- शाम को पहुंचते ही सबसे पहले नाले का किया निरीक्षण, रात में शुरू हुई साफ-सफाई
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जनपद के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने जब शहर के नालों का निरीक्षण किया तो उनके सामने सफाई कार्यों की कलई पूरी तरह से खुल गई। प्रभारी मंत्री ने इसके लिए नगर आयुक्त व तमाम अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। प्रभाीर मंत्री ने साफ कहा कि जब उनके सामने यह हालात हैं तो बरसात होने पर शहर तो वाकई ही पानी में डूब जायेगा। मंत्री ने मेयर को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उनके सामने यह तमाम अव्यवस्था रही और उन्होंने ऐसे लापरवाह अधिकारियों की कारगुजारी पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। प्रभारी मंत्री की फटकार का यह असर हुआ कि रात में ही नालों की सफाई का काम शुरू कर दिया गया। जेसीबी लगाकर नालों से कूड़ा तो निकाला गया। लेकिन यह व्यवस्था कितने दिन चलेगी, इसका जवाब दे पाना तो मुश्किल ही है।
गुरुवार को जनपद भ्रमण पर पहुंचे प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने आबू नाला बेगमपुल, थापर नगर, पटेल नगर नाला, ईदगाह तथा ओडियन नाले का स्थलीय निरीक्षण किया। अपने सामने ही पूरी तरह गंदगी से अटे पड़े नाले देखकर प्रभारी मंत्री खासे नाराज हुए। उन्होंने कहा कि यहां तो ऐसा लग ही नहीं रहा है कि सालों से सफाई ही नहीं हो रही है। प्रभारी मंत्री ने पूछा कि जब उनके सामने ही नाले की यह दुर्दशा दिख रही है तो पूरे समय नगर निगम का लाव लश्कर क्या करता होगा। यह खुद जाहिर हो रहा है। निरीक्षण के समय नगर आयुक्त डा.अमित पाल शर्मा, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा.हरपाल सिंह को जब प्रभारी मंत्री ने हड़काया तो तमाम अधिकारी बगलें झांकने लगे। अधिकारी सफाई देते रहे कि व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है।
लेकिन साफ लग रहा था कि नगर निगम के अधिकारियों के जवाब से प्रभारी मंत्री संतुष्ट नहीं हैं। प्रभारी मंत्री ने महापौर को भी आडेÞ हाथ लेते हुए कहा कि ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की? जो सफाई को लेकर पूरी तरह से लापरवाह बने हुए हैं। मंत्री ने नालो की साफ सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए नगर निगम से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने की निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले समस्त नालों में पानी निकासी की व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे यह सुनिश्चित किया जाए तथा जहां कहीं भी नालों में सफाई की जानी है संबंधित अधिकारी कार्रवाई करते हुए पानी निकासी एवं साफ सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करें।

मरकरी लाइट की रोशनी में की गई नाले की सफाई
प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह की फटकार का यह असर हुआ कि रात में ही मरकरी लाइटें लगाकर शहर के नालों की सफाई का काम शुरू किया गया। मेरठ के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह गुरुवार को सर्किट हाउस पहुंचे। इसके बाद उन्होंने निरीक्षण किया तथा शहर के नालों की दुर्दशा देखकर उन्होंने सख्त नाराजगी जाहिर की। प्रभारी मंत्री के हड़काने का यह असर हुआ कि रात में ही बेगमपुल नाला तथा कचहरी पुल के नाले की सफाई की गई। नगर निगम ने बड़ी-बड़ी मरकरी लाइटें लगाकर जेसीबी से नालों से सिल्ट व कूड़ा निकलवाया तथा रात में ही कूड़ा व गंदगी को वहां से हटवाया। ताकि मंत्री को सुबह फिर से निरीक्षण करके अपनी पीठ थपथपा सकें।
प्रभारी मंत्री मेरठ पहुंचे सर्किट हाउस में ली मीटिंग
प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह गुरुवार शाम सर्किट हाउस पहुंचे। यहां उनका पार्टी नेताओं और अधिकारियों ने स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने सर्किट हाउस में विभिन्न मामलों को लेकर डीएम दीपक मीणा और एसएसपी रोहित सिंह सजवाण से मीटिंग की। इस दौरान भाजपा विधायक अमित अग्र्रवाल, भाजपा महानगर अध्यक्ष सुरेश जैन ऋतुराज भी मौजूद रहे। उन्होंने कई मामलों में डीएम और एसएसपी से फीडबैक ली तथा इसके बाद शहर में निरीक्षण करने के लिए निकल गए।
मंत्री आए तो खुद सफाई देखने पहुंचे नगरायुक्त
अपने जिले के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह को शाम को मेरठ आकस्मिक निरीक्षण को पहुंचना है। लिहाजा नगर आयुक्त ने दिन में ही शहर के वार्डों में सफाई व निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने खामियां मिलने पर अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई तथा व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिये। नगर आयुक्त डा. अमित पाल शर्मा द्वारा नगर निगम के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया गया। सर्वप्रथम नगर आयुक्त द्वारा ग्राम लिसाड़ी में गुर्जर चौक से लेकर माता के मन्दिर की ओर जाने वाले मार्ग का निरीक्षण किया गया तथा सड़क के दोंनो ओर करायी जा रही नाले की सफाई के कार्य को देखा गया।
निरीक्षण के समय माता के मन्दिर के पास जलभराव की स्थिति ग्रामीणों के द्वारा बताये जाने पर नगर आयुक्त ने अधिशासी अभियन्ता अमित कुमार शर्मा को तत्काल जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने के लिए एस्टीमेट तैयार कराकर प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया। इसके पश्चात नगर आयुक्त महोदय ने लिसाड़ी में रेलवे लाइन के पास स्थित बड़े तालाब का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के उपरान्त सहायक प्रभारी सम्पत्ति भोला नाथ को निर्देशित किया गया कि तहसील की टीम लेकर उक्त तालाब की समस्त भूमि का चिन्हिकरण कराया जाये।
इसके अतिरिक्त जोनल सेनेट्री अधिकारी अमान शाहिद को उक्त तालाब की सफाई कराने के लिए निर्देशित किया गया, क्योंकि लिसाड़ी ग्राम की जलनिकासी उक्त तालाब में ही होती है। इसके उपरान्त नगर आयुक्त ने मलियाना में खसरा संख्या 511/2 व खसरा संख्या 1492/2, क्षेत्रफल 1900 वर्ग मीटर का निरीक्षण किया गया तथा उक्त भूमि की चार दीवारी कराने के लिए अधिशासी अभियन्ता, अमित शर्मा को निर्देशित किया गया। इसके उपरान्त नगर आयुक्त द्वारा मलियाना स्थित बाबा साहब भीमराव आंबेडकर बड़े पार्क का निरीक्षण किया गया
तथा इस पार्क का सौन्दर्यीकरण कराने के लिए सहायक अभियन्ता राजपाल को कार्य योजना तैयार कर प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया। इसके उपरान्त नगर आयुक्त द्वारा मलियाना क्षेत्र के रेलवे लाइन के पास वाले का निरीक्षण किया गया तथा इस नाले से और अधिक सिल्ट निकलवाने के लिए संबंधित सफाई निरीक्षक विपिन कुमार को निर्देशित किया गया।
फाइल गायब हुई तो कर्मचारी नपेंगे
नगर आयुक्त ने दोपहर में नगर निगम स्थित सभागार में नगर निगम के विभिन्न कर्मचारियों के साथ बैठक की गयी तथा सभी कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि सभी कर्मचारी यह सुनिश्चित कर लें कि उनके अपने पदीय दायित्व का रिकार्ड प्रत्येक दशा में पूर्ण हो क्योंकि नगर निगम का कार्यालय बहुत शीघ्र नये भवन में शिफ्ट होने वाला है। इसलिए कर्मचारी यह सुनिश्चित कर लें कि कोई भी पत्रावली किसी भी दशा में मिसप्लेस न हो पायें। सभी पत्रावलियों को डिजिटलाइजेशन कराया जायें। नगर निगम में लिपिकीय पटल पर आने वाली जनमानस की पत्रावलियां व प्रार्थना पत्र आदि तीन में उच्चीय पटल पर अग्रसारित कर दी जाये।
यदि किसी भी पटल पर बैठे व्यक्ति द्वारा इसमें शीघ्रता बरती जायेगी तो संबंधित के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जायेगी। जिसके लिए स्वयं उत्तरदायी होगा। यदि किसी कार्यालय में कोई पत्रावली मिसप्लेस पायी जाती है, तो उसके लिए संबंधित को उत्तरदायीं माना जायेगा। इसके अतिरिक्त सभी कर्मचारियों को यह भी निर्देश दिये गये कि जनसुनवाई व जनहित की समस्या के निराकरण के लिए जारी किये गये नम्बर पर सफाई जलकल, मार्गप्रकाश आदि से संबंधित समस्याओं का निराकरण प्रत्येक दशा में 48 घंटे करा दिया गया है।

