Wednesday, April 29, 2026
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नगर निगम में हुई अनुपस्थित स्वच्छता मित्रों की परेड तो खुली पोल

  • वार्ड-31 में प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने 15 बार किया निरीक्षण तो मौके पर मिले 5 से 6 स्वच्छता मित्र
  • पार्षद ने 20 सफाई कर्मचारी (स्वच्छता मित्र) में से करीब 10 को प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी से हटाने की मांग की

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: नगर निगम में प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी में शुक्रवार को दोपहर के समय वार्ड-31 के 9 अनुपस्थित सफाई कर्मचारियों (स्वच्छता मित्र) की परेड कराई गई तो उनकी पोल खुल गई। परेड़ के दौरान स्वच्छता मित्रों ने बातों ही बातों में बता दिया कि कम वेतन के कारण उन्हें दूसरी जगह भी काम करना पड़ता है।

जिसके बाद उनकी सिफारिश में पहुंचे सफाई नेता जोकि वार्ड पार्षद व प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी पर पारा हाई हो रहा था, वह कम हो गया। जिसके बाद सफाई नेताओं ने भी उन्हें कार्य करने की नसीहत दी, जिसके बाद घंटों तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा खत्म हुआ।

नगर निगम क्षेत्र में बेपटरी सफाई व्यवस्था को लेकर जहां एक तरफ अधिकतर पार्षद वार्ड में सफाई कर्मचारियों की संख्या को बढ़वाने की मांग कर रहे हैं। उनसे उलट वार्ड-31 के पार्षद कुलदीप उर्फ कीर्ति घोपला द्वारा जो उसके वार्ड में 20 सफाई कर्मचारी-स्वच्छता मित्र लगे हैं, उनमें से उसके द्वारा करीब 10 कर्मचारियों को वार्ड से हटाकर अन्य वार्ड में भेजने की मांग को लेकर डा. हरपाल सिंह को शिकायती पत्र दिया।

साथ ही बताया कि जब उसके वार्ड में 20 सफाई कर्मचारियों में से मात्र 5 से 6 ही आते हैं तो बाकी सफाई कर्मचारियों का क्या फायदा। शिकायत पर डा. हरपाल सिंह के द्वारा एक दो बार नहीं बल्कि 15 बार निरीक्षण किया तो करीब 12 से 15 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। जिसके बाद डाक्टर ने फोन पर संपर्क साधा तो किसी ने खुद को गाजियाबाद तो किसी ने दिल्ली बताया। जिसके बाद डा. हरपाल सिंह द्वारा सभी अनुपस्थित दिनों का वेतन रोक दिया गया।

वेतन रुकते ही उक्त सफाई कर्मचारी सफाई नेताओं के पास पहुंचे ओर वेतन दिलवाने की मांग की थी, जिसको लेकर शुक्रवार को नगर निगम में दिनभर हाईवोल्टेज ड्रामा चला। वार्ड-31 में अनुपस्थित चल रहे स्वच्छता मित्रों में जिन पर निगम के साथ अन्य जगहों पर भी काम करने का आरोप है। मनोज पुत्र ज्ञानदास, अमित कुमार पुत्र राजकुमार, प्रभात पुत्र राधेश्याम, अमन पुत्र कन्हैयालाल, प्रीति पत्नी सोनू, श्रीकांत पुत्र किशन, नितिन पुत्र महेश, सिद्धार्थ पुत्र राजू, जय किशन पुत्र मिस सिंह, जोकि लगातार काफी समय से अनुपस्थित चल रहे हैं।

जिसको लेकर वार्ड के सफाई सुपरवाइजर नरेश पार्चा के द्वारा 25 अक्टूबर 2023 को रिपोर्ट प्रेषित की गई। जिसमें 1 अक्टूबर के बाद जब अनुपस्थित रहने पर वेतन काटने की संस्तुति के बाद रिपोर्ट प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी के पास भेजी गई। दीपावली से पूर्व वेतन नहीं मिलने की जानकारी जब इन सबको हुई तो उन्होंने पार्षद व सुपरवाइजर पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। सुपरवाइजर की रिपोर्ट से अलग हटकर भी प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने लगातार 15 बार निरीक्षण किया तो इनमें से कोई डयूटी पर नहीं मिला।

प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने फोन नंबर मिलाया ओर अपना परिचय दिये बिना जानकारी की तो किसी ने खुद को दिल्ली तो किसी ने गाजियाबाद बताया। किसी ने डाक्टर के यहां तो किसी ने किराना की दुकान पर काम करने वाला बताया। जिसके बाद निगम के अधिकारियों के द्वारा वेतन काटने की संस्तुति कर दी गई। शुक्रवार को सफाई नेता जोकि उनके पक्ष में पहुंचे थे उन्होंने भी काम नहीं तो वेतन नहीं मिलने की बात कही, लेकिन दीवाली से पूर्व अनुपस्थित दिनों का वेतन दिलवाने की भी साथ-साथ मांग भी की। उधर, परेड के दौरान कई स्वच्छता मित्रों ने कहा कि उनका ओसत नहीं आता कि वह 9500 रुपये में सफाई का काम करें, जिस कारण उन्हें दूसरी जगह कार्य करना पड़ रहा है।

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