Saturday, April 25, 2026
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नगर निगम कान्हा उपवन का करेगा विस्तार

  • गायों को रखने की क्षमता है कम और संख्या हो रही अधिक
  • 500 गायों की है क्षमता, जो जल्द ही एक हजार की जाएगी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शहर में छुट्टा पशुओं के हालात किसी से छिपे नहीं है। लोग सड़कों पर आवारा पशुओं को छोड़ देते हैं, जो कहीं भी दम तोड़ देते हैं। नगर निगम की ओर से इन गायों व छुट्टा पशुओं को पकड़कर रखने के लिये परतापुर में कान्हा उपवन के नाम से गोशाला बनाई गई है, लेकिन इस कान्हा उपवन की क्षमता की बात करें तो काफी कम है। यहां मात्र 500 पशुओं को ही रखा जा सकता है। अब नगर निगम ने इस समस्या को दूर करने के लिये हल निकाला है। नगर निगम जल्द ही कान्हा उपवन का विस्तार करने वाला है। जिसमें एक हजार से अधिक पशु रखे जा सकेंगे।

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बता दें कि नगर निगम की ओर से परतापुर में कान्हा उपवन के नाम से गोशाला बनाई गई है। इसक संचालन भी नगर निगम की ओर से कराया जाता है। वर्तमान में यहां पशुओं की क्षमता की बात करें तो यहां 500 पशु रखे जा सकते हैं। अधिकारियों की मानें तो यह संख्या काफी कम है। इसका विस्तार होना आवश्यक है। जिसे लेकर नगर निगम ने प्रयास शुरू कर दिये हैं। यहां जगह कम होने के कारण नगर निगम के अधिकारी मजबूरन पशुओं को नहीं पकड़ पाते जिस कारण लोगों को नुकसान उठाना पड़ता है।

जगह न होने के कारण अभियान में आती है समस्या

शहर में आवारा पशुओं के आंकड़े की बात करें तो यह एक हजार से अधिक हैं और नगर निगम के पास सिर्फ एक ही गोशाला है। जिसमें वह इन पशुओं को पकड़कर रख सकता है। नगर निगम की गऊशाल की क्षमता मात्र 500 पशुओं की है। जिस कारण विभाग कभी अभियान भी नहीं चला पता, क्योंकि उनके पास परस्पर इंतजाम पशुओं को रखने का नहीं होगा। एक ओर योगी सरकार गोशालाएं बनाने की बात करती है और दूसरी ओर वर्तमान में चल रही गोशाला में इंतजाम काफी ही नहीं हो पा रहे हैं। जिस कारण समस्या उत्पन्न होती है।

निगम ने बनाई विस्तार की योजना

नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डा. हरपाल सिंह ने बताया कि नगर निगम की ओर से अब कान्हा उपवन का विस्तार करने की योजना बनाई गई है। जो जल्द ही बोर्ड में रखकर पास कराई जाएगी। यहां 500 की क्षमता को बढ़ाकर 1000 कराया जायेगा। जिससे छुट्टा पशुओं को पकड़कर इसे आराम से वहां रखा जा सके और विभाग को कोई मुश्किल न हो। इसका प्रस्ताव पूर बन चुका है। जल्द ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा।

ग्राम पंचायतों में नहीं गोशालाएं, बढ़ रही समस्या

प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रत्येक ग्राम सभा में गोशाला का निर्माण किये जाने की बात कही है, लेकिन इस दिशा में शायद कोई कार्य नहीं हो पाता है। यहां मेरठ की ही बात करें तो 10 किलो शहरी क्षेत्र में एक गोशाला को छोड़कर कोई दूसरी गोशाला नहीं है। जिस कारण गांव की ओर से भागकर आने वाले पशु भी यहां शहर में ही रखने पड़ते हैं। जिससे समस्या और भी अधिक बढ़ जाती है। जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में भी गोशाला को लेकर सदस्यों ने सवाल उठाये थे, लेकिन उस पर गंभीरता से विचार तक नहीं किया गया। जो गोशालाएं चल भी रहीं है। उनकी हालत और भी खराब है।

गांवों के पशु आते हैं शहर की ओर

शहर में अगर छुट्टा पशुओं के आंकड़े की बात करें तो यह संख्या एक हजार से अधिक है, लेकिन नगर निगम के पास इतनी क्षमता की गोशाला नहीं है। जिसके चलते गोशाला की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है, लेकिन गांव की ओर प्रतिदिन कई छुट्टा पशु शहर में आ जाते हैं। जिस कारण इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। अगर गांवों में ग्राम पंचायतों के द्वारा ठीक प्रकार से कार्य कराया जाये तो कहीं बेहतर हालात हो सकते हैं। जिला प्रशासन को भी गंभीरता से विचार करते हुए गोशाला की संख्या बढ़ानी होगी।

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