- इनमें से किसी को भी भाजपा मेरठ से बन सकती है सांसद प्रत्याशी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गुरुवार सुबह से मेरठ की फिजाओं में राष्ट्रीय कवि कुमार विश्वास और चर्चित टीवी सीरियल रामायण में राम की भूमिका निभाने वाले अरुण गोविल का नाम चल रहा है। सूत्र ये भी कह रहे हैं कि इनमें से किसी को भी भारतीय जनता पार्टी मेरठ से सांसद प्रत्याशी बन सकती है। कुमार विश्वास मेरठ यूनिवर्सिटी से लंबे समय तक जुडेÞ रहे हैं। कुमार विश्वास ने चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में अपना लंबा समय व्यतीत किया है। अब कहा जा रहा है कि कुमार विश्वास को भाजपा मेरठ से अपना प्रत्याशी उतार सकती है।

हालांकि इस बात की पुष्टि किसी भाजपा नेता ने नहीं की है, लेकिन वैसे मेरठ की फिजाओं में कुमार विश्वास का नाम दिन पर तैरता रहा है। कुमार विश्वास कुछ समय से आप से खफा चल रहे हैं। कुमार विश्वास पहले ‘आप’ में चले गए थे। उन्हें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का करीबी माना जाता रहा हैं, लेकिन बाद में दोनों के बीच बात बिगड़ गई थी। यहीं से दोनों अलग-अलग राह पर चल दिये। कुमार विश्वास वर्तमान में बड़े-बड़े कवि सम्मेलन कर रहे हैं। राजनीति से थोड़ी दूरी बना ली थी, लेकिन गुरुवार को अचानक उनका नाम मेरठ से भाजपा सांसद का चुनाव लड़ने की दावेदारी में आ गया।
सोशल मीडिया पर भी उनका नाम चलाया गया। यही नहीं, कुमार विश्वास के अलावा चर्चित टीवी सीरियल रामायण में राम की भूमिका निभाने वाले अरुण गोविल का नाम भी चल रहा है और अरुण गोविल का परिवार भी कभी मेरठ में रहता था। इस वजह से उन्हें भी भाजपा चुनाव लड़ाने का दांव खेल सकती है। क्योंकि पूरो देश ही राममय हो चुका हैं। ऐसे में भाजपा अरुण गोविल पर भी दांव लगा सकती हैं। भाजपा की पहली सूची 195 प्रत्याशियों की जारी हो गई थी, लेकिन उसमें मेरठ, बिजनौर गाजियाबाद सीट को होल्ड कर दिया गया था।

इससे यह बात भी चर्चा में आ गई थी कि किसी नए उम्मीदवार को भाजपा मेरठ से चुनाव मैदान में उतर सकती है। कई दिनों से इसी की चर्चा चल रही थी। गुरुवार की सुबह से लेकर शाम तक कुमार विश्वास और अरुण गोविल के नाम की चर्चा मेरठ की फिजाओं में चलती रही, जहां देखों ये ही चर्चा चल रही थी। कुमार विश्वास या फिर अरुण गोविल मेरठ के सांसद प्रत्याशी हो सकते हैं।
अब इस बात में कितना दाम है यह कहना तो अभी कठिन होगा, लेकिन शुक्रवार को भाजपा ने जिन सीटों को होल्ड किया था, वहां पर प्रत्याशियों के नाम सामने आ सकते हैं। क्योंकि भाजपा कमजोर प्रत्याशी मेरठ जैसी सीट पर उतारना नहीं चाहती है। इसके बाद ही सपा कांग्रेस गठबंधन से किसी प्रत्याशी के नाम की घोषणा होगी। भाजपा के रणनीतिकार भी मेरठ को लेकर गंभीर है।

