- प्रशासन ने दबाव बनने पर सुनील रोहटा के नामांकन को दी क्लीन चिट
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: एमएलसी के चुनाव के लिए नामांकन के बाद रालोद प्रत्याशी सुनील रोहटा का मंगलवार को नामांकन रद करने की खबरों के बाद रालोद नेताओं ने कलक्ट्रेट में डेरा लगा दिया। रालोद के तमाम नेता समर्थकों के साथ यहां पहुंचने शुरू हो गए। रालोद नेताओं का कहना था कि सुनील रोहटा का नामांकन रद करने की साजिश की गई, लेकिन शाम को जिला निर्वाचन अधिकारी के. बालाजी की तरफ से कहा गया कि सुनील रोहटा का नामांकन जांच पड़ताल में ठीक पाया गया, जिसके बाद ही रालोद नेताओं ने राहत की सांस ली और वापस लौट गए।

मंगलवार को कलक्ट्रेट में एमएलसी चुनाव के लिए किए गए नामांकन की जांच पड़ताल थी। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कहा गया कि सुनील रोहटा ने अपने फार्म में पिता का नाम गलत लिख दिया। इस मुद्दे को लेकर प्रशासन नामांकन रद करने पर अड़ गया था। इसकी भनक रालोद नेताओं को लगी, जिसके बाद रालोद और सपा गठबंधन के तमाम नेता कलक्ट्रेट पहुंच गए तथा नारेबाजी करने लगे।
अधिकारियों ने देखा कि बवाल बढ़ सकता है, जिसके बाद प्रशासन बैकफुट पर आ गया। प्रशासन ने अचानक शाम को घोषणा कर दी कि जांच पड़ताल के दौरान रालोद प्रत्याशी सुनील रोहटा का नामांकन सही पाया गया तथा नामांकन को क्लीन चिट दे दी गई। इसके बाद ही रालोद नेता वापस लौट गए। इस दौरान कलक्टेÑट में फोर्स भी बुला ली गई थी। टकराव के हालात पैदा हो सकते थे। क्योंकि रालोद नेता भी टकराव के मूड में दिख रहे थे। नामांकन रद होने पर यहां के हालात बिगड़ भी सकते थे।
ये था विवाद
रालोद प्रत्याशी सुनील रोहटा का नामांकन रद करने को लेकर भाजपा प्रत्याशी धर्मेंद्र भारद्वाज ने जिला निर्वाचन अधिकारी के. बालाजी के सामने आपत्ति लगाई थी। आपत्ती में कहा गया था कि सुनील रोहटा द्वारा जो शपथ पत्र नामांकन के साथ लगाएगा है, उसमें पिता का नाम जगबीर लिखा गया है, जबकि उसके पिता का नाम गुलबीर सिंह है। यह गलत है। यही नहीं, शपथ पत्र भी यह तथ्य गलत था।
यही नहीं, स्टाम्प पेपर सुनील के नाम से खरीदा जाना चाहिए था, जो किसी अन्य के नाम से खरीदा गया। स्टांप पेपर में कोई भी संशोधन नहीं हो सकता। इसको लेकर धर्मेंद्र भारद्वाज ने जिला निर्वाचन अधिकारी के सामने आपत्ति की थी कि सुनील का नामांकन रद किया जाए। इस आपत्ति पर अपराह्न तीन बजे सुनवाई चली। दोनों पक्षों को सुना गया, जिसके बाद ही जिला निर्वाचन अधिकारी के. बालाजी ने स्पष्ट किया कि यह टाइप मिस्टेक है, इसको लेकर नामांकन रद नहीं किया जा सकता।
उधर, भाजपा प्रत्याशी धर्मेंद्र भारद्वाज ने इस मामले को लेकर चुनाव आयोग में भी शिकायत की है तथा नामांकन रद करने की मांग की है। भाजपा प्रत्याशी धर्मेंद्र भारद्वाज के साथ मेरठ कैंट के भाजपा विधायक अमित अग्रवाल, जिला अध्यक्ष विमल शर्मा समेत तमाम भाजपा नेता भी मौजूद रहे।
नामांकन रद करने की हुई साजिश: रोहटा
एमएलसी चुनाव में रालोद के घोषित प्रत्याशी सुनील रोहटा ने कहा कि उनका नामांकन रद करने की प्रशासन साजिश कर रहा था। इस साजिश में प्रशासन कामयाब नहीं हुआ। क्योंकि रालोद व सपा के नेता एकजुट हो गए थे। कलक्ट्रेट में ही डेरा लगा दिया था।
चार घंटे रालोद और सपा के तमाम नेता कलक्ट्रेट में ही रहे, जिसके चलते प्रशासन नामांकन रद नहीं कर सका। उन्होंने कहा कि चुनाव रालोद जीत रहा हैं, जिसके चलते भाजपा के नेता परेशान हैं। अब साजिश की जा रही हैं। रालोद व सपा गठबंधन के नेता भाजपा की साजिश कामयाब नहीं होने देंगे।
ये रहे मौजूद
सुनील रोहटा के साथ कलक्टेÑट में सपा जिलाध्यक्ष राजपाल चौधरी, रोहित जाखड़, एमएलए गुलाम मोहम्मद, डा. राजकुमार सांगवान, ग्यास चौधरी, शहर विधायक रफीक अंसारी, संजय चौधरी, पूर्व विधायक राजेन्द्र शर्मा आदि मौजूद रहे।

