- पूर्व विधायक ने उठाए स्टेप डोर डिलीवरी पर सवाल सीएम को पत्र
- गली कूचों में स्थित राशन की दुकानों पर हैवी ट्रक किस प्रकार पहुंचाएंगे आपूति अफसर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शुक्रवार को शुरू हुए सिंगल स्टेप डोर डिलीवरी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पूछा जा रहा है कि शहर की तंग गलियों में जो राशन की दुकानें मौजूद हैं वहां ठेकेदार के भारी भरकम ट्रक कैसे गेहूं, चावल पहुंचाएंगे। जिन स्थानों पर भारी वाहन नहीं पहुंच सकते वहां कैसे तो खाद्यान्न पहुंचेगा और यदि खाद्यान्न देरी से पहुंचेगा तो फिर वितरण को लेकर भी विवाद खड़ा होगा।
इसको लेकर पूर्व विधायक दामोदर शर्मा ने एक पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा है। पूर्व विधायक ने आपूर्ति अफसरों पर केवल ट्रांसपोर्ट ठेकेदारों के हित साधने के आरोप लगाए हैं। इस व्यवस्था से राशन डीलरों के लिए बड़ा संकट खड़ा हो गया है। वितरण में देरी से आए दिन हंगामे होंगे जिससे शांति व्यवस्था भंग होगी।
पत्र में कहा गया है कि ये आदेश खाद्य एवं रसद विभाग की विपणन शाखा के माध्यम से वाहन ठेकेदारों से सांठगांठ कर व मोटी रकम लेकर अपर आयुक्त द्वारा किए गए हैं। जमीनी स्तर पर ऐसी राशन की दुकानों की पुर्नस्थापना कराया जाना एक तुगलकी फरमान है।
शहर की यदि बात की जाए तो पिछले तीन दशकों से पूर्व में बसे सभी मोहल्ले बहुत ही संकुचित हैं। कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां तीन पहिया ठेलों से ही मुश्किल से माल पहुंचाया जा सकता है। अधिकारियों ने केवल ट्रांसपोर्ट ठेकेदारों का हित साधा है। राशन डीलरों व कोटेदारों के लिए बड़ी मुसीबत होने वाली है। सीएम से इस संबंध में कार्रवाई का आग्रह पूर्व विधायक ने किया है।

