- कॉपरेटिव बैंक से मेरठ कॉलेज तक रेंगते रहे वाहन
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कचहरी नाला चौराहा को जाम से मुक्ति न जाने कब मिलेगी। इस चौराहे पर दिनभर जाम लगा रहता है। कभी-कभी यहां से लोगों को पैदल निकलना तक दूभर हो जाता है। दूसरी ओर मेरठ कॉलेज और कचहरी के सामने सड़क किनारे वाहन खड़े कर दिए जाते है। इससे स्थिति और बिगड़ जाती है। बाकी कसर आॅटो और ई-रिक्शा वाले पूरी कर देते हैं। लाख कोशिशों के बावजूद नाला चौराहे पर जाम से मुक्ति नहीं मिल रही है।
कचहरी और मेरठ कॉलेज के सामने सड़क किनारे अवैध पार्किंग बनी हुई है। जहां पर कचहरी में आने वाले लोग अपने वाहन खड़े कर देते है, जिससे यह मार्ग संकरा हो जाता है। वहीं, नाले के पास बेगमपुल तक जाने वाले आॅटो का स्टैंड बना हुआ है और कचहरी में आने वाले हजारों लोग अपने वाहनों या फिर ई-रिक्शा से पहुंचते है। जिस कारण यहां वाहनों की संख्या अधिक बढ़ जाती है।
सुबह के समय यहां हालात बद से बदतर हो जाते है। कचहरी नाला चौराहा सबसे व्यस्तम चौराहा है। इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिस अपनी जिम्मेदारी पर खरी नहीं उतर रही है। जिस कारण यहां दिनभर जाम लगा रहता है। स्कूल कॉलेजों की छुट्टी के दौरान हालात इस कदर बिगड़ जाते है कि पैदल निकलना भी दूभर हो जाता है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने यहां ट्रैफिक पुलिस को लगाया हुआ है, ट्रैफिक पुलिस भी दिनभर व्यवस्था बनाने में जूझती रहती है। इसके बावजूद हालात जस के तस रहते है।
कचहरी नाले के पास चलते है कई कोचिंग सेंटर
कचहरी नाले के पास कई कोचिंग सेंटर चलते है। कोचिंग में आने वाले छात्रों का भी दिनभर आना-जाना लगा रहता है। यही नहीं इन कोचिंग सेंटरों के पास भी कोई पार्किंग नहीं है, जिस कारण यहां आने वाले छात्रों भी अपने वाहन सड़क किनारे ही खड़े करने पड़ते है। वहीं, बाकी कसर सब्जी और फलों के ठेले पूरी कर देते है। यह लोग भी सड़क किनारे ही अपने ठेले लगाकर सब्जी और फल बेचते है।

