Sunday, January 23, 2022
- Advertisement -
- Advertisement -
HomeUttar Pradesh Newsसर्पदंश से बचाव के लिए कार्यशाला का आयोजन

सर्पदंश से बचाव के लिए कार्यशाला का आयोजन

- Advertisement -

जनवाणी ब्यूरो |

लखनऊ: नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान लखनऊ एवं पर्यावरण सोसाइटी के संयुक्त तत्वाधान में प्राणी उद्यान स्थिति 3D ऑडिटोरियम में एक दिवसीय कार्यशाला ” एक प्रयास” सर्पदंश से बचाव जागरूकता ही उपाय जिसका विषय था सांपों की पहचान और रेस्क्यू उपकरण कोड रहा।

सर्पदंश से बचाव के लिए जरूरी उपाय ताकि ग्रामीण या शहरी क्षेत्रों में लोगों की सर्पदंश से मृत्यु पर रोक लगाई जा सके आमतौर पर भारत में कई बार सर्पदंश से मृत्यु दर ज्यादा होती है, इसको देखते हुए जागरूकता की बहुत जरूरत है ।भारत में लगभग 30 परसेंट सर्प की ऐसी प्रजातियां हैं जो जहरीली होती है, बाकी 70 फ़ीसदी प्रजातियां जहर ही होती है, पर सर्प का इतना भाय होता है कि आदमी हर सर्प को विषैला समझता है, जो खतरा महसूस करने पर उसे हानि पहुंचा सकता है। और उसे मारने या भगाने का प्रयास करते हैं।

चूक होने पर दंस की वजह से कई बार सदमे की वजह से लोगों की जान चली जाती है। इसी जागरूकता को बताने की जरूरत है, कि हर सांप विषैला नहीं होता उसे जानने और समझने की जरूरत है। इस मौके पर मुख्य अतिथि श्री पवन कुमार शर्मा प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव उत्तर प्रदेश एवं श्री आर के सिन्हा निदेशक नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान लखनऊ, डॉक्टर उत्कर्ष शुक्ला उपनिदेशक नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान लखनऊ, डॉ रवि कुमार सिंह प्रभारी वन अधिकारी अवध वन प्रभाग लखनऊ उपस्थित रहे।

दीप प्रज्वलित कर मुख्य अतिथि ने कार्यशाला का शुभारंभ किया इस अवसर पर वन विभाग प्राणी उद्यान के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि आरके सिंह ने अपने संबोधन में कहा सोसाइटी की सराहना करनी चाहिए जिस तरीके से प्राणी उद्यान के लोग लोगों को जागरुक कर रहे हैं और सुरक्षा देने के लिए कठिन प्रयास कर रहे हैं यह सराहना के पात्र हैं, उन्हें आगे कहा कि सर्प दंस से कम से कम मृत्यु हो इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम होते रहना चाहिए, इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम गांव-गांव में जाकर करना चाहिए।

पर्यावरण सोसाइटी अवश्य ही करेगी और इसके लिए वन विभाग पूरी तरीके से साथ देगा पर्यावरण सोसायटी के अध्यक्ष आदित्य तिवारी ने मुख्य अतिथि के समक्ष फिल्म प्रस्तुति कर अपने टीम के कार्य को भी प्रदर्शित किया, और.बताया किस तरह सर्प का रेस्क्यू किया जाए और कौन कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए, उन्होंने आगे बताया कि 30 फ़ीसदी ही सर्प विषैले होते हैं बाकी 70 फ़ीसदी सर्प विषैले नहीं होते हैं। ऐसे में जनता और समाज को जागरूक करना बेहद जरूरी है ,ताकि साप को और लोगों को बचाया जा सके। सभी जिवों का धरती पर महत्व है और इस धरती पर सबके होने का औचित्य है, जिन्हें जीवित रखना जरूरी है।

What’s your Reaction?
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
- Advertisement -

Leave a Reply

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -
- Advertisment -

Most Popular

- Advertisment -
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -

Recent Comments