- पुजारियों ने इसका भोग लगाकर प्रसाद रूप में ग्रहण किया तो इसके दिव्य स्वाद से वह दंग रह गए
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: भारत को देवों की भूमि कहा जाता है। आंध्र प्रदेश का तिरुपति मंदिर प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। विश्वभर में तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद की विशेष महत्वता है। एक कथा के अनुसार जब भगवान वेंकटेश्वर की मूर्ति स्थापित की जा रही थी। तब मंदिर के पुजारी इस उधेड़बुन में थे कि प्रभु को प्रसाद में क्या अर्पित करें? तभी एक बूढ़ी मां हाथ में लड्डू का थाल लेकर उधर आयीं और उन्होंने प्रथम नैवेद्य चढ़ाने की प्रार्थना की जिसे सभी ने स्वीकार किया।
जब पुजारियों ने इसका भोग लगाकर प्रसाद रूप में ग्रहण किया तो इसके दिव्य स्वाद से वह दंग रह गए। उन्होंने बूढ़ी माई से कुछ पूछना चाहा तो देखा कि वो गायब थीं। तब यह माना गया कि स्वयं देवी लक्ष्मी ने प्रसाद का संकेत देने के लिए सहायता की थी। एक किवदंती यह भी है कि भगवान बालाजी ने खुद ही पुजारियों को लड्डू बनाने की विधि सिखाई थी। कहा जाता है कि उसी समय से लड्डू को भगवान वेंकटेश्वर का विशेष प्रसाद माना जाने लगा और इसे भक्तों के बीच बांटने की परंपरा शुरू हुई।
हाल ही में तिरुपति मंदिर के प्रसाद में पशुओं की चर्बी और मछली का तेल पाए जाने का प्रकरण तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को अमूल कंपनी ने भी सार्वजनिक रूप से कहा कि अमूल घी की सप्लाई मंदिर प्रसादम के लिए नहीं की जाती है और दावा किया कि इसका इस्तेमाल मंदिर प्रसादम में नहीं किया जाता है। इस प्रकरण से हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है। आम आदमी हो या साधु संत सभी में रोष देखा जा रहा है। इसी संदर्भ में शनिवार को जनवाणी की टीम ने शहर के प्रतिष्ठित विद्वानों की इस प्रकरण में राय जानी।
डासना देवी मंदिर की महंत यति मां चेतनानंद सरस्वती ने कहा कि हिन्दुओं की आस्था से खिलवाड़ किया गया है। जिसकी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इसके लिए पूर्व सीएम जगनमोहन रेड्डी जिम्मेदार है। मंदिर ट्रस्ट में किसी भी अन्य समुदाय के व्यक्ति का होना उचित नहीं है, क्योंकि उनके और हमारे धर्म में बहुत फर्क है।
आध्यात्मिक गुरु आचार्य मनीष ने कहा कि यह आस्था पर आघात पहुंचाने की अंतर्राष्ट्रीय साजिश है। केंद्र सरकार एवं पीएमओ को इसकी सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश की निगरानी में जांच करानी चाहिए तथा तत्कालीन दोषियों को फांसी की सजा देनी चाहिए।
पंचमुखी हनुमान मंदिर के महंत विवेक शर्मा ने कहा की तिरुपति बालाजी में जो यह लड्डुओं में मिलावट पाई गई है। यह हिंदू धर्म के साथ खिलवाड़ है। इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।

