जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: जीआईसी मैदान में लोकदल के आह्वान पर लोकतंत्र बचाओ महापंचायत का आह्वान किया गया था, जिसमें सभी विपक्षी दलों को आमंत्रित किया गया था। कहने को यह पंचायत सर्वदलीय थी और सभी का मुद्दा सरकार के तानाशाही रवैये व गलत नीतियों का विरोध था, परन्तु वास्तविकता यह थी इस पंचायत में शामिल सभी का अपना-अपना दर्द था। यह दर्द नेताओं का ही नहीं, बल्कि उनके समर्थकों का भी था। इस पंचायत में नेताओं को सुनने पहुंची भीड़ भी केवल अपने नेता को ही सुनना चाहती थी, दूसरे दल के नेता के बोलने पर वह हूटिंग करने से भी गुरेज नहीं कर रही थी।
हाथरथ कांड से विपक्षी पार्टियों को संजीवनी मिलती नजर आ रही है, यही कारण है कि विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को राजनीतिक मुद्दा बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। सभी राजनीतिक दल इस मुद्दे को भुनाना चाहते हैं, परन्तु सरकार की कौशिश है कि इस मुद्दे को राजनीतिक न बनने दिया जाये और वह अपने स्तर से हर वह प्रयास कर रही है, जिससे इस मुद्दे को दबाया जा सके।
सरकार का मुद्दा दबाने की कौशिश ने ही विपक्ष को हथियार सौंप दिया है। पुलिस द्वारा पीड़िता के परिवार से मिलने जा रहे विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बदसलूकी किये जाने ने इस मामले को तूल दे दिया है। रालोद महासचिव जयंत चौधरी पर हुए लाठी चार्ज के बाद विपक्ष एकजुट हो गया और वह हर प्रकार से सरकार को घेरने की कौशिश में लगा हुआ है। गुरूवार को जीआईसी ग्राउन्ड में हुई लोकतंत्र बचाओ महापंचायत में विपक्षी नेताओं का जमावड़ा लगा।
इस महापंचायत में रालोद के अलावा कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, इनेलो व खाप चौधरियों का समर्थन रहा। महापंचायत में सभी पार्टी के नेताओं को बोलने का अवसर प्राप्त हुआ, परन्तु यहां भी नेताओं को सुनने पहुंचे लोगों में मतभेद नजर आये। इस महापंचायत में सभी दलों के नेताओं के साथ उनके समर्थक भी पहुंचे थे।
सभी दलों के समर्थक केवल अपने नेता को ही सुनना चाहते थे, जबकि दूसरी पार्टी या दलों के नेताओं को दरकिनार कर रहे थे। हद तो तब हो गई, जब समर्थकों ने दूसरे दलों के नेताओं के भाषण के दौरान हुटिंग तक कर डाली। हालांकि विपक्ष इस महापंचायत को आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए जमीन तैयार होते देख रहा है, परन्तु वास्तविकता यह है कि इस महापंचायत की भीड़ को वोट बैंक में बदलना आसान नहीं हो पायेगा।
मंच पर अव्यवस्था का माहौल
राष्ट्रीय लोकदल की लोकतंत्र बचाओं महापंचायत में अव्यवस्थाओं का माहौल रहा। कई बार मंच पर चेहरा दिखाने की होड में कार्यकर्ता के बीच धक्का मुक्की हुई और माईक एक दूसरे के हाथ से छीना छपटी होने पर नेताओं ने नाराजगी जताई । कई बार माईक खराब होने से संबोधन करने वाले नेता झल्ला उठे जिसके बाद दूसरा माईक मंगवाया गया।
कार्यकर्ताओं में जूतम पैजार
राजकीय इंटर कालेज के मैदान में आयोजित महापंचायत में कार्यकर्ताओं के बीच जमकर जूतम पैजार हुई और युवाओं की अलग-अलग टोली गुटों में ब्ांट गई। पंडाल में किसी बात क ो लेकर हुई कहासुनी के बाद कार्यकर्ता आपस में भिड गए और उनमें जमकर लात घुसे चले। जोश के साथ नारेबाजी करते हुए युवाओं की टोली पंचायत का रूख कर रही थी आपस में एक दूसरे पर कटांक्ष को लेकर युवाओं में जूतम पैजार हुई जिसके बाद दोनों ओर से लात घुसे चलने से यहां अफरा -तफरी का माहौल नजर आया।
एक-दूसरे के नेताओं की हुई हूटिंग
सर्वदलीय बैनर पर आयोजित लोकतंत्र बचाओ रैली में अजीब नजारा देखने को मिला। कांगे्रस, सपा, खाप के दिग्गज नेता एक मंच पर थे, लेकिन कार्यकर्ता अलग-अलग गुटों में बंटे नजर आए। आलम यह था कि जब-जब पार्टी के नेता पंचायत को संबोधित कर रहे थे,तो युवा कार्यकर्ता एक दूसरे की खिंचाई करते रहे और नौजवानों के साथ मंच पर बैठे कुछ नेता उनके साथ हुटिंग करने लगे।

