- देहरादून और हरिद्वार समेत 12 जनपदों के पुलिस अफसरों के साथ एडीजी और आईजी ने की समीक्षा बैठक
- नहीं जा सकेंगे भारी वाहन 29 से सभी वाहन प्रतिबंधित
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कांवड़ यात्रा के मद्देनजर 22 जुलाई से रूट डायवर्जन प्लान लागू कर दिया जाएगा। सभी प्रकार के भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। 29 जुलाई से सभी प्रकार के वाहन रोक के दायरे में आ जाएंगे। गुरुवार को एडीजी ध्रवकांत ठाकुर की अध्यक्षता में हुई देहरादून व हरिद्वार समेत 12 जनपदों के पुलिस अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में आईजी नचिकेता झा व एसएसपी विपिन ताडा, हरिद्वार के एसपी ट्रैफिक हरिद्वार, एएसपी टैÑफिक देहरादून के अलावा पुलिस उपाधीक्षक टैÑफिक कमिश्नरेट गाजियाबाद, एएसपी ट्रैफिक सहारनपुर, एसपी ट्रैफिक मुजफ्फरनगर, एएसपी टैÑफिक हापुड़, शामली, संभल, एएसपी देहात व एएसपी यातायात बिजनौर, एएसपी बागपत तथा बुलंदशहर भी मौजूद थे।
एडीजी ने कहा कि सुरक्षित, सुगम व व्यवस्थित कांवड़ यात्रा संपन्न कराने के लिए जो भी रूट डायवर्जन प्लान जारी किया जाए उसको सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। आमतौर पर रूट डावर्जन के मामले में छोटी-सी चूक की बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि 12 दिवसीय रूट डायवर्जन प्लान सख्ती से लागू किया जाए। भारी व हल्के वाहनों को लेकर जो व्यवस्था की जाए उसको मातहतों से पालन कराया जाए। उन्होंने जिला वार पूर्व में किए गए रूट डायर्वजन पर भी चर्चा की। साथ ही कांवड़ियों की भारी संख्या के मद्देनजर गाजियाबाद से लेकर हरिद्वार तक सभी जनपदों के टैÑफिक पुलिस अधिकारियों के समन्वय पर जोर दिया।
बैठक में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर एक वाट्सऐप ग्रुप भी सभी जनपदों के पुलिस अधिकारियों का बनाया गया है। इसमें छोटी से छोटी घटना को शेयर करने को कहा गया है। एडीजी ने कैंप के आयोजकों, ट्रांसपोर्टरों, टोल संचालकों, मंदिर कमेटी पदाधिकारियों से वार्ता कर समन्वय बनाने को कहा है। एडीजी ने कांवड़ मार्ग पर महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे, विद्युत व्यवस्था खासतौर से पथ प्रकाश व्यवस्था, मेडिकल कैंप, कांवड मार्ग के टोल जरूरी ट्रैफिक निकलाने को समुचित उपायों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अन्य विभागों से भी समन्वय कायम करें। कांवड़ मार्ग पर जो भी अन्य विभागों से कार्य कराए जाने हैं उस संबंध में वक्त रहते बात कर ली जाए।
कांवड़ यात्रा मार्ग का ये रहेगा रूट डावर्जन प्लान
एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र मिश्रा ने बताया कि रूट डायवर्जन प्लान एडीजी आॅफिस से जारी किया जाएगा। संभावित प्लान में दिल्ली, गाजियाबाद की ओर से आने वाला भारी यातायात जिन्हें मुजफ्फरनगर, सहारनपुर हरिद्वार, देहरादून व बिजनौर जाना है, ऐसे समस्त भारी वाहन गाजियाबाद से हापुड़-बुलंदशहर बाइपास से हापुड़-किठौर फ्लाईओवर से किठौर रोड होकर कस्बा किठौर, हापुड़ से परीक्षितगढ़, मवाना, बहसूमा, रामराज, मीरापुर, जानसठ से मुजफ्फरनगर की ओर जा सकेंगे तथा जिन वाहनों को हरिद्वार व देहरादून की ओर जाना है ऐसे वाहन मीरापुर से गंगा बैराज, बिजनौर, नजीबाबाद होकर हरिद्वार व देहरादून की ओर जा सकेंगे।
यदि कोई वाहन हापुड़ के अंदर से होते हुए मेरठ की ओर आना चाह रहा है। ऐसे सभी वाहनों को पुलिस चौकी साइलों सेकेंड हापुड़ से खरखौदा की ओर नहीं आने दिया जाएगा। किठौर रोड पर भेजा जाएगा। दिल्ली, गाजियाबाद की ओर से आने वाली रोडवेज की बस व हल्के वाहन जिन्हें मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, हरिद्वार, देहरादून व बिजनौर के लिए मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे से होकर जाना है। ऐसे सभी वाहनों को थाना भोजपुर गाजियाबाद कट से हापुड़ शहर होते हुए साइलों सेकेंड चौकी से किठौर रोड होकर कस्बा किठौर-हापुड़ चुंगी तिराहा से मेरठ शहर की ओर तथा कस्बा किठौर से परीक्षितगढ़, मवाना, बहसूमा, रामराज, मीरापुर, जानसठ, से मुजफ्फरनगर की ओर जा सकेंगे।
जिन वाहनों को हरिद्वार व देहरादून की ओर जाना है ऐसे वाहन मीरापुर से गंगा बैराज, बिजनौर, नजीबाबाद होकर हरिद्वार, व देहरादून की ओर जा सकेंगे। देहरादून, हरिद्वार, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर व बिजनौर की ओर से आने वाला भारी यातायात जिसे दिल्ली, गाजियाबाद, हापुड़ व बुलंदशहर की ओर जाना है, ऐसे भारी वाहन मीरापुर, बहसूमा, मवाना बस अड्डा पुलिस चौकी से किला परीक्षितगढ़ रोड की ओर डायवर्ट कर दिये जायेंगे। जो कस्बा किठौर से हापुड़ बुलंदशहर बाइपास होते हुए दिल्ली, गाजियाबाद एवं बुलंदशहर की ओर जा सकेंगे। केवल बस अड्डा पुलिस चौकी मवाना से मेरठ तक आने वाले भारी वाहनों को ही मेरठ की ओर आने दिया जायेगा।
बिना अनुमति नहीं लगेगा कोई भी कांवड़ शिविर
कांवड़ शिविरों को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्त रवैया अख्त्यिार कर लिया है। गुरुवार को शिविर संचालकों के साथ हुई बैठक में एडीएम सिटी बृजेशकुमार सिंह व एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने दो टूक बता दिया कि बगैर अनुमति के कांवड़ शिविर नहीं लगाने दिया जाएगा। इसके अलावा नए कांवड़ शिविरों को भी अनुमति नहीं होगी। कांवड़ कैंपों को पॉलीथिन मुक्त रखने की गारंटी भी देनी होगी। इस संबंध में सीसीएसयू के ब्रहस्पति भवन में गुरुवार को हुई बैठक में बड़ी संख्या में कांवड़ शिविर लगाने वाले आयोजक पहुंचे।
प्रशासन व पुलिस की ओर से एडीएम सिटी व एसपी सिटी मौजूद थे। आयोजकों को बता दिया गया है कि शिविर के लिए जो नियम कायदे बनाए हैं, उनका पालन जरूरी है। साफ-सफाई, पेयजल के अलावा शिविर पॉलीथिन मुक्त बनाया जाए, कैंप के बाहर रोड पर गाड़ी ना पार्क हों। पिछले साल हाइटेंशन से कांवड़ छू जाने के चलते पांच कांवड़ियों की मौत की घटना के मद्देनजर इस साल ट्रांसफार्मर के निकट तथा हाइटेंशन लाइन के नीचे शिविर की सख्त मनाही है। शिविर की रसोई के निकट कोई अनजान न जाए। जहां भी शिविर लगे वहां आसपास भी सफाई का बंदोबस्त हो। एडीएम सिटी ने बताया कि फूड सेफ्टी टीम एक्टिव रहेगी। साथ ही हरिद्वार से दिल्ली की तरफ आने पर शिविर बांई तरफ ही लगाये जायें। जो शिविर लगाना चाहते हैं, उनसे आवदेन मांगे गए हैं।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने शिविर संचालको से कहा कि एनएच-58 पर हाइवे से 20 फीट छोड़कर शिविर लगाएं तथा डिवाइडर पर कांवड़ स्टैंड न बनाया जाये। शिविर में अग्निशमन यंत्र, बालू तथा सीसीटीवी कैमरे का प्रबंध किया जाये। बैठक में शिविर संचालकों द्वारा अस्थायी विद्युत कनेक्शन, अनुमति फार्म की रिसीविंग, वाहन परमीशन, शौचालय की व्यवस्था, शिविर के करीब नालों की साफ-सफाई, पानी टैंकर की व्यवस्था, खराब स्ट्रीट लाइट, खुले व लटकें तारों को दुरुस्त कराने आदि समस्याओं, मांगों से अपर जिलाधिकारी नगर को अवगत कराया गया। जिस पर अपर जिलाधिकारी नगर द्वारा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये। बैठक में एडीएम वित्त सूर्यकांत त्रिपाठी, सिटी मजिस्ट्रेट अनिल कुमार, एसडीएम सरधना पंकज प्रकाश राठौर, डीडीओ अंबरीष कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी रेनू श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।

