- सपा व रालोद ने भाकियू को किया समर्थन
- कोतवाली में सुरक्षा के मद्देनजर बढ़ाया जा रहा फोर्स
- पुलिस ने हंगामे के आरोपियों को भेज दिया है जेल
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: मेडिकल कराने आये लोगों के साथ मारपीट व जिला अस्पताल में हंगामे के बाद मुकदमा दर्ज होने बाद राजनीति गरमानी शुरू हो गयी है। आरोपियों के समर्थन में भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत के आ जाने के बाद मामला गरमाना शुरू हो गया है। राकेश टिकैत का आरोप है कि जिला अस्पताल में भाकियू पदाधिकारी के साथ दुर्व्यवहार किया गया। पुलिस द्वारा आरोपियों को जेल भेजे जाने के बाद गरमाहट बढ़नी शुरू हो गई है। भाकियू के समर्थन में सपा व रालोद भी खुलकर आ गई है। कोतवाली में भारी पुलिस बल को तैनात किया जा रहा है।
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बता दें कि भारतीय किसान यूनियन के एक पदाधिकारी के साथ रात में जिला अस्पताल में हुई अभद्रता के बावजूद पुलिस कर्मियों के द्वारा उनको ही हिरासत में लेकर मारपीट किये जाने के मामले के बाद यूनियन पदाधिकारी और कार्यकर्ताओ को जेल भेजने की पुलिस की तैयारी ने आज सवेरे दिन निकलते ही गहरा तूल पकड़ लिया था। इस मामले में पुलिस कार्यप्रणलाी से रुष्ट होकर यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ. राकेश टिकैत कार्यकर्ताओं के साथ शहर कोतवाली पहुंचे और धरने पर बैठ गये थे।

उन्होंने पुलिस पर यूनियन कार्यकर्ताओं के साथ गुण्डों से भी बुरा व्यवहार करने और अभद्रता करने के आरोप लगाया था। इसके साथ ही अस्पताल में कर्मचारियों और चिकित्सकों की कार्यप्रणाली को लेकर भी नाराजगी प्रकट की थी। राकेश टिकैत के कोतवाली में धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही जिले में हड़कम्प मच गया था। गांव देहात से सैंकड़ों कार्यकर्ता और संगठन के पदाधिकारी भी कोतवाली पहुंच गये और थाने का घेराव करते हुए हंगामा कर दिया था।

मामले उस समय और अधिक तूल पकड़ गया था, जब पुलिस ने भाकियू के पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया। भाकियू पदाधिकारियों को जेल भेजे जाने के बाद मामला तूल पकड़ना शुरू हो गया। भाकियू ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया। सोने पर सुहागा उस समय हो गया, जब समाजवादी पार्टी व रालोद भी भाकियू के समर्थन में खुलकर आ गये। मामले को बढ़ता देख पुलिस प्रशासन भी एक्टिव मोड़ में ओर शहर कोतवाली में फोर्स को बढ़ा दिया गया है।
कोतवाली में लगाया टेंट, भट्टिया भी चढाई
जिला अस्पताल के हंगामे के मामले में जहां पुलिस प्रशासन ने अपना रूख दिखाते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है और भाकियू को दिखा दिया कि वह किसी तरह के दबाव में आने वाले नहीं हैं, वहीं दूसरी ओर भारतीय किसान यूनियन ने भी कोतवाली में टेंट लगाकर व भट्टिया चढ़ाकर अपना रूख साफ कर दिया है कि वह इस मामले में आर-पार की लड़ाई लडेंगे। भारतीय किसान यूनियन के समर्थन में विपक्षी दल समाजवादी पार्टी व राष्ट्रीय लोकदल भी खुलकर आ गये हैं। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता हरेन्द्र मलिक, गौरव जैन, सचिन सिंघल, साजिद हसन समेत अनेक नेता धरना स्थल पर पहुंच गये, तो वहीं रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष अजित राठी, प्रभात तोर भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ धरना स्थल पर पहुंच गये और भाकियू के साथ इस लड़ाई को कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने का ऐलान कर दिया है।
पुलिस के आला अधिकारियों ने नहीं की बातचीत
जनपद में ही नहीं, बल्कि देश में अपनी आंदोलन की नीति से पहचान बनाने वाले भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता नरेश टिकैत के धरने पर बैठने के बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। पूरे दिन से धरने पर बैठे राकेश टिकैत से वार्ता करने के लिए पुलिस या प्रशासन का कोई भी बड़ा अधिकारी कोतवाली में नहीं पहुंचा, अलबत्ता शहर कोतवाल ने इस मामले में बात कर इसे सुलझाने का प्रयास किया, परन्तु वह भी भाकियू की शर्तें मानने के लिए कतई तैयार नहीं थे।
ये दर्ज कराया गया मुकदमा
शहर कोतवाली में कांस्टेबल दीपक कुमार की ओर से मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया गया कि वह सोमवार की रात्रि सन्नी पुत्र मुकेष निवासी धनसनी तितावी, अभिषेक पुत्र गुलवीर निवासी फफराना, मोदीनगर, जेनित पुत्र गुरूदेव निवासी नसीरपुर, मनी पुत्र गुलवीर निवासी फफराना मोदीनगर का मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में गये थे, तो वहां पर अमरजीत सिंह पुत्र मोतीराम निवासी हैदरनगर अपने साथी रविन्द्र पुत्र अतर सिंह निवासी सैदपुरा खुर्द, प्रदीपपाल पुत्र प्रेमपाल निवासी धौलरा, मन्नू उपर्फ अन्जु पुत्र प्रमोद निवासी अलीपुर, गौरव उर्फ हनी पुत्र महीपाल सिंह निवासी ब्रहमपुरी अपने आठ-दस अज्ञात व्यक्तियों के साथ अपनी गाडी से इमरजेंसी आये और आक्रामक होते हुए|
गाली-गलौच करते हुए धक्का-मुक्की करने लगे औ अपने मिलने वाले सन्नी प्रधान व जैनित को जिसकी वह डॉक्टरी कराने लाये थे उसे छीन लिया और अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दी और अस्पताल स्टाफ के साथ भी गाली-गलौच व मारपीट करने लगे, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गयी। इस मामले में पुलिस ने अमरजीत सिंह, रविन्द्र, प्रदीपपाल, अन्नू उर्फ अनुज, गौरव उर्फ हनी व आठ-दस अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 323, 333, 253, 427, 506 व 7 क्रिमिनल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

