- योगी सरकार की अग्निपरीक्षा, पुलिस भर्ती परीक्षा में दूसरे दिन भी ताकत झोंक रहे पुलिस और प्रशासन के अधिकारी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पुलिस भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन भी परीक्षा केंद्रों पर किसी तरह का पत्ता नहीं हिल सका। अलबत्ता सख्ती के चलते शनिवार को भी दोनों पालियों में 11,442 अभ्यर्थी परीक्षा से गायब रहे। इस बार जिस तरह के सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, वो साफ संकेत दे रहे है कि छात्र-छात्राओं के बजाए योगी सरकार के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। दूसरे दिन भी कहीं से किसी नकलची अथवा आपत्तिजनक सामग्री पकड़े जाने की कोई खबर नहीं है। शुक्रवार की तरह ही दोनों पालियों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी परीक्षा केंद्रों पर भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। दूसरे दिन भी करीब 31 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए।
पुलिस भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन भी पुलिस की सख्ती जारी रही। परीक्षा के लिए महानगर में बनाए गए 36 केंद्रों पर सुबह से ही छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। गौतमबुद्धनगर, हापुड़, मुरादाबाद, रामपुर, शामली, सहारनपुर, संभल और बिजनौर के अलावा अन्य जनपदों से आए छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों ने रात में ही मेरठ के रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व दूसरे ठिकानों पर डेरा डाल लिया था। सुबह होते ही यह अभ्यर्थी समय से पहले ही अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर जमा हो गए थे।
सुबह आठ बजे से जैसे ही केंद्रों पर एंट्री शुरू हुई तो पुलिस कर्मियों ने प्रतिबंधित सामानों के लिए अलाउंसमेंट करना शुरू कर दिया था। अभ्यर्थियों को सिर्फ प्रवेश पत्र और एक-दो पैन ले जाने की अनुमति दी गई। प्रवेश से पहले ही हाथों में पहनी राखियां, कलावे, काले धागे कैंची से काट दिए गए थे। यहां तक की जेब में मिले पैसे तक बाहर ही रखवा दिए गए।परीक्षा केंद्रों के बाहर युवक व युवतियों की लाइन अलग-अलग लगवाई गई थी। लाइन में भी अभ्यर्थियों की तलाशी ली जा रही थी।
पुलिसकर्मी आधार कार्ड के नाम से अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र पर लिखे नाम का मिलान कर रहे थे। बायोमेट्रिक, फ्रिस्किंग और सघन चेकिंग के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। परीक्षा शुरू होने के बाद अधिकारियों के आने का सिलसिला शुरू हुआ। अपर पुलिस महानिदेशक डीके ठाकुर, पुलिस महानिरीक्षक नचिकेता झा ने शहर के कई परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं को परखा। जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताड़ा ने केंद्रों पर पहुंचकर सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लेने के साथ अधिनस्थ कर्मचारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
परीक्षा के दूसरे दिन प्रथम पाली में 11579 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 5821 अनुपस्थित रहें। द्वितीय पाली में 11779 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और 5621 गैरहाजिर रहें। दो दिन में 23495 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहें हैं। एसएसपी विपिन ताड़ा ने बताया कि दूसरे दिन भी भर्ती परीक्षा शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से परीक्षा संपन्न हुई। सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के चलते कहीं से भी कोई अप्रिय खबर नहीं मिली है।
हिंदी और सामान्य ज्ञान के सवालों में उलझे परीक्षार्थी
यूपी पुलिस भर्ती के दूसरे दिन शनिवार को दो पालियों में कड़ी निगरानी में 36 केंद्रों पर परीक्षा हुई। इस दौरान पहली पाली में अभ्यर्थियों ने बताया कि गणित व रीजनिंग के सवाल हल करने में परेशानी हुई। जिस वजह से कुछ परीक्षा के समय पर परीक्षा पूरी नहीं कर पाए। इसके अलावा सामान्य ज्ञान व हिंदी के भी कुछ प्रश्नों ने उलझाया। वहीं, दूसरी पाली में परीक्षा देने आये अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र सामान्य था। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने जनवाणी टीम से परीक्षा में आए सवालों पर मिले जुले रिस्पांस दिए
सुबह की पाली में परीक्षा देकर निकले गढ़मुक्तेश्वर निवासी रविशंकर ने बताया कि प्रश्न पत्र मुश्किल था। गणित, जनरल नॉलेज से मुश्किल सवाल पूछे गए थे। जैसे मध्य प्रदेश की जनसंख्या कितनी ऐसे सवालों ने घूमाया। बुलंदशहर निवासी करिश्मा ने बताया कि पेपर सामान्य था। अच्छा दिन में किसी भी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। इस बार परीक्षाओं से बहुत उम्मीद है। मुरादाबाद निवासी राजकुमार ने बताया कि पेपर बहुत अच्छा गया। जिन्होंने भी बारीकी से तैयारी की होगी। उनके लिए पेपर बहुत आसान रहा।

