- राजकीय मेडिकल काॅलेज में बायो सेफ्टी लैब का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण
जनवाणी ब्यूरो |
सहारनपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम वैश्विक महामारी कोविड-19 के चैथे चरण में प्रवेश कर रहे है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण के नियंत्रण के लिए जितना बेहतर सर्विलांस होगा रिजल्ट उतने ही बेहतर आयेंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोविड-19 के मरीजों को होम आइसोलेशन में तभी रखा जाए जब घर पर संक्रमित के लिए अलग से कमरा और शौचालय हो।
उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक सचेत होकर टैस्टिंग करने की आवश्यकता है। जिससे मराीज को समय पर ट्रीटमेंट मिलने से हम बड़े पैमाने पर लोगों की जान बचा सकते है।
मुख्यमंत्री वीडियों काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से शेखुल हिन्द मौलाना महमूद हसन मेडिकल काॅलेज सहारनपुर में बायो सेफ्टी लैब (लेवल-2) का लोकार्पण एवं शुभारम्भ के अवसर पर यह बात कही।
उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी से जिस तरह से मौत हो रही है, वो हम सबके सामने चुनौती वर्ष के प्रारम्भ में शुरू हो गयी थी। उन्होंने कहा कि सर्विलांस को बेहतर करने के साथ ही, इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेण्टर की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए।
काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग तथा डोर-टू-डोर सर्वे कार्य को भी सघन रूप से संचालित किया जाए। कोविड-19 के संक्रमण के प्रति व्यापक जागरूकता का प्रसार इस प्रकार किया जाए, जिससे संक्रमित लोग सामने आने से न घबराएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में अधिक से अधिक आरटीपीसीआर लैब होनी चाहिए। हम यह कार्य करने में सफल हुए है।
उन्होंने कहा कि जितना अच्छा हम मैनपावर इकट्ठा कर सकते है, यह कोविड-19 से लड़ने की दिशा में बहुत बडी उपलब्धि साबित होगी।
उन्होंने कहा कि हर मण्डल मुख्यालय पर बायो सेफ्टी लैब (लेवल-2) की स्थापना करने में हम सफल हुए है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी मैडिकल काॅलेज में आर0टी0पी0सी0आर0 लैब स्थापित की गई है।
यदि आप पूर्वी क्षेत्र में जायेंगे, कालाजार रोग और सहारनपुर में चिकन गुनिया रोग मिलता है। हम लोगो ने काफी हद तक इस पर रोक लगायी। आज हमने 21 लैब उत्तर प्रदेश में मेडिकल काॅलेजों में स्थापित की है। उन्होंने कहा कि इन लैब की स्थापना से कोविड-19 जांच में और अधिक तेजी आयेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपनी टैस्टिंग क्षमता को बढाना पडेगा। उन्होंने कहा कि जब तक कोविड-19 के नियंत्रण की कोई वैक्सीन नही आती है तब तक टैस्टिंग बढाकर ही इस पर विजय प्राप्त कर सकते है। उन्होंने कहा कि डाॅक्टर व जनता के सहयोग से कोरोना को कम करने में सफल रहे है।
यह एक शुभ कार्य लोक कल्याण का हो रहा है। कोविड-19 की इस लडाई मंे यह एक विशेष कदम है। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश के चिकित्सा शिखा एवं वित्त मंत्री श्री सरुेश खन्ना को बधाई दी। साथ ही सांसद, विधायक, चिकित्सक व कोरोना योद्धाओं तथा सभी पात्र व्यक्तियों को बधाई दी।
राजकीय मेडिकल काॅलेज में मण्डलायुक्त श्री संजय कुमार एवं जिलाधिकारी श्री अखिलेश सिंह ने बायो सेफ्टी लैब (लेवल-2) का निरीक्षण किया। वंहा की स्थिति से रू-ब-रू हुए।
उन्होने कोविड-19, आरटीपीसीआर टैस्टिंग, आटो क्लेव रूम, रेस्टरूम, डोनिंग एरिया, पीसीआर रूम, आरएनए एक्सटैक्सन, टैम्पलेट एडिसन, इक्विपमेंट रूम, डिमोन्सट्रेटर रूम आदि का भी निरीक्षण किया।
इस अवसर पर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रभार विभाग खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उप्र डाॅ0 धर्म सिंह सैनी, सांसद कैराना प्रदीप चैधरी, विधायक देवबन्द कुंवर बृजेश, विधायक रामपुर मनिहारान देवेन्द्र निम, जिलाध्यक्ष भाजपा महेन्द्र सैनी के अलावा मण्डलायुक्त श्री संजय कुमार, जिलाधिकारी श्री अखिलेश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डाॅ0 एस चेनप्पा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एसबी सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनोद कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ0 बीएस सोढी, मेडिकल काॅलेज के प्रधानाचार्य डाॅ0 डीएस मर्तोलिया, एसडीएम सदर अनिल कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।

