Thursday, December 9, 2021
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डेंगू का जानलेवा कहर जारी मरीजों की कुल संख्या हुई 1152

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जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: डेंगू बुखार ने जिलेभर में कहर मचा रखा है। डेंगू मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। सरकारी एवं निजी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार लगी हुई है। डेंगू संक्रमण से जिले के अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है। डेंगू बुखार ने बच्चों और महिलाओं को भी अपनी चपेट में ले लिया है। शहर से लेकर गांव-देहात तक डेंगू ने अपने पैर पसार लिए हैं। डेंगू स्ट्रेन-2 जानलेवा साबित हो रहा है। डेंगू स्ट्रेन-2 से लोगों में काफी दहशत है।

वहीं, मंगलवार को जिले में डेंगू के 37 नए मरीज मिले। सक्रिय मरीजों की संख्या 277 रही। अब तक जिले में डेंगू से 875 मरीज रिकवर हो चुके हैं। उधर, अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या 94 है। घर पर इलाज ले रहे मरीजों की संख्या 183 रही। इस तरह जिले में लगातार डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। डेंगू का डंक लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।

हालात यह है कि जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में बेड फुल हो गए हैं। जिसके चलते मरीज और तीमारदारों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। वहीं, मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के हालात काफी भयावह हैं। अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज भर्ती हैं। जिला अस्पताल में पंजीकरण काउंटर से लेकर ओपीडी एवं दवा काउंटर पर मरीजों की खासी भीड़ देखी जा रही है। उधर,डेंगू स्ट्रेन-2 संक्रमण के फैलने से लोगों की जान जा रही है।

साथ ही इमरजेंसी में भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं, मौसम में हुए बदलाव के कारण भी डेंगू का प्रकोप और बढ़ गया है। चिकित्सकों का कहना है कि बारिश के बाद डेंगू मच्छर के पानी में पनपने की संभावना और ज्यादा बढ़ गई है। बेहोशी, प्लेटलेट्स का 20 हजार से कम होना, पेट में तेज दर्द, हाथ-पैर का ठंडा पड़ना, बीपी में गिरावट, हीमोग्लोबिन का अचानक बढ़ना डेंगू के खतरनाक लक्षण हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू कहीं भी फैल सकता है। यदि किसी व्यक्ति में डेंगू के लक्षण दिखते हैं तो बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। डेंगू के लक्षण उभरते ही तुरंत डॉक्टर को दिखाएं एवं सलाह लें। डेंगू में जरा-सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। जिले मे डेंगू के सर्वाधिक केस हैं। डेंगू ने पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। डेंगू के बढ़ने से प्लेटलेटस की मांग भी अधिक बढ़ गई है। आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष सबसे ज्यादा लोग डेंगू की चपेट में आए हैं।

कोरोना के बाद अब डेंगू बड़ी समस्या बन गया है।

रामराज में महिला की डेंगू से मौत

बहसूमा: नगर व देहात क्षेत्र में चल रहे डेंगू व वायरल से मरीजों की तादाद में इजाफा हुआ है। वायरल से गांव-गांव में घर-घर बुखार से पीड़ित है। रामराज व बहसूमा में लोग स्थानीय डाक्टरों के यहा अपना इलाज करा रहे हैं। मंगलवार को रामराज के मोहल्ला हादिपुरिया निवासी दीपक की शादी 2019 में हुई थी। उसकी पत्नी सुधा कुछ दिन पहले ही बुखार आया था।

जिसमें जांच के बाद डेंगू की पुष्टि हुई। जिसका इलाज मेरठ के लोकप्रिय अस्पताल में चल रहा था। हालत चिंताजनक होने पर डाक्टरों ने ऐम्स के लिए रेफर कर दिया। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। दीपक के एक पुत्री आयुषी डेढ़ वर्ष है। सुधा की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।

निगम की लापरवाही: कई क्षेत्रों में नहीं हुई फॉगिंग

मेरठ: डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, लेकिन नगर निगम की ओर से सफाई व्यवस्था और फॉगिंग के प्रति ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिस कारण कई वार्डों में लोगों के लिये समस्याएं बढ़ती जा रही है। वार्ड-33 में अभी तक एक बार भी एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं किया गया है जिससे लोग परेशान हैं जबकि यहां के पार्षद से भी इस संबंध में कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

वार्ड-33 में जाहिदपुर, लोहियानगर, काजीपुर समेत कई क्षेत्र आते हैं, कई बार यहां की समस्याओं को लेकर क्षेत्रीय पार्षद को अवगत कराया गया, लेकिन क्षेत्रवासियों की समस्याएं जस की तह हैं। पूरे शहर में डेंगू चरम पर है। डेंगू के मामले दिन ब दिन बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन यहां अभी तक एक बार भी एंटी लार्वा दवा का छिड़काव नहीं किया गया है। यहीं नहीं क्षेत्र में कई अन्य वार्डों की भी बात करें तो शहर के कई इलाकों में अभी तक एंटी लार्वा दवा का छिड़काव नहीं किया गया है जिसके कारण लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।

नहीं उठाया सड़कों से कूड़ा

वार्ड-33 में ही नगर निगम का डंपिंग ग्राउंड हैं, यहां पूरे शहर का कूड़ा डाला जाता है, लेकिन यह कूड़ा अब इस हाल में पहुंच चुका है कि कूड़े का ढेर सड़कों तक फिसल कर आ पहुंचा है। जिसके कारण यहां बीमारियां बढ़ रही है, लेकिन यहां के लोगों की कोई सुनने वाला नहीं है। कूड़े के कारण यहां राहगीर फिसल कर चोटिल हो रहे हैं। इसके अलावा इस कूड़े की बदबू आसपास के कई किमी के क्षेत्र को भी प्रभावित कर रही है।

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