प्रशासन अधिकारी भी नहीं ध्यान नहीं दे रहे हैं।

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