नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक अभिनंद और स्वागत है। आज रविवार को सुबह खालिस्तानी अमृतपाल सिंह को पंजाब के मोंगा जिले की पुलिस ने अचानक गिरफ्तार कर लिया। मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक अमृतपाल सिंह को मोंगा जिले के रोड़े गांव के गुरूद्वारो से हिरासत में लिया गया है। खास बात यह है कि यह गांव खालिस्तानी आतंकी भिंडरावाला का है। यहीं से अमृतपाल सिंह ने देश के गृहमंत्री अमित शाह को खुली धमकी दी थी।
खालिस्तानी अमृतपाल सिंह की अचानक गिरफ्तारी पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर कैसे अचानक वह गिरफ्तार हो गया, कहीं यह उसके किसी प्लानिंग का हिस्सा तो नहीं, क्योंकि उसने गिरफ्तारी के लिए खालिस्तानी आतंकी भिंडरावाला के गांव को ही चुना है। आइए इस पूरे प्रकरण पर एक नजर डालते हैं…
…आखिर खालिस्तानी अमृपाल सिंह है कौन?
अमृतपाल सिंह वारिस पंजाब दे संगठन का प्रमुख है। करीब पांच महीने पहले संगठन की बागडोर संभाली थी। अमृतपाल अमृतसर के गांव जंडुपुर खेरा का रहने वाला है। 2012 से पहले ही अमृतपाल का परिवार दुबई चला गया था। वहां परिवार ने ट्रांसपोर्ट का काम शुरू कर दिया। 2013 में दुबई में ट्रांसपोर्ट का कामकाज अमृतपाल देखने लगा।
बता दें कि अगस्त 2022 में अमृतपाल दुबई से अकेला ही पंजाब आया था। अक्तूबर में अमृतपाल ने जरनैल सिंह भिंडरावाला के गांव रोडे में ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के नए मुखिया के तौर पर ओहदा संभाला। यह संगठन दिल्ली हिंसा के आरोपी दीप सिद्धू ने बनाया था।
सिख युवाओं को किया गुमराह
अमृतपाल ने खुद को जरनैल सिंह भिंडरांवाला का अनुयायी बताते हुए सिख युवाओं को अगली जंग के लिए तैयार होने का आह्वान किया था। इसके बाद खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई थी। उसके बारे में जांच शुरू की गई। खालिस्तानी विचारधारा का पाठ उसे दुबई में ही पढ़ाया गया है।
गृहमंत्री अमित शाह को दी मारने की धमकी
इसी साल फरवरी में पहले अमृतपाल ने गृहमंत्री अमित शाह को मारने की धमकी दी थी। इसके बाद अपने एक साथी को छुड़ाने के लिए पुलिस थाने पर हजारों समर्थकों के साथ हमला कर दिया था। इस हमले में छह पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।


