जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नाले के पास व्याप्त गंदगी एवं कैंट बोर्ड के कर्मचारियों द्वारा कूड़ा स्थल बनाकर उसमें अवैध रूप से आग लगाये जाने के खिलाफ मंगलवार को ग्राम रासना एवं अब्दुल्लापुर वार्ड-17 के दर्जनों लोगों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान क्षेत्र के मोहित राठौर ने बताया कि गांव के नाले के समीप कैंट बोर्ड ने खत्ता ग्राउंड बनाया हुआ है।
जिससे गांव के लोगों को भारी दुर्गन्ध का सामना करना पड़ रहा है,यहां पड़े कूड़े में कैंट बोर्ड के कर्मचारियों द्वारा अवैध रूप से आग लगाई जाती है। जिसमें भयंकर जहरीला धुआं निकलता है। यह धुआं क्षेत्र के बुजुर्गों व बच्चों को सांस लेने में तकलीफ पहुंचा रहा है।

जिस कारण गांव रासना के लगभग 15 लोग संक्रमित होने के कारण बीमार होकर अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं, जिनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
सभी प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से जिला प्रशासन से मांग की है कि कूड़े में आग लगाने वाले दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर क्षेत्र के पीड़ितों को इस समस्या से छुटकारा दिलाया जाए। इस दौरान क्षेत्र के दिनेश चौहान, अनुज कुमार, नसीरूद्दीन, जगपाल चौहान, मनोज, सुखपाल आदि दर्जनों लोग मौजूद रहे।
वार्ड में कूड़ा जला तो कटेगा वेतन
मेरठ: एनजीटी के निर्देश है कि कही पर भी वायु प्रदूषण न होने दिया जाए। लेकिन मेरठ में लगातार कूड़ा जलाए जाने के मामले सामने आ रहे है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नगरायुक्त मनीष बंसल ने सख्ती करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए है कि यदि समय पर कूड़ा उठ जाए तो उसे जलाया नही जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जिस वार्ड में भी कूड़ा जला उसके लिए संबंधित सफाई नायक जिमेदार होंगे ओर ऐसे होने पर उनका एक दिन का वेतन कटेगा।

