जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: प्रमोद तिवारी ने शशि थरूर के प्रति पूर्ण सम्मान व्यक्त करते हुये कहा है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव बड़े ही मित्रतापूर्ण वातावरण में लड़ा जा रहा है किन्तु मैं अभी उनका बयान/ अपील सुन रहा था, जिसे सुनकर मेरा हृृदय बहुत दुःखी एवं व्यथित है इसलिये मैं अपनी पीड़ा को उजागर कर रहा हूँ।
मैं एवं मेरे जैसे लाखों/ करोड़ों लोग सोनिया गांधी एवं गांधी परिवार के प्रति श्रद्धा एवं आदर का भाव रखते हैं, इस परिवार ने देश की आजादी के लिये, एकता और अखण्डता के लिये तथा देश की जनता की खुशहाली के लिये जो कुर्बानियां दी है और त्याग किया है- दुनिया के किसी परिवार ने वैसी कुर्बानी नहीं दी है, और न ही त्याग किया है ।
तिवारी ने कहा है कि स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने देश की एकता और अखण्डता के लिये अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया, स्वर्गीय राजीव गांधी ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। सोनिया गांधी ने भारतीय सभ्यता और संस्कृति का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया, स्वर्गीय राजीव गांधी की हत्या के बाद वर्ष 1991 में देश के ‘‘प्रधानमंत्री’’ का पद स्वीकार न करके उन्होंने सर्वाेच्च आदर्श प्रस्तुत किया, राहुल गांधी जब चाहते UPA -1 एवं UPA -2 में देश के प्रधानमंत्री बन सकते थे ऐसी इच्छा डा. मनमोहन सिंह एवं कांग्रेस जनों ने व्यक्त की थी, किन्तु उन्होंने प्रधानमंत्री बनना स्वीकार नहीं किया। ऐसे त्याग और बलिदान का उच्च उदाहरण प्रस्तुत करने वाले ‘‘गांधी परिवार’’ की सोनिया गांधी, वर्तमान में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष है, और राहुल गांधी, जो पूर्व अध्यक्ष हैं, उनके नेतृत्व में चलने वाली कांग्रेस पार्टी के लिये शशि थरूर ‘‘पुनर्जीवित’’ करने की बात कर रहे हैं। क्या कांग्रेस पार्टी अब जीवित नहीं है? जो वह पुनर्जीवित करेंगे। गांधी परिवार ने आजादी से लेकर अब तक त्याग, बलिदान और कुर्बानियां दी है जो अद्वितीय है।
तिवारी ने कहा है कि शशि थरूर को तत्काल अपने इस शब्द को वापस लेना चाहिए और अपने इस कथन के लिये ‘‘खेद’’ व्यक्त करें, वह यह कह सकते थे कि ‘‘हम कांग्रेस पार्टी को नई शक्ति देंगे, पुनः जागृत करेंगे और नई ऊर्जा देंगे । सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी के नेतृत्व में चलने वाली कांग्रेस पार्टी के प्रति ऐसी भावनायें व्यक्त करना उचित नहीं है । मैं आप दोनो के इस प्रयास की सराहना करता हूँ कि आप दोनों मित्रतापूर्ण ढंग से चुनाव लड़ रहे हैं ।
तिवारी ने कहा है कि मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मल्लिकार्जन खड़गे का प्रस्तावक और समर्थक हूँ, अतः इस चुनाव को शांतिपूर्ण वातावरण में लोकतांत्रिक ढंग से सम्पन्न कराने की और मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम के आगे 1 के आगे के खाने में निशान लगाकर उन्हें जिताने की अपील करता हूँ। मुझे पूर्ण विश्वास है कि जो रुझान आ रहे हैं उससे यह पूरी तरह स्पष्ट है कि मल्लिकार्जुन खड़गे 98 प्रतिशत से अधिक ‘‘मत’’ पाकर विजयी होंगे ।
किसी अन्य राजनैतिक दल में आंतरिक लोकतंत्र नहीं है यदि कहीं है तो वह सिर्फ ‘‘कांग्रेस पार्टी’’ में है, विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी में तो बिलकुल नहीं है जहां ‘‘अध्यक्ष’’ का मनोनयन किया जाता है निर्वाचन नहीं । मैं विनम्रता पूर्वक शांतिपूर्ण तथा लोकतांत्रिक ढंग से इस चुनाव को सम्पन्न होने की कामना करता हूँ।

