Thursday, July 25, 2024
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बदहाल है विधायक अतुल प्रधान के गांव गड़ीना की सड़कें

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  • सांसद से भी ग्रामीण कर चुके फरियाद

जनवाणी संवाददाता |

फलावदा: क्षेत्र के ग्राम गड़ीना की सड़कें अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। ग्रामीण रास्तों की दुर्दशा के कारण नारकीय जीवन जीने को मजबूर हो रहे है। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय सांसद व विधायक से फरियाद लगाई, लेकिन रास्तों का जीर्णोद्धार नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों के हिस्से में सिर्फ आश्वासन ही आ रहे हैं।

मवाना ब्लॉक के तहत गड़ीना गांव सपा विधायक अतुल प्रधान का पैतृक गांव है। विधायक के इस गांव की सड़कें अपनी बदहाली पर एक मुद्दत से आंसू बहा रही है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। गांव में स्थित विधायक अतुल प्रधान के आवास के समीप ही कुंडा जाने वाला रास्ता ही बेहद दयनीय स्थिति में है। क्षेत्रीय सांसद डा. संजीव बालियान द्वारा पिछले दिनों महलका पुलिस चौकी से बिसौला तक बाइपास को बनवाने की घोषणा की गई थी,

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लेकिन यह घोषणा भी हवाई साबित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सांसद द्वारा घोषित उक्त मार्ग पर अभी तक कोई काम नहीं हुआ। मार्ग की बदहाली के कारण करीब दर्जन भर गांव के लोग परेशान हो रहे हैं। बरसात होने पर ग्रामीणों की दुश्वारियां और बढ़ गई है।

वहीं, बाइपास मार्ग की हालत बेहद खराब है। गांव के चौधरी नरेंद्र, विजय चौधरी, राजसिंह, नरेश, प्रमोद, टीटू, ओमवीर सिंह, मनोज आदि का कहना है कि गांव के बदहाल पड़े रास्तों को बनवाने के लिए कोई भी जनप्रतिनिधि सुनने को तैयार नहीं है। विकास के नाम पर कामकाज का दिखावा किया जा रहा है। जनप्रतिनिधि पार्टी और समाज के आधार पर कुछ खास लोगों के छोटे-छोटे काम करके विकास मान बैठे हैं। रास्तों की बहाली को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।

वर्षभर भी नहीं चला 15 लाख में बना नाला

सरधना: क्षेत्र के बहादरपुर गांव में एमएलसी कोटे से बना नाला एक वर्ष भी नहीं चल सका। करीब 15 लाख रुपये से अधिक लागत में तैयार किया गया यह नाला पहली बरसात में ही धंस गया। नाले का एक हिस्सा पूरी तरह ढह चुका है। अब नाले के साथ सड़क भी उधड़नी शुरू हो गई है। इतने कम समय में धंसा नाला बता रहा है कि निर्माण में कितना भ्रष्टाचार किया गया है। निर्माण के समय भी ग्रामीणों ने घटिया सामग्री लगाने का आरोप लगाया था। मगर किसी ने सुनवाई नहीं की। अब ग्रामीणों ने मामले की शिकायत डीएम से करते हुए जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही शीघ्र नाला दुरुस्त कराने की मांग की।

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सरूरपुर ब्लॉक के बहादरपुर गांव में ग्रामीण दूषित पानी की निकासी के लिए काफी समय से नाला निर्माण की मांग कर रहे थे। एमएलसी श्रीचंद शर्मा ने अपने कोटे से इस नाले का निर्माण कराने की घोषणा की थी। अपै्रल 2022 में एमएलसी के कोटे से करीब 15.33 लाख रुपये की लागत से नाले का निर्माण कराया गया था। नाला निर्माण में ठेकेदार ने इतना भ्रष्टाचार कर दिया कि नाला एक साल भी नहीं चला। नाला निर्माण के दौरान ग्रामीणों ने ठेकेदार घटिया सामग्री लगाने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से शिकायत भी की थी। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।

जिसका नतीजा यह हुआ कि यह नाला एक साल भी नहीं चल सका। नाला धंसना शुरू हो गया है। नाले का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह टूट चुका है। अब उसके साथ सड़क भी उधड़नी शुरू हो गई है। नाले की हालत देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि नाले में किस कदर खेल किया गया है। अब ग्रामीणों ने मामले की शिकायत डीएम से करते हुए ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही नाला दुरुस्त कराने की मांग की है। इस संबंध में बीडीओ सरूरपुर राजेंद्र प्रसाद सिंह से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

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