- प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में निपटा विवाद
जनवाणी संवाददाता |
भोपा: थाना क्षेत्र के गांव गादला में लगे उत्तम शुगर मिल खाईखेडी के गन्ना केंद्र पर चौकीदार के रूप में कार्यरत अधेड़ की मौत के मामले में प्रशासनिक अधिकारियो की मौजूदगी में मुआवजे की मांग पूरी होने के बाद तीसरे दिन मृत चौकीदार का अंतिम संस्कार किया गया गया। गुरुवार को गन्ना केंद्र पर संदिग्ध परिस्थितियों में चौकीदार की मौत हो गई थी। जिसके बाद गुस्साए मृतक के परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ मिलकर शव गन्ना केंद्र पर रखते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था और सूचना पर मौके पर पहुंचे मिल अधिकारियों को भी ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था।
भोपा थानाक्षेत्र के गांव गादला में उत्तम शुगर मिल खाइखेड़ी के गन्ना केंद्र पर गादला निवासी सत्तू पुत्र मंगल 54 वर्ष चौकीदार के रूप में कार्यरत था। गुरुवार को वह गन्ना केंद्र पर चौकीदारी के लिए गया था। जंहा संदिग्ध परिस्थितियों में अधेड़ चौकीदार की मौत हो गयी थी। जिसके बाद परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर शव को गन्ना केंद्र पर रखकर मुआवजे की मांग करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था और सूचना पर पहुंचे मिल अधिकारियों को बंधक बना लिया था। मिल अधिकारियों को बंधक बनाने की सूचना पर शुक्रवार को मौके पर पहुंची भोपा पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया था परंतु ग्रामीण किसी भी स्थिति में टस से मस होने के लिए तैयार नहीं हुए।
शनिवार को उपजिलाधिकारी जानसठ अभिषेक कुमार, नायब तहसीलदार जसमेन्द्र सिंह, क्षेत्राधिकारी राम आशीष यादव, प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार सैनी व उत्तम शुगर मिल्स के अपर गन्ना प्रबन्धक पवन जैनर, मनोज त्यागी,उप गन्ना प्रबन्धक प्रदीप त्यागी व सुरक्षा अधिकारी दिनेश शर्मा मौके पर पहुंचे और मिल अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच में वार्ता शुरू कराई। अपर गन्ना अधिकारी पवन जैनर ने मृतक के परिवार को दो लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को पात्रता के अनुसार मिल में नौकरी देने व उपजिलाधिकारी जानसठ द्वारा राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का लाभ देने की घोषणा की जिसके बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
दो दिन खुले आसमान के नीचे शव रखे बैठे रहे परिजन
गादला स्थित गन्ना केंद्र पर चौकीदार की मौत के बाद मुआवजे की मांग को लेकर मृतक के परिजन गुरुवार रात से शनिवार सुबह तक खुले आसमान के नीचे शव को लेकर बैठे रहे। इस बीच कई बार मिल अधिकारियों और ग्रामीण व परिजनों के बीच वार्ता की गई परंतु कोई समाधान नहीं निकल पाया। मुआवजे की मांग पूरी ना होती देख कई बार मृतक के परिजनों और मिल अधिकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आई परंतु प्रशासन की सतर्कता के चलते हर बार मामला टाला जाता रहा। जिससे प्रशासन के हाथ पांव फूले रहे। शनिवार को मुआवजे की घोषणा के बाद शव का अंतिम संस्कार किया जा सका।
भाकियू तोमर के पदाधिकारी ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे
थाना क्षेत्र के गांव गादला स्थित गन्ना केंद्र पर चौकीदार की मौत का मामला अखबारों की सुर्खियां बनने के बाद भाकियू तोमर के तहसील प्रभारी तबरेज आलम, मोरना ब्लॉक महासचिव अतुल अहलावत, युवा मंडल प्रभारी नवेद मलिक, वकार मलिक, सद्दाम अल्वी, अंकुर अहलावत, निखिल चौधरी आदि मौके पर पहुंचे और परिजनों और ग्रामीणों के साथ धरना प्रदर्शन में बैठ गए।इस दौरान मुख्य रूप से रामपाल कश्यप, धर्मपाल कश्यप, पूर्व प्रधान राजीव नन्हेड़ा, दिलशाद प्रधान,घनश्याम सिंह आदि मौजूद रहे।

