- लॉक सीट लेकर एसएसओ हुआ मौके से फरार
- रात को शव बिजलीघर पर रख उठाई मुआवजे की मांग
जनवाणी संवाददाता |
फलावदा: थाना क्षेत्र के गांव महलका में स्थित बिजलीघर पर तैनात लाइनमैन एसएसओ की लापरवाही के कारण मौत के मुंह में समा गया। शटडाउन के बावजूद बिजलीघर में बैठे एसएसओ ने लाइन चालू कर दी। करंट की चपेट में आने से लाइनमैन की मौके पर मौत हो गई। घटना के बाद एसएसओ लॉक सीट के साथ बिजली घर से फरार हो गया। थाना क्षेत्र के गांव चरला निवासी विनोद पुत्र ब्रह्मसिंह महलका में स्थित बिजलीघर में संविदा पर लाइनमैन तैनात था। बताया गया है कि बुधवार को शाम के समय महलका समसपुर गांव के बीच एचटी लाइन में फाल्ट आने के चलते उसने शटडाउन लिया था।
साइट पर एसडीओ व जई श्याम सिंह की मौजूदगी में विनोद लाइन पर काम कर रहा था। आरोप है कि इसी बीच बिजलीघर पर मौजूद एसएसओ ने लाइन चालू कर दी। करंट प्रवाहित होते ही लाइनमैन जेई के सामने बुरी तरह झुलस गया। उसने मौके पर दम तोड़ दिया। तत्काल उसे उपचार के लिए पल्लवपुरम स्थित प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टर ने जवाब दे दिया। अस्पताल में भीड़ एकत्र हो गई। ऊर्जा निगम के खिलाफ लोगों में आक्रोश फैल गया। दरअसल, घटना के बाद मौके से एसडीओ व जई दोनों खिसक लिए थे।
एसएसओ लॉक सीट लेकर भूमिगत हो गया। विभागीय उपेक्षा देखकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने शव को बिजलीघर पर रखकर अफसरों को मौके पर बुलाने की मांग उठाई। सूचना मिलने पर मयफोर्स मौके पर पहुंचे थाना अध्यक्ष राजेश कांबोज ने अफसरों को अवगत करा दिया। विभागीय अफसर मौके पर पहुंचने से कन्नी काटते नजर आए। बताया गया है कि विनोद का एक बड़ा भाई मनोज भी फलावदा बिजली घर पर लाइनमैन के पद पर तैनात चल रहा था। करीब 40 वर्षीय विनोद की दो संतान है, जिनमें एक बेटा आठ तथा दूसरा बेटा महज 12 वर्ष का है।
मध्य रात्रि जनता के सामने पहुंचे अफसर
बिजलीघर पर शव रखकर कार्रवाई और मुआवजे की मांग करने वाली भीड़ के आक्रोश को लेकर अफसर भयभीत नजर आए। चरला पावर हाउस बंद करने की चेतावनी दिए जाने के बाद अफसरों ने मध्य रात्रि जनता के बीच पहुंचकर आश्वासन दिया। शव के साथ भीड़ एकत्र होने की सूचना मिलने से अफसर बौखला गए। पुलिस उन्हें भीड़ की बात सुनने के लिए बिजलीघर पर बुलाने के प्रयास करती रही, लेकिन पब्लिक के खौफ से अफसर कन्नी काटते दिखे।
उग्र भीड़ ने शीशे पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। गांव के संभ्रांत लोगों ने हालात पर काबू किया। बामुश्किल मध्य रात्रि मौके पर आए अधिशासी अभियंता दुर्गेश जायसवाल, एसडीएम सरधना एसडीओ आदि को विधायक अतुल प्रधान और ग्रामीणों के सवालों का सामना करना पड़ा। सवालों के सामने अफसर निरुत्तर नजर आए। लोगों ने मृतक की पत्नी को नौकरी तथा आर्थिक सहायता की मांग रखी। घटना के संबंध में थाने पर तहरीर दे दी गई है। पुलिस ने शव को पोस्ट मार्टम को भिजवा दिया।
निर्माणाधीन मकान से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में राजमिस्त्री की मौत
सरधना: बुधवार को सरधना के जगमोहन नगर मोहल्ले में निर्माणाधीन मकान से गिरकर एक राजमिस्त्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने मजदूरी मांगने पर धक्का देने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दे दी। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही तहरीर के आधार पर जान शुरू कर दी।
लावड़ के जैनपुर गांव निवासी विनोद पुत्र फूल सिंह राजमिस्त्री था। हाल में वह सरधना के जगमोहन नगर मोहल्ले में एक मकान के निर्माण कार्य में लगा हुआ था। बुधवार को निर्माणाधीन मकान से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में राजमिस्त्री की मौत हो गई। मकान मालिक ने उसे आनन-फानन में उसे नगर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही मिस्त्री के परिजन मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मजदूरी के पैसे मांगने पर धक्का देने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दे दी।
परिजनों का कहना था कि एक दिन पहले भी मजदूरी के पैसे मांगने को लेकर मकान मालिक से कहासुनी हुई थी। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही तहरीर के आधार पर जान शुरू कर दी। इस संबंध में इंस्पेक्टर प्रताप सिंह का कहना है कि निर्माणाधीन मकान से गिरकर मिस्त्री की मौत हुई है। तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है।

