Saturday, March 7, 2026
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दुष्कर्म आरोपी का जन्म प्रमाण पत्र फर्जी निकला, बढ़ी मुश्किल

  • नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में जन्म प्रमाण पत्र की जांच को पहुंची थाना मुंडाली पुलिस, तब हुआ खुलासा
  • नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा किस जनसेवा केंद्र से जारी हुआ जन्म प्रमाण पत्र उसकी भी जांच आवश्यक
  • पुलिस आरोपी के खिलाफ चार्जशीट लगाकर भेज चुकी जेल, खुद को नाबालिग दर्शाने को बनवाया फर्जी दस्तावेज

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: थाना मुंडाली क्षेत्र निवासी एक दुष्कर्म के आरोपी का जन्म प्रमाण पत्र नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग की जांच में फर्जी पाया गया। दुष्कर्म के आरोपी ने दर्ज मुकदमे में खुद को नाबालिग दर्शाने के लिए नगर निगम से जारी जो जन्म प्रमाण पत्र दस्तावेज के रूप में पुलिस को दिया, वह जांच में फर्जी पाया गया। पुलिस आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म के मामले में चार्जशीट लगाकर उसे पहले ही जेल भेज चुकी है। वहीं, जांच में जन्म प्रमाण पत्र फर्जी मिलने के बाद आरोपी की मुश्किल कम होने की जगह ओर भी बढ़ने वाली है।

थाना मुंडाली क्षेत्र के गांव निवासी आमिर पुत्र यूसुफ के खिलाफ थाने में एक दुष्कर्म का मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। जिसमें धारा 376, 354, 506, आईपीसी में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो आमिर पुत्र यूसुफ को परिजनों ने नाबालिग बताया और नगर निगम से जारी जन्म प्रमाण पत्र की छाया प्रति पुलिस को दे दी। पुलिस ने दर्ज मुकदमे में चार्जशीट लगाते हुये आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं, उसके द्वारा दर्ज मुकदमे में खुद को नाबालिग बताया उसके प्रमाण पत्र की पुलिस ने जांच शुरू कर दी।

जिसमें पाया कि उसके पास एक नहीं बल्कि नगर निगम से ही दो-जन्म प्रमाण पत्र मिले जिसके बाद पुलिस ने नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में संपर्क साधा। थाना मुंडाली पुलिस जांच के लिए बुधवार को नगर निगम पहुंची ओर जारी प्रमाण पत्र की जांच कराई, जिसमें नगर स्वास्थ्य प्रभारी डा. गजेंद्र सिंह ने बताया कि उनके कार्यालय से आमिर पुत्र यूसुफ के नाम से एक भी जन्म प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया। आखिर जिस जनसेवा केंद्र से यह प्रमाण पत्र जारी कराए गए हैं, वहीं से पता चलेगा कि उसके द्वारा किन दस्तावेजों के आधार एवं जांच के बाद इस तरह का फर्जी प्रमाण पत्र जारी किया गया।

उन्होंने कहा कि नगर निगम की जांच में आमिर का जन्म प्रमाण पत्र पूरी तरह से फर्जी पाया गया है। वहीं, थानाध्यक्ष मुंडाली वीरपाल सिंह से इस संबंध में बात की तो उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, वहीं फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जो नाबालिग दर्शाने के लिए साक्ष्य के रूप में दिया है। इस संबंध में भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जायेगी।

आमिर पुत्र यूसुफ निवासी मुंडाली का जन्म प्रमाण पत्र नगर निगम से जारी नहीं किया गया, वह पूरी तरह से फर्जी है। मुंडाली पुलिस को बताया गया कि इस नाम से कोई जन्म प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया।-गजेंद्र सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम, मेरठ

आमिर पुत्र यूसुफ पर जो दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया गया था। उसमें चार्जशीट लगाकर उसे जेल भेज दिया गया है। फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के मामले में जांच के बाद मामले में कार्रवाई की जायेगी।-वीरपाल सिंह, थानाध्यक्ष मुंडाली

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