- शिक्षा मंत्री वारंट पर हुए अदालत में पेश, वर्ष 2015 का है मामला
जनवाणी ब्यूरो |
देहरादून: उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविंद पाण्डेय आज सिविल जज सीनियर डिवीजन के न्यायालय में पेश हुए, शिक्षा मंत्री पाण्डेय के विरुद्ध न्यायालय द्वारा जमानती वारंट जारी किया गया था।
शिक्षा मंत्री के विरुद्ध वर्ष 2015 में ऊधम सिंह नगर जिले के गदरपुर में एक मुकदमा कायम हुआ था। जो चक्का जाम के साथ ही तहसीलदार के साथ मारपीट करने का था। जिसमें शिक्षा मंत्री पाण्डेय सहित पांच नामजद ओर अन्य लोगो को आरोपी बनाया गया था, इस मामले में शिक्षा मंत्री अरविंद पाण्डेय के विरुद्ध आईपीसी की धारा 147,186, 341 और 7 क्रिमिनल लॉ एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। लेकिन उनके न्यायालय में पेश न होने पर उनके विरुद्ध वारंट जारी किया गया था। आज अरविंद पांडेय इसी मामले में कोर्ट में पेश हुए।
अरविंद पांडेय के अधिवक्ता चरणजीत सिंह का कहना है कि इस मामले में वारंट जारी किया गया था। उसे रिकॉल कराने के लिए मंत्री न्यायालय में पेश हुए है। कोरोना काल मे मंत्री पेश नही हो सके थे। वही शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय का कहना है कि वो जनहित के मुद्दे पर विपक्ष में रहते आंदोलन कर रहे थे। न्यायालय का सम्मान करते हुए सम्मन जारी होने पर वो न्यायालय में पेश नही हो सके थे। आज वो न्यायालय में पेश हो रहे है।
मंत्री अरविंद पांडेय समेत 16 के खिलाफ हुए थे गैर जमानती वारंट जारी
आठ साल पहले जसपुर में किशोरी की बरामदगी को लेकर हाईवे जाम करने के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे और काशीपुर, जसपुर, रुद्रपुर के विधायक समेत 16 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किये हैं। कोर्ट ने इन सभी की गिरफ्तारी के लिये विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में समुदाय विशेष का एक युवक दूसरे समुदाय की युवती को लेकर फरार हो गया था। युवती की बरामदगी को लेकर तमाम संगठनों ने प्रदर्शन किया था। तत्कालीन भाजपा नेता आदेश चैहान (वर्तमान में कांग्रेस विधायक जसपुर), रुद्रपुर विधायक राजकुमार ठुकराल, विधायक अरविंद पांडे (वर्तमान शिक्षा मंत्री), विधायक हरभजन सिंह चीमा समेत कई लोगों ने प्रदर्शन कर सुभाष चैक के करीब हाईवे को कई घंटों के लिए जाम कर दिया था।
तत्कालीन एएसपी जगतराम जोशी ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर बितर किया था। साथ ही पुलिस ने हाईवे जाम करने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। हाईवे जाम का मामला काशीपुर के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में विचाराधीन है। सरकार ने इनके मुकदमे को वापस लेने के आदेश भेज दिए थे। लेकिन निचली अदालत ने सरकार का आदेश नहीं माना तो उक्त लोगों ने जिला कोर्ट की शरण ली थी।
बीते सोमवार को जिला कोर्ट ने इन सब लोगों की रिवीजन को खारिज कर दिया था। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद बर्मन की अदालत ने शिक्षा मंत्री, विधायक हरभजन सिंह चीमा, विधायक राजकुमार ठुकराल, विधायक आदेश चैहान, पूर्व सांसद बलराज पासी समेत 16 के गैर जमानती वारंट जारी किये हैं। कोर्ट ने एएसपी को विशेष टीम गठित कर आरोपियों को 23 अक्तूबर तक न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए हैं।

