Sunday, June 14, 2026
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Tag: संस्कार

जब हनुमान जी मिथिला गए

शिवानंद मिश्रा | अपनी अपनी रुचि के अनुसार सामिष निरामिष व्यंजनों की लंबी तालिका थी और विशिष्ट व्यंजन के रूप में था, कटहल। हनुमान जी...

प्रकृति के आभार की अभिव्यक्ति का पर्व महाशिवरात्रि

देवभाषा संस्कृत में भगवान शिव को साधु या किसी फक्कड़ के रूप में ही देखा गया है। मोह माया से कोसों दूर , हिमाच्छादित...

अपने सभी कर्मों को ईश्वर को ही समर्पित करें

चंद्र प्रभा सूद | संसार में हम सब जो भी सुख-समृद्धि पाना चाहते हैं, पहले उसे अपनी ओर से कर्मरूपी इस हैण्ड पम्प में डालना...

हमार संस्कृति पर कड़ा प्रहार

रेणु बाला शर्मा | एक समय ऐसा भी था जब भारतवर्ष की संस्कृति और ज्ञान का परचम सारे विश्व में लहरा रहा था किंतु आज...

रामायण और रामचरित मानस के कथानक में भिन्नता

राज सक्सेना | देश में अब तक चार सौ से अधिक रामकथाओं की खोज हो चुकी है। इन रामकथाओं में कथानक से लेकर पारस्परिक संबन्धों...

शयन के शास्त्रीय नियम

चंद्र प्रभा सूद | आचार्य चाणक्य का कथन है कि विद्यार्थी, नौकर और द्वारपाल यदि अधिक समय से सोए हुए हों तो इन्हें जगा देना...
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