- इस समय मेरठ में 30 इलेक्ट्रिक बसें आ चुकी है, लेकिन केवल पांच बसें ही है सड़कों पर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर की जनता को सुविधाजनक यातायात मुहैया कराने के लिए शासन से 30 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी है, लेकिन इनमें से इस समय केवल पांच बसें ही चल रही है। बाकी 25 बसों को सोमवार से सड़कों पर उतारने की तैयारी है। 15 बसों की टीआरसी सिटी ट्रांसपोर्ट को मिल चुकी है, जबकि शेष 10 बसों की टीआरसी शनिवार तक मिलने की उम्मीद है।
मेरठ में आधुनिक सुविधाओं से लैस 30 इलेक्ट्रिक बसें जनता को सुविधाजनक यातायात सेवा देने के लिए मौजूद है। इनमें से पांच बसे पहले से ही सड़को पर चल रही है। जबकि 25 बसों को भी जल्दी ही चलाने की तैयारी है। शुक्रवार को 15 बसों का टीआरसी यानी टेंपरेरी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट सिटी ट्रांसपोर्ट विभाग को मिल चुके हैं। मेरठ सिटी ट्रांसपोर्ट के एआरएम विपिन सक्सेना का कहना है कि उनके पास 25 में से 15 इलेक्ट्रिक बसों का टीआरसी आ चुका है, शेष 10 बसों का टीआरसी शनिवार तक मिलने की संभावना है। जिसके बाद सोमवार से नई आई बसों को भी सड़कों पर उतार दिया जाएगा।
80 सीएनजी और आठ वाल्वों बस भी दे रही सेवा
इस समय शहर में 80 सीएनजी बसें व आठ डीजल से चलने वाली वाल्वों बसों के साथ पांच इलेक्ट्रिक बसें सेवा दे रही है, लेकिन यह शहर की आबादी के हिसाब से काफी कम है। सीएनजी व इलेक्ट्रिक बसों का सबसे कम किराया पांच रुपये है। जबकि डीजल से चलने वाली वाल्वों बसों का न्यूनतम किराया 10 रुपये है। डीजल चलित आठ वाल्वों बसों में से पांच बसें मोदीपुरम से मोदीनगर के लिए, जबकि तीन बसें भैंसाली से सरधना मार्ग पर चल रही है।
10 इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी मेरठ मवाना-हस्तिनापुर मार्ग पर
सबसे ज्यादा यात्री मेरठ-मवाना-हस्तिनापुर मार्ग पर है। इसको ध्यान में रखते हुए 10 इलेक्ट्रिक बसें इसी रूट पर चलाने की तैयारी है। सीएम योगी पहले ही हस्तिनापुर को पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा कर चुके हैं। इसके साथ ही महाभारतकालीन नगरी होने की वजह से यहां पर बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। इसके साथ जैन तीर्थ स्थल जंबूद्वीप के दर्शन करने वाले जैन तीर्थ यात्री भी पूरे साल यहां आते रहते हैं। इन यात्रियों की सुविधा के लिए मेरठ सिटी ट्रांसपोर्ट 10 इलेक्ट्रिक बसे इस मार्ग पर चलाने की तैयारी कर रहा है।

